{"_id":"69b30ca464ef6f30990268c7","slug":"house-listing-to-begin-may-1-large-scale-survey-before-census-karnal-news-c-18-knl1018-863309-2026-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: एक मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण, जनगणना से पहले बड़े स्तर पर सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: एक मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण, जनगणना से पहले बड़े स्तर पर सर्वे
विज्ञापन
जिला परिषद के सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करती नगर निगम आयुक्त डा. वैशाली शर्मा। प्रवक्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। 2027 की जनगणना की तैयारियों के तहत जिले में मकान सूचीकरण और गणना का कार्य एक मई से शुरू किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर सर्वे कराया जाएगा। इसमें करीब 30 हजार प्रगणक और 500 सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। प्रक्रिया के तहत गांवों, शहरों के साथ-साथ खेतों, ढाणियों, ट्यूबवेलों के कोठड़ों और गांवों से बाहर बने मकानों को भी चिह्नित कर उनकी जानकारी दर्ज की जाएगी।
इसी को लेकर वीरवार को जिला परिषद के कॉन्फ्रेंस हॉल में चार्ज ऑफिसर्स के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। शिविर में मंडल इंचार्ज कविता पांचाल ने पीपीटी से अधिकारियों को मकान सूचीकरण की प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निगम आयुक्त डा. वैशाली शर्मा ने चार्ज ऑफिसर्स से कहा कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और प्राप्त जानकारी को फील्ड में पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करें। मकान सूचीकरण का कार्य समयबद्ध है और प्रशिक्षण के दौरान दी गई जानकारी जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू होनी चाहिए।
हर घर पर मकान नंबर अंकित करना जरूरी होगा और औसतन 700 की आबादी पर एक ब्लॉक बनाया जाएगा। चार्ज ऑफिसर्स को फील्ड के साथ-साथ सीएमएमएस पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों की निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए ताकि किसी भी प्रकार की गलत जानकारी तुरंत रोकी जा सके। साथ ही स्पष्ट किया गया कि पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) का जनगणना से कोई संबंध नहीं है। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी मनीष यादव ने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे जनगणना से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ पूरा करें।
विज्ञापन
मंडल इंचार्ज कविता पांचाल ने बताया कि मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य 1 से 30 मई तक किया जाएगा। भारत में पहली जनगणना वर्ष 1872 में हुई थी और इस बार 16वीं और आजादी के बाद की आठवीं जनगणना आयोजित की जा रही है। कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2021 में जनगणना नहीं हो सकी थी।
डिजिटल माध्यम से जुटाए जाएंगे आंकड़े
भारत की पहली ऐसी जनगणना होगी जिसमें आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए प्रगणकों को अपने स्मार्टफोन का उपयोग करना होगा और सभी आंकड़े सीएमएमएस पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे। सुपरवाइजरों और प्रगणकों की सफल ट्रेनिंग में चार्ज ऑफिसर्स की अहम भूमिका होगी। एक मास्टर ट्रेनर भी नियुक्त किया गया है।
16 अप्रैल से शुरू की जाएगी स्व-गणना
पहली बार परिवारों को स्व-गणना का विकल्प भी दिया जाएगा, जो 16 से 30 अप्रैल तक उपलब्ध रहेगा। इसमें परिवार देश के किसी भी स्थान से ऑनलाइन अपने घर की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। सीएमएमएस पोर्टल के डिजिटल मानचित्र इंटरफेस के माध्यम से परिवार अपने मकान का सटीक स्थान भी चिह्नित कर सकेंगे।
विज्ञापन
करनाल। 2027 की जनगणना की तैयारियों के तहत जिले में मकान सूचीकरण और गणना का कार्य एक मई से शुरू किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर सर्वे कराया जाएगा। इसमें करीब 30 हजार प्रगणक और 500 सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। प्रक्रिया के तहत गांवों, शहरों के साथ-साथ खेतों, ढाणियों, ट्यूबवेलों के कोठड़ों और गांवों से बाहर बने मकानों को भी चिह्नित कर उनकी जानकारी दर्ज की जाएगी।
इसी को लेकर वीरवार को जिला परिषद के कॉन्फ्रेंस हॉल में चार्ज ऑफिसर्स के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। शिविर में मंडल इंचार्ज कविता पांचाल ने पीपीटी से अधिकारियों को मकान सूचीकरण की प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निगम आयुक्त डा. वैशाली शर्मा ने चार्ज ऑफिसर्स से कहा कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और प्राप्त जानकारी को फील्ड में पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करें। मकान सूचीकरण का कार्य समयबद्ध है और प्रशिक्षण के दौरान दी गई जानकारी जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू होनी चाहिए।
विज्ञापन
हर घर पर मकान नंबर अंकित करना जरूरी होगा और औसतन 700 की आबादी पर एक ब्लॉक बनाया जाएगा। चार्ज ऑफिसर्स को फील्ड के साथ-साथ सीएमएमएस पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों की निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए ताकि किसी भी प्रकार की गलत जानकारी तुरंत रोकी जा सके। साथ ही स्पष्ट किया गया कि पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) का जनगणना से कोई संबंध नहीं है। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी मनीष यादव ने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे जनगणना से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ पूरा करें।
विज्ञापन
मंडल इंचार्ज कविता पांचाल ने बताया कि मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य 1 से 30 मई तक किया जाएगा। भारत में पहली जनगणना वर्ष 1872 में हुई थी और इस बार 16वीं और आजादी के बाद की आठवीं जनगणना आयोजित की जा रही है। कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2021 में जनगणना नहीं हो सकी थी।
डिजिटल माध्यम से जुटाए जाएंगे आंकड़े
भारत की पहली ऐसी जनगणना होगी जिसमें आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए प्रगणकों को अपने स्मार्टफोन का उपयोग करना होगा और सभी आंकड़े सीएमएमएस पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे। सुपरवाइजरों और प्रगणकों की सफल ट्रेनिंग में चार्ज ऑफिसर्स की अहम भूमिका होगी। एक मास्टर ट्रेनर भी नियुक्त किया गया है।
16 अप्रैल से शुरू की जाएगी स्व-गणना
पहली बार परिवारों को स्व-गणना का विकल्प भी दिया जाएगा, जो 16 से 30 अप्रैल तक उपलब्ध रहेगा। इसमें परिवार देश के किसी भी स्थान से ऑनलाइन अपने घर की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। सीएमएमएस पोर्टल के डिजिटल मानचित्र इंटरफेस के माध्यम से परिवार अपने मकान का सटीक स्थान भी चिह्नित कर सकेंगे।