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सीएमआर डिलीवरी में देश के 18 राज्यों में हरियाणा अग्रणी
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देव शर्मा
करनाल। केंद्र सरकार ने हरियाणा को सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) डिलीवरी के तहत 20 हजार टन फोर्टिफाइड राइस सहित करीब 39 लाख मीट्रिक टन चावल देने का लक्ष्य दिया था। 31 मार्च तक प्रदेश के सभी राइस मिलर्स को 80 प्रतिशत सीएमआर देना था, जिसके सापेक्ष 25 मार्च तक ही 86 प्रतिशत सीएमआर की डिलीवरी कर दी गई है। वहीं फोर्टिफाइड राइस की शत प्रतिशत डिलीवरी कर दी गई है। प्रदेश प्रधान हंसराज सिंगला ने बताया कि देश में हरियाणा के साथ-साथ पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, बिहार, पश्चिमी बंगाल आदि 18 राज्य सीएमआर का कार्य करते हैं, जिनमें पहली बार समय से पहले लक्ष्य के अनुरूप डिलीवरी में हरियाणा पहले स्थान रहा है।
हर साल राइस मिलर्स किसी ने किसी कारण से सीएमआर की डिलीवरी देने में पिछड़ जाते थे। फिर सरकार वेरीफिकेशन और एफआईआर आदि की कार्रवाई करती थी, लेकिन पहली बार हरियाणा के राइस मिलर्स ने लक्ष्य से अधिक सीएमआर की डिलीवरी दी है। इसके साथ ही सीएमआर का कार्य करने वाले 18 राज्यों में हरियाणा समय से डिलीवरी के मामले में पहला राज्य बन गया है।
केंद्र सरकार को सीएमआर की डिलीवरी में एक प्रतिशत फोर्टिफाइड चावल भी मिलाकर देना होता है, हालांकि फोर्टिफाइड राइस (एफआरके) का भुगतान केंद्र सरकार ही देती है।
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हरियाणा स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान हंसराज सिंगला ने बताया कि हरियाणा राज्य में 1338 राइस मिलर्स सीएमआर का कार्य करते हैं। ऐसा पहली बार हुआ जब खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के निदेशक विजय दहिया और एसीएस (फूड) अंकुर गुप्ता ने शुरुआती दौर से ही राइस मिलर्स की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित निस्तारण किया। वहीं वरिष्ठ प्रदेश उपप्रधान विनोद कुमार गोयल ने बताया कि पूरे सीजन के दौरान खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का बड़ा सहयोग रहा, केंद्र सरकार ने भी समय से फोर्टिफाइड राइस के मूल्य का भुगतान किया। किसी भी तरह की कोई अड़चन नहीं आई, इसका ही परिणाम है कि लक्ष्य से अधिक चावल आपूर्ति कर दिया गया है।
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करनाल। केंद्र सरकार ने हरियाणा को सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) डिलीवरी के तहत 20 हजार टन फोर्टिफाइड राइस सहित करीब 39 लाख मीट्रिक टन चावल देने का लक्ष्य दिया था। 31 मार्च तक प्रदेश के सभी राइस मिलर्स को 80 प्रतिशत सीएमआर देना था, जिसके सापेक्ष 25 मार्च तक ही 86 प्रतिशत सीएमआर की डिलीवरी कर दी गई है। वहीं फोर्टिफाइड राइस की शत प्रतिशत डिलीवरी कर दी गई है। प्रदेश प्रधान हंसराज सिंगला ने बताया कि देश में हरियाणा के साथ-साथ पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, बिहार, पश्चिमी बंगाल आदि 18 राज्य सीएमआर का कार्य करते हैं, जिनमें पहली बार समय से पहले लक्ष्य के अनुरूप डिलीवरी में हरियाणा पहले स्थान रहा है।
हर साल राइस मिलर्स किसी ने किसी कारण से सीएमआर की डिलीवरी देने में पिछड़ जाते थे। फिर सरकार वेरीफिकेशन और एफआईआर आदि की कार्रवाई करती थी, लेकिन पहली बार हरियाणा के राइस मिलर्स ने लक्ष्य से अधिक सीएमआर की डिलीवरी दी है। इसके साथ ही सीएमआर का कार्य करने वाले 18 राज्यों में हरियाणा समय से डिलीवरी के मामले में पहला राज्य बन गया है।
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केंद्र सरकार को सीएमआर की डिलीवरी में एक प्रतिशत फोर्टिफाइड चावल भी मिलाकर देना होता है, हालांकि फोर्टिफाइड राइस (एफआरके) का भुगतान केंद्र सरकार ही देती है।
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हरियाणा स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान हंसराज सिंगला ने बताया कि हरियाणा राज्य में 1338 राइस मिलर्स सीएमआर का कार्य करते हैं। ऐसा पहली बार हुआ जब खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के निदेशक विजय दहिया और एसीएस (फूड) अंकुर गुप्ता ने शुरुआती दौर से ही राइस मिलर्स की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित निस्तारण किया। वहीं वरिष्ठ प्रदेश उपप्रधान विनोद कुमार गोयल ने बताया कि पूरे सीजन के दौरान खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का बड़ा सहयोग रहा, केंद्र सरकार ने भी समय से फोर्टिफाइड राइस के मूल्य का भुगतान किया। किसी भी तरह की कोई अड़चन नहीं आई, इसका ही परिणाम है कि लक्ष्य से अधिक चावल आपूर्ति कर दिया गया है।