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राजा कर्ण की प्रतिमा से सोने का दांत गायब

Sun, 29 Dec 2013 10:46 PM IST
करनाल
करनाल Updated Sun, 29 Dec 2013 10:46 PM IST
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Gold statue of King Karna missing teeth
करनाल में जिन दानवीर राजा कर्ण के नाम पर शहर का नाम करनाल पड़ा, आज उनकी प्रतिमाएं लापरवाही और बदइंतजामी का शिकार हो रही हैं।
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नगर निगम के सामने घंटा घर चौक पर लगी राजा कर्ण की एकमात्र प्रतिमा खंडित हो चुकी है। इस प्रतिमा में राजा कर्ण को अंतिम समय में एक ब्राह्मण को अपना स्वर्ण दंत दान करते दर्शाया गया है। विडंबना है कि राजा कर्ण के हाथ से दांत गायब है और दान करते हुए खाली हाथ ही दिखाई दे रहा है।

राजा कर्ण की दान की प्रथा और महता को दर्शाने वाले इस एकमात्र प्रतीक को भी नगर सुधार मंडल की कारगुजारियों ने खंडित कर दिया है। इससे शहर के लोगाें में रोष है।
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शहर के कई अन्य चौक-चौराहों की देखरेख के जिम्मे के साथ घंटाघर चौक की संभाल का जिम्मा भी प्राइवेट कंपनी बेस्ट फूड ने अपने हाथ में लिया था लेकिन घंटाघर चौक को नगर सुधार मंडल ने वापस ले लिया है। अब इस चौक की देखभाल करने वाला कोई नहीं है।
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प्रतिदिन वजन के बराबर सोना दान करते थे कर्ण

शहर के वरिष्ठ नागरिक सुरेंद्र गुप्ता का कहना है कि किदवंती के अनुसार राजा कर्ण प्रतिदिन स्नान के बाद अपने वजन के बराबर सोना ब्राह्मणाें में दान करते थे।

आखिर समय में जब उनके पास दान करने के लिए कुछ नहीं बचा और एक ब्राह्मण उनके पास आए तो उन्हें अपना स्वर्ण दंत उन्हें दान में दिया था। इस चौक पर यही दर्शाने वाली प्रतिमा लगाई गई थी।

इस चौक का निर्माण वर्ष 1974-75 में इमरजेंसी के दौरान करनाल के तत्काल डीसी सुखदेव प्रसाद ने बनवाया था।

चार-पांच महीने तक तो दांत था

चौक के आसपास के दुकानदाराें व काम करने वाले लोगों ने बताया कि चौक की कोई देखभाल नहीं की जाती है। इस पर गंदगी फैल रही है लेकिन कोई साफ सफाई भी करने वाला नहीं है।

तीन-चार महीने पहले तक को राजा कर्ण की प्रतिमा के हाथ में दांत था, जो अब नहीं है। दान का प्रतीक दांत अब गायब है।

हम कर लेंगे देखरेख
प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति के अध्यक्ष नरेंद्र अरोड़ा का कहना है कि जिला प्रशासन, नगर सुधार मंडल और नगर निगम शहर के चौकों पर लगी प्रतिमाओं की देखरेख में पूर्णतया नाकाम साबित हुआ है।

घंटाघर चौक पर राजा कर्ण की लगी एकमात्र प्रतिमा बदहाली का शिकार हो रही है। उनकी संस्था ने कई बार प्रशासन को पत्र लिखकर प्रतिमाओं की देखरेख का जिम्मा देने की अपील की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।

अब भी यदि यह काम प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति को दिया जाता है तो प्रतिमाओं की रक्षा समुचित तरीके से की जाएगी।

नगर सुधार मंडल ने झाड़ा पल्ला
नगर सुधार मंडल के एक्सईएन महीपाल सिंह का कहना है कि घंटाघर चौक और उस पर लगी राजा कर्ण की प्रतिमा की देखरेख का जिम्मा बेस्ट फूड कंपनी ने अपने हाथ में ले रखा है। इसकी देखरेख नगर सुधार मंडल नहीं करता है।

सिर्फ घंटा घर चौक ले लिया वापस
बेस्ट फूट कंपनी के ब्यूटीफिकेशन प्रोजेक्ट इंचार्ज हंसराज पोपली ने बताया कि शहर के सभी चौक-चौराहों की देखरेख व सौंदर्यीकरण का काम उनकी कंपनी निशुल्क करती है।


अक्टूबर माह तक उनकी कंपनी ने घंटाघर चौक की देखरेख की। उन्होंने खुद चौक पर लगी घड़ियां ठीक कराई और इनवर्टर भी लगवाया लेकिन उसके बाद नगर सुधार मंडल ने यह कहते हुए सिर्फ घंटाघर चौक को वापस ले लिया कि वे खुद इस चौक की देखरेख करेंगे। अब वे इस चौक की देखभाल नहीं करते।
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