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सचिन की दीवानदगी से तोड़ दिया लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स

Sun, 17 Nov 2013 12:03 AM IST
अमर उजाला, कैथ्ाल
अमर उजाला, कैथ्ाल Updated Sun, 17 Nov 2013 12:03 AM IST
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He broke the Limca Book of Records
कैथल में सचिन की दीवानगी जहां आज पूरे विश्व में लोगों के सिर चढ़कर बोल रही है। वहीं कैथल में उनका एक दीवाना ऐसा भी है, जिसने उनकी एक आदत को ही अपना जुनून बना लिया और इस जुनून के चलते उसका नाम लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज भी हुआ। अब जब क्रिकेट के भगवान सन्यास ले रहे हैं तो अशोक मायूस है। उसकी तमन्ना थी कि सचिन ओर ज्यादा खेलते और ज्यादा रिकॉर्ड बनाते।
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कैथल के चंदाना गेट निवासी अशोक सैनी ने बताया कि वह कैथल के पुरानी सब्जी मंडी के पास रेडिमेड गारमेंट्स की दुकान चलाते हैं। वह बचपन से क्रिकेट का दीवाना रहा है। विशेष रूप से सचिन को बैटिंग करते हुए देखना उसका पैशन रहा है।
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सचिन के शारजहा में बनाए गए रिकॉर्ड्स के बाद से तो वह केवल और केवल सचिन की बैटिंग ही देखने के लिए मैच देखते थे। इस दौरान उसकी रुचि बॉडी बिल्डिंग में भी थी। इसी बीच सचिन तेंदुलकर के बैटिंग के दौरान आधी दंड बैठक लगाने की आदत से वह काफी प्रभावित हुआ।
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जैसे कि सचिन तेंदुलकर अक्सर बैटिंग के दौरान हाफ दंड लगाते हैं, उसी से प्रेरणा लेकर उसने हाफ दंड बैठक लगाना शुरू कर दिया। हाफ दंड बैठक लगाने में उससे पहले जालंधर के अशोक कुमार के नाम एक रिकॉर्ड दर्ज था। जिसमें उसने दो घंटे 38 मिनट में 10 हजार हाफ दंड बैठक लगाकर रिकॉर्ड बनाया था।

यह सचिन के प्रति उनकी दीवानगी का ही नतीजा था कि लगातार अभ्यास के चलते उसने 12 अप्रैल 2008 को दो घंटे 27 मिनट में यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस रिकॉर्ड को लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। जिसके लिए उन्हें बाकायदा प्रमाण पत्र जारी किया गया।

टीम इंडिया ने दी थी जर्सी
इस रिकॉर्ड को कायम करने के बाद अशोक ने सचिन से मिलने का प्रयास किया। जिसके लिए वर्ष 26 नवंबर 2008 में मोहाली में इंग्लैंड के साथ हुई क्रिकेट सीरिज के अंतिम मैच में सचिन से मिलने का प्रयास किया। इसके लिए वे बोलिंग कोच वैंकटेश प्रसाद तक तो पहुंच गए। उन्होंने उसके सारे कागजात एवं रिकॉर्ड को देखा और पूरी टीम ने उसके प्रयासों की सराहना की। बाद में वैंकटेश प्रसाद ने सचिन तेंदुलकर की ओर से सहारा इंडिया की जैकेट दी। जिसे वह आज तक सहेज कर रखे हुए है।


सचिन के सन्यास ने किया मायूस
अपने पसंदीदा क्रिकेटर की क्रिकेट से विदाई से अशोक सैनी मायूस हैं। वे सचिन को मैदान में रोते हुए देख खुद भी भावक हो गए। अशोक का कहना है कि वह शीघ्र ही सचिन से मिलने के लिए मुंबई जाएंगे। उनसे हर हाल में मुलाकात करके अपना सपना पूरा करेंगे।
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