{"_id":"5d4f23aa8ebc3e6cb66e9649","slug":"froad-karnal-news-knl21722153","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्लाट के नाम पर ठगे 12 लाख, संघ कार्यकर्ता कहकर दी धमकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्लाट के नाम पर ठगे 12 लाख, संघ कार्यकर्ता कहकर दी धमकी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव पिचौलिया निवासी दंपती के साथ दो लोगों ने पहले तो प्लाट के नाम पर 12 लाख रुपये ठगे और जब वह रुपये मांगने गया तो उसे आरएसएस का कार्यकर्ता बताकर धमकी भी दी। सदर पुलिस ने इलियास निवास सफीपुर पट्टी बुढाना जिला मुजफ्फर नगर व शमशेर सिंह कलिंगा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पिचौलिया निवासी सविता ने बताया कि फरवरी 2008 में शास्त्री नगर जो शिव कॉलोनी के समीप है। वहां जमीन देखने गए थे। उस दौरान वहां आरोपी इलियास मिला। उसने कहा कि यह सारी जमीन उसकी और शमशेर सिंह कलिंगा की है।
वह उसे ठीक रेट में प्लाट दे देंगे। इस दौरान विष्णु और आजाद नाम के दो व्यक्ति खड़े थे। जिन्होंने कहा कि यह कॉलोनी ठीक है। इसके बाद उनकी बात शमशेर सिंह कलिंगा से हुई। उसने कहा कि वह बड़ा अफसर है। इसलिए उसने यह जमीन अपने नाम नहीं कराई। उन्होंने कम रेट पर प्लाट देने का षड्यंत्र रचा और उनसे 12 लाख रुपये लिए। इसके बाद 20 नवंबर 2008 को जब उसका पति खरीदकर प्लाट की नींव भरने के लिए रेत व बजरी लेकर प्लाट पर पहुंचा तो वहां कुछ लोग मिले। उन्होंने बताया कि यह जमीन किसी इलियास और शमशेर कलिंगा की नहीं है। यह तो विरेंद्र की है। इसके बाद वह कलिंगा के आफिस गए तो उसने पहचानने से भी मना कर दिया और रुपये से भी मुकर गया। इतना ही नहीं उसने धमकी दी कि वह आरएसएस का कार्यकर्ता है। बीजेपी के बड़े नेताओं से अच्छे संबंध हैं।
विज्ञापन
वह उसे ठीक रेट में प्लाट दे देंगे। इस दौरान विष्णु और आजाद नाम के दो व्यक्ति खड़े थे। जिन्होंने कहा कि यह कॉलोनी ठीक है। इसके बाद उनकी बात शमशेर सिंह कलिंगा से हुई। उसने कहा कि वह बड़ा अफसर है। इसलिए उसने यह जमीन अपने नाम नहीं कराई। उन्होंने कम रेट पर प्लाट देने का षड्यंत्र रचा और उनसे 12 लाख रुपये लिए। इसके बाद 20 नवंबर 2008 को जब उसका पति खरीदकर प्लाट की नींव भरने के लिए रेत व बजरी लेकर प्लाट पर पहुंचा तो वहां कुछ लोग मिले। उन्होंने बताया कि यह जमीन किसी इलियास और शमशेर कलिंगा की नहीं है। यह तो विरेंद्र की है। इसके बाद वह कलिंगा के आफिस गए तो उसने पहचानने से भी मना कर दिया और रुपये से भी मुकर गया। इतना ही नहीं उसने धमकी दी कि वह आरएसएस का कार्यकर्ता है। बीजेपी के बड़े नेताओं से अच्छे संबंध हैं।
विज्ञापन