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Karnal News: प्राइवेट बस परिचालक बीच रास्ते में उतारने पर छात्राओं ने किया प्रदर्शन
Sat, 27 Sep 2025 10:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 27 Sep 2025 10:33 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पंडित चिरंजीलाल शर्मा महाविद्यालय की छात्राओं ने शुक्रवार को प्राइवेट बसों में पास नहीं चलने के विरोध में महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। छात्राओं ने बताया कि प्राइवेट बस चालक सूनसान रास्ते पर उतार देता है। विरोध पर कहता है कि जो तुम से होता है कर लो।
छात्राओं ने कहा कि इस परेशानी के बारे में कई बार पुलिस में शिकायत दे चुके हैं। कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्राइवेट बस संचालकों ने कई बार बीच रास्ते में छात्राओं को उतारा है। कॉलेज व आईटीआई के छात्र-छात्राएं रोजाना बस की परेशानी झेलते हैं। कई सरकारी बस चालक विद्यार्थियों को देखकर गाड़ी रोकते तक नहीं हैं। प्राइवेट बसों में बस पास को न मान कर टिकट लेने के लिए कहा जाता है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर हमने प्रधानाचार्य को लिखित में शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। यदि वक्त रहते इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया जाता है,तो रोडवेज के कार्यालय के बाहर जाकर प्रदर्शन किया जाएगा।
रास्ते में ही उतार दिया
छात्रा रजनी ने बताया कि दो दिन पहले वह कॉलेज से अपने घर जा रही थी प्राइवेट बस से घर जा रही थी। नीलोखेड़ी के नजदीक पहुंचती है तो प्राइवेट बस के कंडक्टर ने उनको बस से उतार दिया।
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सात किमी पैदल चले
कीर्ति ने बताया कि दो दिन पहले पांच से छह लड़कियों को नीलोखेड़ी से डांड जाने वाले रूट पर बीच में ही उतार दिया। छात्राओं के पास को कंडक्टर ने नहीं माना। छात्राओं को 7 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
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करनाल। पंडित चिरंजीलाल शर्मा महाविद्यालय की छात्राओं ने शुक्रवार को प्राइवेट बसों में पास नहीं चलने के विरोध में महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। छात्राओं ने बताया कि प्राइवेट बस चालक सूनसान रास्ते पर उतार देता है। विरोध पर कहता है कि जो तुम से होता है कर लो।
छात्राओं ने कहा कि इस परेशानी के बारे में कई बार पुलिस में शिकायत दे चुके हैं। कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्राइवेट बस संचालकों ने कई बार बीच रास्ते में छात्राओं को उतारा है। कॉलेज व आईटीआई के छात्र-छात्राएं रोजाना बस की परेशानी झेलते हैं। कई सरकारी बस चालक विद्यार्थियों को देखकर गाड़ी रोकते तक नहीं हैं। प्राइवेट बसों में बस पास को न मान कर टिकट लेने के लिए कहा जाता है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर हमने प्रधानाचार्य को लिखित में शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। यदि वक्त रहते इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया जाता है,तो रोडवेज के कार्यालय के बाहर जाकर प्रदर्शन किया जाएगा।
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रास्ते में ही उतार दिया
छात्रा रजनी ने बताया कि दो दिन पहले वह कॉलेज से अपने घर जा रही थी प्राइवेट बस से घर जा रही थी। नीलोखेड़ी के नजदीक पहुंचती है तो प्राइवेट बस के कंडक्टर ने उनको बस से उतार दिया।
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सात किमी पैदल चले
कीर्ति ने बताया कि दो दिन पहले पांच से छह लड़कियों को नीलोखेड़ी से डांड जाने वाले रूट पर बीच में ही उतार दिया। छात्राओं के पास को कंडक्टर ने नहीं माना। छात्राओं को 7 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।