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सेहत बिगाड़ रहे खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थ

Sat, 01 Apr 2017 10:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल Updated Sat, 01 Apr 2017 10:41 PM IST
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health, edible matterial sell in open area
करनाल - फोटो : Amar Ujala
शहर में सरेआम बीमारियां परोसी जा रही हैं। सड़कों पर लगी रेहड़ियों पर खाने-पीने का सामान खुले में बिक रहा है। दूषित खाना खाकर जहां शहरवासियों की सेहत खराब हो रही है. वहीं विभाग के पास ऐसे खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने का समय नहीं है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग ने तीन माह में मात्र 15 के सैंपल लिए, इनमें से तीन फेल पाए गए।
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हालांकि, ये सैंपल ब्रांडेड खाद्य पदार्थों के लिए गए हैं, न कि रेहड़ियों पर बिकने वाले सामान के। हकीकत यह है कि शहर में ज्यादातर खाने की चीजें रेहड़ियों पर ही बिक रही हैं। हालांकि, आजकल तेज आंधी व गर्मी का मौसम होने से पूरा दिन रेत व सड़कों पर बिखरी गंदगी उड़कर इन खाद्य पदार्थों में मिल रही है।  
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दोपहर को पेय पदार्थ और शाम को फास्ट फूड वालों पर भीड़ गर्मी शुरू होते ही शहर में पेय पदार्थों की रेहड़ियां बढ़ गई हैं। इन पर खुला सोडा, गन्ने का जूस, बेल पत्थर का जूस, स्ट्रॉंग सोडा, बर्फ का गोला सहित जलजीरा और शिकंजवी की रेहड़ी सड़कों पर देखी जा सकती है। शहर में लगभग 1500 ऐसे रेहड़ी संचालक हैं, जो सड़कों पर खुले में पेय और खाद्य पदार्थ बेचकर लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं। शहर की कोई भी सड़क ऐसी नहीं है, जिसके मोड़ पर रेहड़ी न लगी हो। जहां दोपहर को पेय पदार्थों की रेहड़ियों पर लोगों को भीड़ देखी जा सकती है। वहीं, दोपहर को वहीं भीड़ फास्ट फूड वालों के पास जमा हो जाती है।
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तीन माह में भरे गए केवल 15 सैंपल
स्वास्थ्य विभाग ने 3 महीने में खाद्य पदार्थों के केवल 15 सैंपल लिए हैं, जो बहुत कम है। इनमें से लगभग 3 सैंपल फेल पाए गए हैं, जबकि 6 को चंडीगढ़ लैब में भेजा गया है। उनकी रिपोर्ट आने में लगभग 20 दिन का समय लगेगा। विभाग की ओर से अधिकतर बार तो शिकायत के बाद ही सैंपल लिए जाते हैं। वहीं, चार दिन पूर्व विभाग ने दूध के तो छह सैंपल लिए हैं, जबकि इनकी रिपोर्ट अगले 20 दिन बाद आएगी।  

किस माह में कितने सैंपल लिए
माह    सैंपल    फेल
जनवरी    3    1
फरवरी    6    2  
मार्च    6    -        

गर्मी में रखें डाइट का ध्यान : शर्मा
डायटीशियन चारू कीर्ति शर्मा ने बताया कि खुले में बने खाद्य और पेय पदार्थों को सेवन करने से अमाशय और लीवर के रोगों का खतरा होता है। इसी के साथ खुले खाने पर मक्खियां बैठने से पेट का इंफेक्शन, हैजा, मलेरिया, पेचिश, दस्त जैसे रोग हो जाते हैं। हमेशा शुद्ध खाना ही खाना चाहिए। वहीं खासकर गर्मी में डाइट का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस मौसम में मामूली भी लापरवाही सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। गर्मी में हलका खाना लें और फास्ट फूड से बचें। कभी भी खुले में बनने वाले खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।


निरंतर लिए जाते हैं सैंपल, होती है कार्रवाई : ओम कुमार
खाद्य पदार्थों के सैंपल निरंतर लिए जाते हैं। जो सैंपल फेल पाए जाते हैं, उनके खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। अब गर्मियों में मिनरल वाटर, पैकिंग वाटर, सोडा, कोल्ड ड्रिंक सहित अन्य पेय पदार्थों के सैंपल लिए जाएंगे। ताकि लोगों की सेहत से खिलवाड़ न हो।
-ओम कुमार फूड सेफ्टी ऑफिसर, स्वास्थ्य विभाग
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