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जमीन पर कब्जा नहीं ले सका हुडा
कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 05 Oct 2013 12:37 AM IST
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कुरुक्षेत्र के उमरी में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए हुडा (हरियाणा शहरी विकास अथॉरिटी) की ओर से अधिगृहित की गई भूमि का कब्जा लेने के लिए आए जिला प्रशासन के अधिकारियों को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा। इसके चलते जिला प्रशासन की तरफ से आए अधिकारियों को बिना कब्जा लिए ही बैरंग लौटना पड़ा।
हालांकि जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग की तरफ से काफी संख्या में पुलिस मुलाजिम मुस्तैद थे, परंतु किसान यूनियन, भूमि के मालिकों और आसपास के किसानों के दबाव के कारण अधिकारी भूमि पर कब्जा लेने में असफल रहे।
गांव उमरी में कब्जा लेने के लिए मौके पर पहुंचे एसडीएम एसडीएम अशोक बंसल तथा डीएसपी निर्मल सिंह ने कई बार किसानों से बातचीत की परंतु किसान भूमि से कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं हुए। भूमि के मालिक राजबीर सिंह ने बताया कि हुडा ने 28 अक्तूबर 2005 में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए 66 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था।
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आजतक हुडा ने इस भूमि पर कब्जा नहीं लिया, जिसके कारण कब्जा अब तक उनके पास ही है। अधिग्रहण के लिए जो रुपये हुडा विभाग ने भेजे थे वे भी उन्होंने नहीं लिए। इस जमीन पर वे खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 66 एकड़ भूमि में से 55 एकड़ उनके परिवार राजबीर, धर्मबीर, कर्मबीर, सुखबीर, अंग्रेज, शिव कुमार, रविंद्र, अजय, अशोक, जितेंद्र आदि की है।
इसके अलावा तीन एकड़ डॉ. अमीरचंद नागपाल की है। राजबीर के अनुसार कई बार जिला प्रशासन तथा प्रदेश सरकार को भूमि पर कब्जा न करने की अपील की गई।
मौके पर पहुंचे भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढुनी ने चेतावनी दी कि किसानों की भूमि किसी भी कीमत पर अधिग्रहण नहीं करनी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार ने जो नया भूमि अधिग्रहण बिल बनाया है उसके आधार पर प्रदेश सरकार इस भूमि पर कब्जा नहीं ले सकती। मौके पर मौजूद जिला परिषद के चेयरमैन प्रवीण चौधरी ने चेतावनी दी कि किसानों के साथ अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
भाकियू ने शुरू धरना किया
गुरनाम सिंह ने बताया कि जब तक इस भूमि का मामला खत्म नहीं होता तब तक किसान यूनियन के सदस्य इस भूमि पर धरना देते रहेंगे। उन्होंने बताया कि यदि जिला प्रशासन दोबारा इस भूमि पर कब्जा करने के लिए आता है तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज आसपास गांव के सैकड़ों किसान महिलाओं सहित इस भूमि का कब्जा न छोड़ने के लिए डटे रहे।
उमरी में नहीं बनने देंगे ट्रांसपोर्ट नगर
भूमि के मालिक राजबीर ने बताया कि किसी भी कीमत पर उमरी में ट्रांसपोर्ट नगर को नहीं बनने दिया जाएगा। राजबीर के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर बनने से उमरी में अव्यवस्था फैल जाएगी तथा आपराधिक मामले होने भी शुरू हो जाएंगे। राजबीर के अनुसार 2005 में सरकार ने पांच लाख रुपये प्रति एकड़ भूूमि का अधिग्रहण किया था।
कोर्ट केस का हवाला दिया
