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बेघरों का दर्द सुनने पहुंचे लोग, फिर से बसाने का दिया भरोसा
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घरौंडा। बरसत रोड पर कस्टोडियन विभाग की ओर से कब्जा हटाने की कार्रवाई के बाद मंगलवार को बेघर हुए लोगों से मिलने के लिए राजनीतिक व समाजसेवी लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता वीरेंद्र सिंह राठौर के पिता अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह राठौर मंगलवार को पीड़ित परिवारों से मिले और उजाड़े गए परिवारों का दुख दर्द बांटते हुए सरकार व प्रशासन को निशाना बनाया। पीड़ित परिवारों को आश्वस्त किया कि उनकी हरसंभव मदद की जाएगी और वे इसी जगह पर डटे रहें। गुस्साए लोगों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
बता दें कि कस्टोडियन विभाग के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ दो दिन तक जेसीबी चलाकर लगभग दस दुकानें व पचास से अधिक मकान ध्वस्त कर दिए थे। जिससे लोगों में सरकार व प्रशासन के खिलाफ गहरा गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है। इसे सरकार व प्रशासन के मुद्दा बनाने में विपक्षियों को भी देर नहीं लगी। यहां पहुंचे अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि प्रशासन को कानून की परिधि में रहकर कार्य करना चाहिए था। पहले नोटिस देने थे, अगर फिर भी लोग जगह खाली नहीं करते, तो उनके घरों के सामने नोटिस चस्पा करते और फिर लोग जगह खाली नहीं करते तो मुनादी कराते। इसके बाद कार्रवाई करनी चाहिए थी। पीड़ितों की बेटियों की शादी व दोबारा घर बसाने में हरसंभव मदद करेंगे। इसी के साथ कई नेता ओर भी लोगों से मिलने पहुंचे।
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बता दें कि कस्टोडियन विभाग के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ दो दिन तक जेसीबी चलाकर लगभग दस दुकानें व पचास से अधिक मकान ध्वस्त कर दिए थे। जिससे लोगों में सरकार व प्रशासन के खिलाफ गहरा गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है। इसे सरकार व प्रशासन के मुद्दा बनाने में विपक्षियों को भी देर नहीं लगी। यहां पहुंचे अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि प्रशासन को कानून की परिधि में रहकर कार्य करना चाहिए था। पहले नोटिस देने थे, अगर फिर भी लोग जगह खाली नहीं करते, तो उनके घरों के सामने नोटिस चस्पा करते और फिर लोग जगह खाली नहीं करते तो मुनादी कराते। इसके बाद कार्रवाई करनी चाहिए थी। पीड़ितों की बेटियों की शादी व दोबारा घर बसाने में हरसंभव मदद करेंगे। इसी के साथ कई नेता ओर भी लोगों से मिलने पहुंचे।
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