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नियमित करने की मांग के लिए अतिथि अध्यापकों ने किया प्रदर्शन
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अतिथि अध्यापकों ने हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के बैनर तले नियमित करने की मांग के लिए प्रदर्शन किया। शिक्षक प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा शास्त्री के नेतृत्व में सेक्टर-12 स्थित फव्वारा पार्क में एकत्रित हुए। जहां से वे रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पर उन्होंने करीब ढाई घंटे तक मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा शास्त्री ने कहा कि भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष ने फरवरी 2014 में दिल्ली जंतर मंतर पर संघ के आमरण अनशन के दौरान उन्हें नियमित करने का वादा किया गया था। फरवरी 2019 में विधानसभा में भी नियमित करने की बात हुई। बाद में नियमित न करके केवल 58 वर्ष तक की जॉब सुरक्षा ही दी गई, जिसमें अन्य कोई लाभ नहीं दिया गया। 2019 के बाद सरकार ने अतिथि अध्यापकों के पद को खाली मान लिया। इससे सभी अध्यापकों में रोष है। संयोजक शशि भूषण ने कहा कि एक्ट में सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले डीए के समान उनके मानदेय में वृद्धि के लिए लिखा गया है। उसको भी अधिकारी तोड़ मरोड़ कर लागू कर रहे हैं। महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष मेनका शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को अधिकारियों की कार्यशैली के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
महासचिव राजकुमार के कहा कि जब अतिथि अध्यापक काम पूरा का रहे हैं तो उनके साथ सौतेला व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा। संयोजक रेखा वर्मा ने सरकार को आगाह किया कि वादा पूरा करें अन्यथा अतिथि अध्यापक अपने हक को लेने के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर नरेन्द्र सारोत, प्रदीप गुर्जर, विनोद कुमार, रामकुमार, सुभाष रावीस, मनोज खोला, कुलदीप संधु, विनय जैन, कुलदीप और बलदेव शास्त्री मौजूद रहे।
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प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा शास्त्री ने कहा कि भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष ने फरवरी 2014 में दिल्ली जंतर मंतर पर संघ के आमरण अनशन के दौरान उन्हें नियमित करने का वादा किया गया था। फरवरी 2019 में विधानसभा में भी नियमित करने की बात हुई। बाद में नियमित न करके केवल 58 वर्ष तक की जॉब सुरक्षा ही दी गई, जिसमें अन्य कोई लाभ नहीं दिया गया। 2019 के बाद सरकार ने अतिथि अध्यापकों के पद को खाली मान लिया। इससे सभी अध्यापकों में रोष है। संयोजक शशि भूषण ने कहा कि एक्ट में सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले डीए के समान उनके मानदेय में वृद्धि के लिए लिखा गया है। उसको भी अधिकारी तोड़ मरोड़ कर लागू कर रहे हैं। महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष मेनका शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को अधिकारियों की कार्यशैली के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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महासचिव राजकुमार के कहा कि जब अतिथि अध्यापक काम पूरा का रहे हैं तो उनके साथ सौतेला व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा। संयोजक रेखा वर्मा ने सरकार को आगाह किया कि वादा पूरा करें अन्यथा अतिथि अध्यापक अपने हक को लेने के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर नरेन्द्र सारोत, प्रदीप गुर्जर, विनोद कुमार, रामकुमार, सुभाष रावीस, मनोज खोला, कुलदीप संधु, विनय जैन, कुलदीप और बलदेव शास्त्री मौजूद रहे।
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