फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   How much effect of solar eclipse on indigenous cows, NDRI started research

देसी गायों पर सूर्य ग्रहण का कितना असर, एनडीआरआई ने शुरू किया शोध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Oct 2022 02:33 AM IST
विज्ञापन
How much effect of solar eclipse on indigenous cows, NDRI started research
सूर्य ग्रहण के दौरान एनडीआरआई में शांत खड़ी देसी गाय।
देव शर्मा
विज्ञापन

करनाल। सूर्य ग्रहण के दौरान देसी गायों पर क्या असर पड़ता है, क्या इन पशुओं की दुग्ध क्षमता और व्यवहार में कोई बदलाव आता है या उनकी स्थिति सामान्य ही रहती है। देसी गायों के व्यवहार और उनकी शारीरिक क्रियाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) शोध कर रहा है। इसी शोध के चलते मंगलवार को सूर्य ग्रहण के दौरान संस्थान में मौजूद गोशाला में जहां पशुओं के व्यवहार की वीडियोग्राफी की गई, वहीं उनकी दुग्ध क्षमता भी जांची गई। वैज्ञानिकों के अनुसार इस पर कुछ स्टडी पहले से की जा चुकी है और अब अगले कुछ दिनों तक पशुओं के व्यवहार, शारीरिक क्रियाओं और दुग्ध क्षमता पर लगातार नजर रखी जाएगी।
हालांकि शोध के नतीजे तो अगले कुछ दिनों में सामने आएंगे लेकिन पशुओं के व्यवहार पर सूर्य ग्रहण का तात्कालिक प्रभाव देखने को जरूर मिला है। जिसमें पशु काफी शांत नजर आए लेकिन बुधवार व वीरवार को भी इनका व्यवहार देखने के बाद ही व्यावहारिक परिवर्तन के बार में कुछ कहा जा सकता है। यूं तो सूर्य ग्रहण के प्रभाव पर एनडीआरआई में पशुओं पर पड़ने वाले प्रभावों को वर्ष 2003 से कवर किया जा रहा है। कई बिंदुओं पर सूर्य ग्रहण के प्रभावों को परखा जा रहा है, इसमें कई प्रभाव देखने को भी मिले हैं। सबसे बड़ा प्रभाव व्यावहारिक परिवर्तन में सामने आया है, जो तत्काल दिख जाता है।
विज्ञापन

पिछले कई सालों में सूर्य ग्रहण के दौरान पशुओं में तात्कालिक प्रभाव देखने को मिला है। गाय शांत हो जाती हैं, एक साइड पर जाकर बैठ जाती हैं, चारा भी नहीं खाती हैं, हालांकि अभी इस पर शोध कर रहे जलवायु परिवर्तन परियोजना के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आशुतोष ने कुछ भी कहने से इनकार किया। उन्होंने बताया कि सूर्य ग्रहण 4:20 बजे से शुरू हुआ, इसके बाद शाम को छह बजे तक देसी गायों की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है। अभी 26 व 27 अक्तूबर को भी लगातार सुबह, दोपहर, शाम और रात को पशुओं के व्यवहार को लगातार परखा जाएगा, इसके बाद ही व्यावहारिक परिवर्तन पर कोई सटीक टिप्पणी की जा सकेगी। इसके अलावा भी कई बिंदुओं पर अध्ययन चल रहा है, जैसे कि सूर्यग्रहण का दुग्ध पर क्या असर पड़ता है, इनकी दैनिक प्रवृत्ति कितनी प्रभावित होती है। कितनी सुस्ती आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पशुओं के साथ इंसानों पर भी असर
उधर, अन्य वैज्ञानिकों ने भी बातचीत में राय जाहिर की कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य से धरती को जो अनवरत ऊर्जा मिलती है, उसमें कमी आ जाती है। जिसके प्रभाव पशुओं के साथ साथ इंसानों पर भी होता है, क्योंकि शरीर की दैनिक ऊर्जा प्रवृत्ति प्रभावित होती है। बायोलॉजिकल क्लॉक अनियमित होता है। जैसे शरीर को जो एनर्जी जिस समय मिलती है, शरीर उसी समय उसका आदी हो जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार उदाहरणतया इस दौरान यदि कोई नौ बजे भोजन करता है, हर रोज उसे उसी समय भूख लग जाती है। जिस समय सोता है, उसे उसी समय नींद लगती है। इसी तरह सूर्य से जो एनर्जी नियमित मिलती है, यदि ग्रहण के दौरान वह कम हो जाती है तो उसका प्रभाव तो पड़ता ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed