Haryana: महज 10 सेकेंड का खेल, विदेश में हरियाणा के युवक को गोली मारने का वीडियो आया सामने
परिवार के मुताबिक गोली मारने वाला युवक रिटायर्ड फौजी है। हालांकि अभी उसके नाम का खुलासा नहीं हुआ है। घटना की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है।
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करीब डेढ़ वर्ष पहले 40 लाख रुपये कर्ज लेकर अमेरिका गए गांव हथलाना के युवक प्रदीप उम्र 35 साल की पोर्टलैंड-वाशिंगटन बॉर्डर के पास एक डिपार्टमेंटल स्टोर में गोली मारकर हत्या की गई थी। वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। करीब ढाई मिनट की वीडियो में शाम के पांच बजकर 19 मिनट पर आरोपी ने प्रदीप को गोली मारी और 10 सेकंड बाद उसने अपनी कनपटी पर भी गोली मारकर जीवन लीला समाप्त कर दी।
फुटेज के अनुसार, शाम 05:18 पर नारंगी रंग की टी-शर्ट पहने आरोपी पहले डिपार्टमेंटल स्टोर में आता है। इधर-उधर घूमता है। फिर तेजी से पिस्टल निकालकर बिलिंग काउंटर पर खड़े प्रदीप को 05:19 पर गोली मार देता है। फिर आरोपी खुद की कनपटी पर पिस्टल से गोली मार लेता है। इसके बाद स्टोर में अफरा-तफरी मच गई।
परिवार के मुताबिक गोली मारने वाला युवक रिटायर्ड फौजी है। हालांकि अभी उसके नाम का खुलासा नहीं किया गया है। प्रदीप छह चचेरी सहित आठ बहनों का इकलौता भाई था। उसकी शादी करीब 10 साल पहले हुई थी लेकिन अभी तक कोई संतान नहीं थी। परिवार ने सरकार से अपील की है कि प्रदीप के शव को जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि गांव में अंतिम संस्कार किया जा सके। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि प्रदीप का शव दो नवंबर तक आ सकता है।
आठ महीने में पहुंचा था अमेरिका
प्रदीप की पत्नी रोमी ने बताया कि उन्हें 18 अक्तूबर को उनके अमेरिका में रह रहे भाई का कॉल आया था कि प्रदीप की गोली लगने से मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि जिस स्टोर पर प्रदीप काम कर रहा था, वहां एक रिटायर्ड फौजी ने किसी बात को लेकर फायरिंग की थी, गोली लगने से प्रदीप की मौत हो गई थी। इसके बाद आरोपी रिटायर्ड फौजी ने खुद को भी गोली मार ली है। वह विदेश में जाकर काम करके परिवार की हालत सुधारने का सपना लेकर विदेश गया था। अभी तक वह कर्ज भी नहीं उतार पाया है। उसे वहां तक पहुंचने में आठ महीने लग गए थे। वहां वह एक स्टोर पर काम करता था और तीन-चार दिन पहले ही घर पर बात करके बताया था कि सब ठीक चल रहा है। उसने कहा था कि उसे अब काम मिल गया है और वह जल्द ही कर्ज उतार देगा।
15 मिनट पहले स्टोर पहुंचा था प्रदीप
अमेरिका में रहने वाले एक रिटायर्ड फौजी ने अज्ञात कारणों से अचानक स्टोर में फायरिंग शुरू कर दी। उसी समय प्रदीप भी वहां मौजूद था। परिवार के अनुसार, प्रदीप ने 15 मिनट पहले ही स्टोर में प्रवेश किया था। प्रदीप की मां और बहनों ने सरकार से अपील की है कि प्रदीप के शव को जल्द से जल्द भारत लाया जाए, ताकि गांव में अंतिम संस्कार किया जा सके। ग्रामीण सतपाल पहलवान ने बताया कि परिवार पहले से ही कर्ज में डूबा हुआ है और घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है।