राजबीर ने बताया कि भूमि पर 40 एकड़ में आलू, 10 एकड़ में धान तथा कुछ भूमि पर पशुओं के लिए चारा बोया हुआ है। उन्होंने बताया कि गत दिवस ही उन्होंने इस भूमि को लेकर केस डाल दिया है जिसकी आगामी तारीख 25 नवंबर 2013 लगी हुई है। राजबीर ने कहा कि कोर्ट को जो भी फैसला देगी उन्हें वह मान्य होगा।
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हालांकि जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग की तरफ से काफी संख्या में पुलिस मुलाजिम मुस्तैद थे, परंतु किसान यूनियन, भूमि के मालिकों और आसपास के किसानों के दबाव के कारण अधिकारी भूमि पर कब्जा लेने में असफल रहे।
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गांव उमरी में कब्जा लेने के लिए मौके पर पहुंचे एसडीएम एसडीएम अशोक बंसल तथा डीएसपी निर्मल सिंह ने कई बार किसानों से बातचीत की परंतु किसान भूमि से कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं हुए। भूमि के मालिक राजबीर सिंह ने बताया कि हुडा ने 28 अक्तूबर 2005 में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए 66 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था।
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आजतक हुडा ने इस भूमि पर कब्जा नहीं लिया, जिसके कारण कब्जा अब तक उनके पास ही है। अधिग्रहण के लिए जो रुपये हुडा विभाग ने भेजे थे वे भी उन्होंने नहीं लिए। इस जमीन पर वे खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 66 एकड़ भूमि में से 55 एकड़ उनके परिवार राजबीर, धर्मबीर, कर्मबीर, सुखबीर, अंग्रेज, शिव कुमार, रविंद्र, अजय, अशोक, जितेंद्र आदि की है।
इसके अलावा तीन एकड़ डॉ. अमीरचंद नागपाल की है। राजबीर के अनुसार कई बार जिला प्रशासन तथा प्रदेश सरकार को भूमि पर कब्जा न करने की अपील की गई।
मौके पर पहुंचे भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढुनी ने चेतावनी दी कि किसानों की भूमि किसी भी कीमत पर अधिग्रहण नहीं करनी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार ने जो नया भूमि अधिग्रहण बिल बनाया है उसके आधार पर प्रदेश सरकार इस भूमि पर कब्जा नहीं ले सकती। मौके पर मौजूद जिला परिषद के चेयरमैन प्रवीण चौधरी ने चेतावनी दी कि किसानों के साथ अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
भाकियू ने शुरू धरना किया
गुरनाम सिंह ने बताया कि जब तक इस भूमि का मामला खत्म नहीं होता तब तक किसान यूनियन के सदस्य इस भूमि पर धरना देते रहेंगे। उन्होंने बताया कि यदि जिला प्रशासन दोबारा इस भूमि पर कब्जा करने के लिए आता है तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज आसपास गांव के सैकड़ों किसान महिलाओं सहित इस भूमि का कब्जा न छोड़ने के लिए डटे रहे।
उमरी में नहीं बनने देंगे ट्रांसपोर्ट नगर
भूमि के मालिक राजबीर ने बताया कि किसी भी कीमत पर उमरी में ट्रांसपोर्ट नगर को नहीं बनने दिया जाएगा। राजबीर के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर बनने से उमरी में अव्यवस्था फैल जाएगी तथा आपराधिक मामले होने भी शुरू हो जाएंगे। राजबीर के अनुसार 2005 में सरकार ने पांच लाख रुपये प्रति एकड़ भूूमि का अधिग्रहण किया था।
कोर्ट केस का हवाला दिया
राजबीर ने बताया कि भूमि पर 40 एकड़ में आलू, 10 एकड़ में धान तथा कुछ भूमि पर पशुओं के लिए चारा बोया हुआ है। उन्होंने बताया कि गत दिवस ही उन्होंने इस भूमि को लेकर केस डाल दिया है जिसकी आगामी तारीख 25 नवंबर 2013 लगी हुई है। राजबीर ने कहा कि कोर्ट को जो भी फैसला देगी उन्हें वह मान्य होगा।