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Karnal News: महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस पर किया हवन
Fri, 26 Dec 2025 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 26 Dec 2025 01:14 AM IST
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जाट भवन में आयोजित हवन में आहुतियां डालते भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर और अन्य। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जाट धर्मशाला में वीरवार को एमएसओ ग्रुप की ओर से वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल जी के बलिदान दिवस पर हवन का आयाेजन किया गया। हवन में भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर, जाट धर्मशाला के प्रधान भूपेंद्र लाठर, एमएसओ ग्रुप के प्रधान विक्की नरवाल और समाज के अन्य लोगों ने आहुतियां डालकर विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर प्रवीण लाठर ने कहा कि महाराजा सूरजमल के पिता का नाम बदन सिंह (महेन्द्र) था, वे ब्रज के डीग राज्य के सिनसिनवार गौत्र के जाट महाराजा थे और माता का नाम रानी देवकी था, जो कामा (कॉमर) के अखैराम चौधरी (जाट) की पुत्री थी। उनका जन्म 13 फरवरी, सन 1707 ई. को हुआ।
महाराजा सूरजमल का जन्म 13 फरवरी 1707 को हुआ। उनके पिता राजा बदन सिंह ने ही उनका पालन पोषण किया। राजा सूरजमल को ही भरतपुर रियासत की नींव रखने का श्रेय जाता है। जो आज राजस्थान के भरतपुर शहर के नाम से जाना जाता है। साल 1733 में भरतपुर रियासत की स्थापना की थी। इस अवसर पर भूपेंद्र लाठर ने कहा कि जाट समाज ही नही सभी जाति के लोग वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस को भूला नही सकता। इस अवसर पर संदीप लाठर, दिनेश दलाल, जेपी शेखपुरा, एडवोकेट पूनम दलाल, जयपाल पूनिया, पूर्व विधायक नरेंद्र सागवान और हुकम सिंह के साथ अन्य समाज के लोग उपस्थित रहे।
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करनाल। जाट धर्मशाला में वीरवार को एमएसओ ग्रुप की ओर से वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल जी के बलिदान दिवस पर हवन का आयाेजन किया गया। हवन में भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर, जाट धर्मशाला के प्रधान भूपेंद्र लाठर, एमएसओ ग्रुप के प्रधान विक्की नरवाल और समाज के अन्य लोगों ने आहुतियां डालकर विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर प्रवीण लाठर ने कहा कि महाराजा सूरजमल के पिता का नाम बदन सिंह (महेन्द्र) था, वे ब्रज के डीग राज्य के सिनसिनवार गौत्र के जाट महाराजा थे और माता का नाम रानी देवकी था, जो कामा (कॉमर) के अखैराम चौधरी (जाट) की पुत्री थी। उनका जन्म 13 फरवरी, सन 1707 ई. को हुआ।
महाराजा सूरजमल का जन्म 13 फरवरी 1707 को हुआ। उनके पिता राजा बदन सिंह ने ही उनका पालन पोषण किया। राजा सूरजमल को ही भरतपुर रियासत की नींव रखने का श्रेय जाता है। जो आज राजस्थान के भरतपुर शहर के नाम से जाना जाता है। साल 1733 में भरतपुर रियासत की स्थापना की थी। इस अवसर पर भूपेंद्र लाठर ने कहा कि जाट समाज ही नही सभी जाति के लोग वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस को भूला नही सकता। इस अवसर पर संदीप लाठर, दिनेश दलाल, जेपी शेखपुरा, एडवोकेट पूनम दलाल, जयपाल पूनिया, पूर्व विधायक नरेंद्र सागवान और हुकम सिंह के साथ अन्य समाज के लोग उपस्थित रहे।
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