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कोविड काल : पंसदीदा प्राइवेट स्कूल में मुफ्त पढ़ने की फिर टूटी आस
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आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की अपने बच्चों को पसंदीदा निजी स्कूल में निशुल्क शिक्षा दिलाने की आस इस साल भी कोविड की वजह से टूट गई है। महामारी के मौजूदा हालातों को देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक नियम 134-ए का शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। जबकि इन दिनों में शेड्यूल के तहत दाखिलों की प्रक्रिया लगभग पूरी हो जाती है। लेकिन विभाग की लेटलतीफी के कारण अभिभावकों में निराशा है।
उधर, निजी स्कूलों में पहली अप्रैल से ही नए सत्र के दाखिले शुरू हो गए थे। ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया लगभग पूरी भी हो चुकी है। ऐसे में शेड्यूल के इंतजार में बैठे अभिभावक बच्चों का अभी तक कहीं भी दाखिला नहीं कर पाए हैं। इससे एक तरफ जहां उन्हें विभाग के नियम का लाभ नहीं मिल पा रहा था। वहीं, दूसरी ओर स्कूलों की सीटें भरने से पढ़ाई से भी वंचित रहने की नौबत आने को है। हालांकि ऐसे विद्यार्थियों के पास अब केवल सरकारी स्कूलों में दाखिलें का अभी विकल्प शेष है। यहां 31 मई तक दाखिला प्रक्रिया चलेगी। करीब 15000 अभिभावकों को शेड्यूल का इंतजार है।
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पिछले साल परीक्षा के बाद ही रुक गई थी प्रक्रिया
वर्ष 2020 में मार्च में शेड्यूल आने के बाद नियम 134-ए के तहत दाखिला देने के लिए विद्यार्थियों की प्रवेश परीक्षा भी आयोजित हो गई थी। लेकिन मार्च के अंतिम दिनों में लॉकडाउन लगने के कारण इस परीक्षा का परिणाम जारी नहीं हुआ और न ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। अभिभावक विजय, लक्ष्य, कविता और ममता ने बताया कि उन्हें मजबूरन बच्चों का पूरे साल की फीस भरते हुए जुलाई माह के बाद दाखिला कराना पड़ा था। इस बार भी ऐसे ही आसार नजर आ रहे हैं।
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345 स्कूलों में हैं 9592 सीटें रिजर्व, दो गुना तक आते हैं आवेदन
नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों में जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा देने के लिए प्रत्येक कक्षा में सीटों का कोटा रिजर्व होता है। जिले में 345 स्कूलों में कक्षा दूसरी से 12वीं तक की 9592 सीटें गत वर्ष तक रिजर्व थी। जिस पर दाखिले के लिए करीब 14 हजार आवेदन जिले भर से आए थे। पिछले पांच सालों में हर साल एक सीट पर दाखिले के लिए दो से तीन बच्चों की मारामारी रहती है। प्रवेश परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर इस नियम के तहत दाखिला दिया जाता है। आवेदन के समय ही बच्चे प्राथमिकता के तौर पर पांच स्कूलों का दाखिले के लिए विकल्प भरते हैं।
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विकल्प : सरकारी और 8 मॉडल संस्कृति स्कूल में दाखिले जारी
नियम 134-ए के तहत दाखिले की आस में बैठे अभिभावकों के पास अपने बच्चों को निशुल्क अंग्रेजी मीडियम में दाखिला कराने के लिए राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों में मौका है। जिले के आठ सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा दूसरी से दाखिले शुरू हैं। सीबीएसई से मान्यता प्राप्त मॉडल संस्कृति विद्यालय तरावड़ी, पाढ़ा, निसिंग, नीलोखेड़ी, मॉडल टाउन करनाल, ब्याना, घरौंडा और रेलवे रोड करनाल में दाखिले के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा सभी सरकारी स्कूलों में भी दाखिले जारी हैं।
अभी तक हरियाणा शिक्षा विभाग की ओर से नियम 134-ए का शेड्यूल जारी नहीं हुआ। कब होगा, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। सरकारी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया जारी है।
- रोहताश वर्मा, डीईईओ करनाल।
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उधर, निजी स्कूलों में पहली अप्रैल से ही नए सत्र के दाखिले शुरू हो गए थे। ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया लगभग पूरी भी हो चुकी है। ऐसे में शेड्यूल के इंतजार में बैठे अभिभावक बच्चों का अभी तक कहीं भी दाखिला नहीं कर पाए हैं। इससे एक तरफ जहां उन्हें विभाग के नियम का लाभ नहीं मिल पा रहा था। वहीं, दूसरी ओर स्कूलों की सीटें भरने से पढ़ाई से भी वंचित रहने की नौबत आने को है। हालांकि ऐसे विद्यार्थियों के पास अब केवल सरकारी स्कूलों में दाखिलें का अभी विकल्प शेष है। यहां 31 मई तक दाखिला प्रक्रिया चलेगी। करीब 15000 अभिभावकों को शेड्यूल का इंतजार है।
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पिछले साल परीक्षा के बाद ही रुक गई थी प्रक्रिया
वर्ष 2020 में मार्च में शेड्यूल आने के बाद नियम 134-ए के तहत दाखिला देने के लिए विद्यार्थियों की प्रवेश परीक्षा भी आयोजित हो गई थी। लेकिन मार्च के अंतिम दिनों में लॉकडाउन लगने के कारण इस परीक्षा का परिणाम जारी नहीं हुआ और न ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। अभिभावक विजय, लक्ष्य, कविता और ममता ने बताया कि उन्हें मजबूरन बच्चों का पूरे साल की फीस भरते हुए जुलाई माह के बाद दाखिला कराना पड़ा था। इस बार भी ऐसे ही आसार नजर आ रहे हैं।
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345 स्कूलों में हैं 9592 सीटें रिजर्व, दो गुना तक आते हैं आवेदन
नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों में जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा देने के लिए प्रत्येक कक्षा में सीटों का कोटा रिजर्व होता है। जिले में 345 स्कूलों में कक्षा दूसरी से 12वीं तक की 9592 सीटें गत वर्ष तक रिजर्व थी। जिस पर दाखिले के लिए करीब 14 हजार आवेदन जिले भर से आए थे। पिछले पांच सालों में हर साल एक सीट पर दाखिले के लिए दो से तीन बच्चों की मारामारी रहती है। प्रवेश परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर इस नियम के तहत दाखिला दिया जाता है। आवेदन के समय ही बच्चे प्राथमिकता के तौर पर पांच स्कूलों का दाखिले के लिए विकल्प भरते हैं।
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विकल्प : सरकारी और 8 मॉडल संस्कृति स्कूल में दाखिले जारी
नियम 134-ए के तहत दाखिले की आस में बैठे अभिभावकों के पास अपने बच्चों को निशुल्क अंग्रेजी मीडियम में दाखिला कराने के लिए राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों में मौका है। जिले के आठ सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा दूसरी से दाखिले शुरू हैं। सीबीएसई से मान्यता प्राप्त मॉडल संस्कृति विद्यालय तरावड़ी, पाढ़ा, निसिंग, नीलोखेड़ी, मॉडल टाउन करनाल, ब्याना, घरौंडा और रेलवे रोड करनाल में दाखिले के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा सभी सरकारी स्कूलों में भी दाखिले जारी हैं।
अभी तक हरियाणा शिक्षा विभाग की ओर से नियम 134-ए का शेड्यूल जारी नहीं हुआ। कब होगा, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। सरकारी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया जारी है।
- रोहताश वर्मा, डीईईओ करनाल।