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Karnal News: खेल-खेल में विद्यार्थियों को पढ़ाने के गुर सीखेंगे गुरुजी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2024 07:55 AM IST
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Guruji will learn the tricks of teaching students in a playful manner
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। शिक्षक अब खुद विद्यार्थियों की तर्ज पर कक्षा लगाएंगे। पांच दिवसीय प्रशिक्षण कक्षा में वे खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाना सीखेंगे। निपुण हरियाणा मिशन के तहत बालवाटिका के शिक्षकों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से विशेष तौर पर प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। करनाल में अगले सप्ताह में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा।
राजकीय विद्यालयों में चल रही बालवाटिका के शिक्षक खंड स्तर पर आयोजित होने वाले शिविरों में हिस्सा लेंगे। मॉडल संस्कृति विद्यालयों के शिक्षकों के लिए अलग से जिला स्तर पर शिविर आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक बालवाटिका शिक्षक के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। इसके लिए स्कूल मुखिया की जिम्मेदारी तय की गई है।
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प्रशिक्षण उपरांत शिक्षकों को अपने प्रमाणपत्र भी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। विभाग की ओर से प्रदेश भर के शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए अक्तूबर माह में केआरपी यानी की रिसोर्स पर्सन तैयार किए गए हैं। प्रत्येक शिविर में दो-दो केआरपी शिक्षकों को पढ़ाई में बदलते तरीके और विद्यार्थियों की रुचि बनाने जैसे गुर देंगे। जिले में कुल 485 बालवाटिकाएं हैं।
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प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेंने वाले शिक्षकों को प्री और पोस्ट टेस्ट देना होगा। ताकि पता चले कि उन्होंने कार्यशाला में क्या सीखा है और प्री टेस्ट से उनके वर्तमान स्तर का पता चलेगा। इसके अलावा ऑनलाइन हाजिरी लगानी होगी। इसके लिए प्रतिभागी स्वयं जिम्मेदार होंगे, यह निपुण हरियाणा टीचर एप्प / क्यूआर कोड द्वारा लगाई जाएगी। ऑनलाइन उपस्थिति व प्री टेस्ट/पोस्ट टेस्ट के प्रदर्शन के आधार पर ही प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे।

ये हैं जरूरी निर्देश
प्रशिक्षण के आयोजन के लिए जिला संसाधन समूह का गठन किया गया है। जिसमें डाइट प्रिंसिपल अध्यक्ष, जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) सदस्य सचिव, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एपीसी, तीन बीआरपी और तीन एबीआरसी सदस्य होंगे। प्रशिक्षण के आयोजन में जलपान, दोपहर भोजन, पानी का वॉटर कूलर, स्टेशनरी, बालवाटिका की किट इत्यादि के लिए समुचित बजट उपलब्ध करवाया जाएगा। जिसका खर्च विभागीय नियमानुसार किया जाएगा। तदनुसार ही डीईईओ द्वारा संबंधित डीपीसी को उपयोगिता प्रमाण पत्र दिया जाए। प्रशिक्षण में एससीईआरटी गुरुग्राम व डायट, बायट और जीईटीटीआई संयुक्त रूप से पर्यवेक्षण का दायित्व संभालेंगे। प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन करेंगे। प्रतिभागियों से प्रश्न भी पूछेंगे ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता का आंकलन किया जा सके। डायट से केवल एक सदस्य द्वारा प्रशिक्षण केंद्र में कम से कम दो घंटे के लिए पर्यवेक्षण किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यशाला में उच्च अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़ेंगे। प्रशिक्षण केंद्र का चुनाव ऐसी जगह पर होगा, जहां सभी शिक्षक आसानी से पहुंच सकें। प्रशिक्षण में सभी पीआरटी अपना टैबलेट व बालवाटिका-3 की शिक्षक संदर्शिका एवं कार्यपुस्तिका और कक्षा एक की संदर्शिका एवं कार्यपुस्तिका लेकर आएंगे। - विपिन कुमार, जिला समन्वयक, एफएलएन।
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