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Karnal News: करनाल में भी बढ़े एच3एन2 वायरल के मरीज
Tue, 23 Sep 2025 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 23 Sep 2025 02:24 AM IST
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401....डा. पारुल।
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दिल्ली के बाद अब करनाल में भी एच3एन2 इन्फ्लुएंजा वायरल के मामले सामने आ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में मरीज आ रहे हैं। फ्लू ओपीडी में रोजाना 35 से 40 मरीज वायरल के आ रहे हैं। इनमें से करीब 10 से 15 मरीजों में एच3एन2 वायरल के लक्षण मिल रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल से माइक्रोबाॅयोलॉजिस्ट व चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल का कहना है कि यह वायरल शरीर को 14-15 दिन तक जकड़े रहता है। मरीज ठीक होने के बाद फिर से इसकी चपेट में आ जाता है। नाक, गले और फेफड़ों पर इसका प्रभाव पड़ता है। डॉ. पारुल का कहना है कि यह वायरल सामान्य वायरल (फ्लू) की तुलना में ज्यादा प्रभावी और लंबे समय तक असर कर रहा है। इसमें मरीज जल्दी कमजोर हो जाता है। बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। संक्रमण तेजी से फैलता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
एच3एन2 वायरल और वायरल में अंतर
सामान्य वायरल में 2–3 दिन में राहत मिल जाती है। एच3एन2 वायरल 14–15 दिन तक असर रहता है। बुखार तेज होता है। सामान्य वायरल में खांसी-जुकाम व हल्की खांसी होती है जबकि एच3एल2 में जुकाम, लगातार खांसी व सांस लेने में परेशानी होती है। मांसपेशियों व जोड़ों में तेज दर्द होता है। कमजोरी होती है।
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ये करें
खांसते और छींकते समय मुंह व नाक ढकें।
हाथ साबुन और पानी से बार-बार धोएं।
भीड़भाड़ वाली जगह पर मास्क पहनें।
पर्याप्त नींद लें और पौष्टिक आहार खाएं।
हर साल फ्लू का टीका लगवाएं।
लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
ये न करें
खुद से एंटीबायोटिक या अन्य दवा न लें।
गंदे हाथों से नाक, मुंह या आंखें न छुएं।
बीमार व्यक्ति के ज्यादा करीब न जाएं।
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करनाल। दिल्ली के बाद अब करनाल में भी एच3एन2 इन्फ्लुएंजा वायरल के मामले सामने आ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में मरीज आ रहे हैं। फ्लू ओपीडी में रोजाना 35 से 40 मरीज वायरल के आ रहे हैं। इनमें से करीब 10 से 15 मरीजों में एच3एन2 वायरल के लक्षण मिल रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल से माइक्रोबाॅयोलॉजिस्ट व चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल का कहना है कि यह वायरल शरीर को 14-15 दिन तक जकड़े रहता है। मरीज ठीक होने के बाद फिर से इसकी चपेट में आ जाता है। नाक, गले और फेफड़ों पर इसका प्रभाव पड़ता है। डॉ. पारुल का कहना है कि यह वायरल सामान्य वायरल (फ्लू) की तुलना में ज्यादा प्रभावी और लंबे समय तक असर कर रहा है। इसमें मरीज जल्दी कमजोर हो जाता है। बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। संक्रमण तेजी से फैलता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
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एच3एन2 वायरल और वायरल में अंतर
सामान्य वायरल में 2–3 दिन में राहत मिल जाती है। एच3एन2 वायरल 14–15 दिन तक असर रहता है। बुखार तेज होता है। सामान्य वायरल में खांसी-जुकाम व हल्की खांसी होती है जबकि एच3एल2 में जुकाम, लगातार खांसी व सांस लेने में परेशानी होती है। मांसपेशियों व जोड़ों में तेज दर्द होता है। कमजोरी होती है।
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ये करें
खांसते और छींकते समय मुंह व नाक ढकें।
हाथ साबुन और पानी से बार-बार धोएं।
भीड़भाड़ वाली जगह पर मास्क पहनें।
पर्याप्त नींद लें और पौष्टिक आहार खाएं।
हर साल फ्लू का टीका लगवाएं।
लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
ये न करें
खुद से एंटीबायोटिक या अन्य दवा न लें।
गंदे हाथों से नाक, मुंह या आंखें न छुएं।
बीमार व्यक्ति के ज्यादा करीब न जाएं।

401....डा. पारुल।