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Karnal News: मेडिकल प्रैक्टिनशनर की मांगों पर ध्यान दे सरकार
Mon, 12 Jun 2023 02:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 12 Jun 2023 02:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सामाजिक चिकित्सक महासंघ ने रविवार को दूसरे दिन लघु सचिवालय के सामने धरना दिया। दूसरे दिन चिकित्सकों के कांग्रेस की विधायक सुमिता सिंह पहुंची। उन्होंने कहा कि सरकार को मेडिकल प्रैक्टिनशनर की मांगों पर ध्यान देना चाहिए। लंबे समय से गली मोहल्लों में जनता को सस्ता इलाज उपलब्ध करवा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आम आदमी के लिए यही डॉक्टर भगवान होते हैं। सरकार मेडिकल प्रैक्टिनशनर को प्राथमिक उपचार देने की अनुमति प्रदान करें। योजना बनाकर सरकार इन्हें ट्रेनिंग भी दिलवा सकती है। उन्होंने कहा कि 2004 से पारित स्वास्थ्य देखरेख कर्मकार विधेयक में संशोधन करके प्रदेश के सभी चिकित्सकों को बिना भेदभाव के प्राथमिक उपचार करने की अनुमति दी जाए। चिकित्सकों पर जो मुकदमे दर्ज हुए हैं उन्हें वापस लिया जाए।
सीएम विंडो में आने वाली फर्जी शिकायतों को आधार बनाकर चिकित्सकों पर कार्रवाई करना अन्याय है। मामले की जांच करते समय चिकित्सक को भी नोटिस देकर उसका पक्ष सुना जाए। जिला प्रधान श्रीचंद तंवर ने कहा कि प्रदेशभर में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा जनता के लिए चिकित्सा की व्यवस्था नहीं है।
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ऐसे में मेडिकल प्रेक्टिनशनर घर-घर जाकर बिना फीस लिए लोगों को प्राथमिक उपचार देते हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। अध्यक्षता महासंघ के करनाल जिला प्रधान श्रीचंद तंवर ने की। इस मौके पर प्रधान डाॅ. श्रीचंद तंवर, डाॅ. सुरिंद्र, डाॅ. प्रवेज, डाॅ. बिट्टू, डाॅ. सत्यवान चोचड़ा, डाॅ. संजय कमालपुर, डाॅ. विजय संगोई, डाॅ. रघुबीर आदि मौजूद रहे।
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करनाल। सामाजिक चिकित्सक महासंघ ने रविवार को दूसरे दिन लघु सचिवालय के सामने धरना दिया। दूसरे दिन चिकित्सकों के कांग्रेस की विधायक सुमिता सिंह पहुंची। उन्होंने कहा कि सरकार को मेडिकल प्रैक्टिनशनर की मांगों पर ध्यान देना चाहिए। लंबे समय से गली मोहल्लों में जनता को सस्ता इलाज उपलब्ध करवा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आम आदमी के लिए यही डॉक्टर भगवान होते हैं। सरकार मेडिकल प्रैक्टिनशनर को प्राथमिक उपचार देने की अनुमति प्रदान करें। योजना बनाकर सरकार इन्हें ट्रेनिंग भी दिलवा सकती है। उन्होंने कहा कि 2004 से पारित स्वास्थ्य देखरेख कर्मकार विधेयक में संशोधन करके प्रदेश के सभी चिकित्सकों को बिना भेदभाव के प्राथमिक उपचार करने की अनुमति दी जाए। चिकित्सकों पर जो मुकदमे दर्ज हुए हैं उन्हें वापस लिया जाए।
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सीएम विंडो में आने वाली फर्जी शिकायतों को आधार बनाकर चिकित्सकों पर कार्रवाई करना अन्याय है। मामले की जांच करते समय चिकित्सक को भी नोटिस देकर उसका पक्ष सुना जाए। जिला प्रधान श्रीचंद तंवर ने कहा कि प्रदेशभर में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा जनता के लिए चिकित्सा की व्यवस्था नहीं है।
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ऐसे में मेडिकल प्रेक्टिनशनर घर-घर जाकर बिना फीस लिए लोगों को प्राथमिक उपचार देते हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। अध्यक्षता महासंघ के करनाल जिला प्रधान श्रीचंद तंवर ने की। इस मौके पर प्रधान डाॅ. श्रीचंद तंवर, डाॅ. सुरिंद्र, डाॅ. प्रवेज, डाॅ. बिट्टू, डाॅ. सत्यवान चोचड़ा, डाॅ. संजय कमालपुर, डाॅ. विजय संगोई, डाॅ. रघुबीर आदि मौजूद रहे।