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Karnal: टायर पिघलाने वाली फैक्ट्री में धमाका, चार मजदूर झुलसे; मालिकों व केयरटेकर पर केस दर्ज
Mon, 23 Feb 2026 01:15 PM IST
शाहिल शर्मा
माई सिटी रिपोर्टर, करनाल
माई सिटी रिपोर्टर, करनाल
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 23 Feb 2026 01:15 PM IST
सार
गांव कैरवाली के पास स्थित बजरंग इंडस्ट्रीज में टायर पिघलाने का काम चल रहा था। इसी दौरान रिएक्टर मशीन का मुख्य दरवाजा खोलते समय जोरदार धमाका हो गया।
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करनाल की फैक्ट्री में झुलसे चार मजदूर
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के मंगलोरा गांव स्थित टायर पिघलाकर फर्नेस ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के मामले में पुलिस ने रविवार देर रात कंपनी मालिकों और केयरटेकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे में चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा उपकरणों की कमी और लापरवाही के आरोप सामने आए हैं।
21 फरवरी दोपहर की घटना
21 फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे गांव कैरवाली के पास स्थित बजरंग इंडस्ट्रीज में टायर पिघलाने का काम चल रहा था। इसी दौरान रिएक्टर मशीन का मुख्य दरवाजा खोलते समय जोरदार धमाका हो गया। धमाके के साथ मशीन से आग और कार्बन तेज गति से बाहर निकला, जिसकी चपेट में आकर पास खड़े चार मजदूर बुरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
घायलों की पहचान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के गांव नरायणपुर निवासी मुराली सहानी, रामावध, संजय और जनार्धन के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य श्रमिक मुकुरघुन भी झुलसा है। सभी को पहले करनाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते संजय, रामावध और जनार्धन को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण अभी उनके बयान दर्ज नहीं हो सके हैं।
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21 फरवरी दोपहर की घटना
21 फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे गांव कैरवाली के पास स्थित बजरंग इंडस्ट्रीज में टायर पिघलाने का काम चल रहा था। इसी दौरान रिएक्टर मशीन का मुख्य दरवाजा खोलते समय जोरदार धमाका हो गया। धमाके के साथ मशीन से आग और कार्बन तेज गति से बाहर निकला, जिसकी चपेट में आकर पास खड़े चार मजदूर बुरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
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घायलों की पहचान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के गांव नरायणपुर निवासी मुराली सहानी, रामावध, संजय और जनार्धन के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य श्रमिक मुकुरघुन भी झुलसा है। सभी को पहले करनाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते संजय, रामावध और जनार्धन को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण अभी उनके बयान दर्ज नहीं हो सके हैं।
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गैस के दबाव के कारण हुआ विस्फोट
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में रिएक्टर मशीन में एक बार में सात से आठ टन पुराने टायर डाले जाते हैं और इसे करीब 370 डिग्री सेल्सियस तापमान तक गर्म किया जाता है। 12 से 14 घंटे की प्रक्रिया के बाद मशीन का मुख्य दरवाजा खोलकर ऑयल, लोहे का अवशेष और कार्बन निकाला जाता है। आरोप है कि दरवाजा खोलते ही अंदर जमा गैस के दबाव के कारण तेज विस्फोट हुआ, जिससे मजदूर आग की चपेट में आ गए।
घायल मुराली सहानी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन से कई बार सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की गई थी, लेकिन हर बार आश्वासन देकर टाल दिया गया। सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही के चलते ही यह हादसा हुआ। मुराली वर्ष 2018 से फैक्ट्री में कार्यरत है और उसके परिवार के अन्य सदस्य भी वहीं काम करते हैं।
हादसे की सूचना मिलने पर चौकी मंगलोरा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और पीड़ितों के परिजनों के बयान दर्ज किए। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार देर रात फैक्ट्री मालिक सुमित, राहुल और केयरटेकर बलराज के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
जांच अधिकारी मनजीत कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका, सुरक्षा मानकों के पालन और हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में रिएक्टर मशीन में एक बार में सात से आठ टन पुराने टायर डाले जाते हैं और इसे करीब 370 डिग्री सेल्सियस तापमान तक गर्म किया जाता है। 12 से 14 घंटे की प्रक्रिया के बाद मशीन का मुख्य दरवाजा खोलकर ऑयल, लोहे का अवशेष और कार्बन निकाला जाता है। आरोप है कि दरवाजा खोलते ही अंदर जमा गैस के दबाव के कारण तेज विस्फोट हुआ, जिससे मजदूर आग की चपेट में आ गए।
घायल मुराली सहानी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन से कई बार सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की गई थी, लेकिन हर बार आश्वासन देकर टाल दिया गया। सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही के चलते ही यह हादसा हुआ। मुराली वर्ष 2018 से फैक्ट्री में कार्यरत है और उसके परिवार के अन्य सदस्य भी वहीं काम करते हैं।
हादसे की सूचना मिलने पर चौकी मंगलोरा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और पीड़ितों के परिजनों के बयान दर्ज किए। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार देर रात फैक्ट्री मालिक सुमित, राहुल और केयरटेकर बलराज के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
जांच अधिकारी मनजीत कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका, सुरक्षा मानकों के पालन और हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।