फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Hansraj Sadan won the overall trophy

हंसराज सदन ने ओवरऑल ट्रॉफी पर कब्जा कर मारी बाजी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 02:31 AM IST
विज्ञापन
Hansraj Sadan won the overall trophy
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। प्रोफेसर कॉलोनी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को वार्षिक खेल उत्सव मनाया गया। इस दौरान हुई विविध प्रतियोगिताओं में हंसराज सदन ने ओवरऑल ट्रॉफी लेकर बाजी मारी। कार्यक्रम में सिविल अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन अनुराग गुप्ता मुख्यातिथि मौजूद रहे। खेल उत्सव की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित करके की गई।
विद्यालय के विरजानंद, श्रद्धानंद, हंसराज व दयानंद सदनों ने अपने कप्तानों के नेतृत्व में मार्च पास्ट से अतिथियों को सलामी दी। हेड ब्वॉय और हेड गर्ल ने चारों सदनों के कप्तानों तथा विद्यार्थियों को खेल भावना और खेल को प्रोत्साहित करने कीशपथ दिलवाई। इस दौरान जोकर रेस, हेल्पर्स रेस, मंकी रेस, वन लेग रेस, सैक रेस, लेमन रेस, चाटी रेस, स्लो साइकिलिंग, 100 मीटर, 200 मीटर, रिले रेस, टग ऑफ वार इत्यादि खेल करवाए गए। जिसमें एलकेजी से लेकर 12वीं के विद्यार्थियों ने भाग लिया। यूकेजी के बच्चों ने डॉक्टर, नर्स, रिपोर्टर, आर्मी मैन, मिल्कमैन, सफाई कर्मचारी बनकर हेल्पर्स रेस में भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक देकर पुरस्कृत किया गया। इस दौरान अभिभावकों की भी दौड़ करवाई गई। विजेता अभिभावकों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक से सम्मानित किया। हंसराज सदन ने ओवरऑल ट्रॉफी लेकर बाजी मारी।
विज्ञापन

डीएवी संस्थाओं के कोषाध्यक्ष एमसी शर्मा ने नीरज चोपड़ा और युवराज सिंह का उदाहरण देकर कहा कि लगन व मेहनत से किसी भी क्षेत्र में मुकाम पाया जा सकता है। विद्यालय के प्राचार्य वीके काशिव ने कहा कि सभी विद्यार्थियों को किसी न किसी खेल में भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम का समापन पर ध्वज अवरोहण व राष्ट्रगान से किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विद्यालय के चेयरमैन विजय कपूर ने विद्यार्थियों को जीवन में खेल का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि खेल से सहयोग, अनुशासन और सद्भावना का विकास तो होता ही है। वहीं इससे शरीर भी स्वस्थ रहता है। बच्चे खेलकूद के बदले वीडियो गेम, कार्टून, मोबाइल फोन इत्यादि में समय बिताते हैं, जो सही नहीं है। इससे उनमें शारीरिक विकास की गति धीमी होती जा रही है, ऐसे खेलकूद उत्सव कार्यक्रमों विद्यालयों की गतिविधियों का एक अनिवार्य अंग होना चाहिए। कोरोना के कारण एक लंबे समय के बाद विद्यालय खुले हैं। इस दौरान बच्चे खेलकूद से दूर रहे, जिसका प्रभाव उनके मानसिक व शारीरिक विकास पर हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed