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नहीं रहे पूर्व विधायक हरनाम सिंह
कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 20 Nov 2013 04:15 PM IST
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शौर्य पुरस्कार विजेता, शाहाबाद के पूर्व विधायक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य डा. हरनाम सिंह का मंगलवार मंगलवार को निधन हो गया।
डॉ. हरनाम सिंह एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने सारी उम्र दूसराें के लिए संघर्ष किया। उन्होंने हमेशा ही किसानों और मजदूराें के हकाें के लिए हमेशा आवाज उठाई।
डा. हरनाम सिंह एक राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ काफी ज्ञानी व्यक्ति थे। उन्हें प्रदेश के किस क्षेत्र में कितनी बरसात हुई है और किस नदी में कितना पानी बह रहा है।
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इस बारे में सारी जानकारी थी। शाहाबाद में 25 वर्ष पहले नौ अप्रैल 1988 को आतंकवादियों से जूझते हुए उनके बेटे खुशदेव सिंह, गुरप्रीत कौर और गुरदीप सिंह की मौत हो गई थी।
आतंकवादियों ने किया था हमला
वर्ष 1988 में तत्कालीन भाकपा विधायक डॉ. हरनाम सिंह के आवास पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में उनके ज्येष्ठ पुत्र एडवोकेट खुशदेव सिंह, पुत्रवधू गुरप्रीत कौर और नजदीकी रिश्तेदार गुरदीप सिंह की मौत हो गई थी। इस दौरान वह, उनकी पत्नी बीबी जसवंत कौर और नजदीकी रिश्तेदार हीरा सिंह भी आतंकवादियों की गोलियां लगने पर गंभीर रुप से घायल हो गए थे।
उनकी इस बहादुरी को देखते हुए ही तत्कालीन राष्ट्रपति आर. वैंकटरमन ने उनके परिवार के पांत सदस्यों को शौर्य चक्र देकर सम्मानित किया था।
स्मारक की सीएम ने की थी घोषणा
तत्कालीन मुख्यमंत्री देवीलाल ने शाहाबाद पहुंचकर खुशदेव सिंह की स्मृति में एक स्मारक बनाने और विधायक के निवास वाली गली का नाम गली शहीदां रखने की घोषणा की थी।
इसके अलावा बराड़ा-जीटी रोड़ चौक पर खुशदेव सिंह के नाम पर एक पार्क बनाने तथा उसमें उनकी प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा भी की थी। नगरपालिका शाहाबाद को खुशदेव सिंह की प्रतिमा स्थापित करने के लिए सरकार ने उस समय 1.25 लाख रुपये दिए गए थे।
जिसके बाद नगरपालिका ने एक मूर्तिकार से उनकी प्रतिमा का निर्माण करवाया था, लेकिन इस मुद्दे विवाद हो गया था और प्रतिमा आज तक नहीं लगाई जा सकी है। नगरपालिका की ओर से बनवाई गई उक्त प्रतिमा का चेहरा खुशदेव से नहीं मिलता था, जिस कारण परिवार ने ही नहीं, अपितु नगर के गणमान्य लोगों ने भी इस प्रतिमा को नकार दिया था।
विस्तारीकरण की भेंट चढ़ा खुशदेव पार्क
खुशदेव सिंह की स्मृति में जीटी रोड़ पर निर्माणाधीन पार्क में प्रतिमा लगाने के लिए फाउंडेशन भी बनाई गई। उनके नाम से बोर्ड लगाने के अलावा पौधे भी लगाए गए, लेकिन जीटी रोड़ विस्तारीकरण के चलते इस पार्क और फाउंडेशन को खत्म कर दिया गया।
लाडवा रोड चौंक पर भी नही लगेगी प्रतिमा
नगरपालिका प्रधान सुदर्शन कक्कड़ ने माना कि जिस चौक पर खुशदेव की प्रतिमा लगाई जानी प्रस्तावित थी, वह चौक जीटी रोड विस्तारीकरण में आ गया है।
जब उनसे यह पूछा गया कि पिछले वर्ष उन्होंने शाहाबाद-लाडवा रोड चौक पर शहीदों की प्रतिमाएं लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वे आज तक नहीं लगी।
तो कक्कड़ ने बताया कि कोर्ट ने स्टेट हाईवे पर नई प्रतिमा लगाने पर प्रतिबंध लगाया है, इसलिए शाहाबाद-लाडवा रोड चौक पर प्रतिमाएं नहीं लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि शहर मे कोई अन्य उपयुक्त स्थान इसके लिए तलाश किया जा रहा है।
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डॉ. हरनाम सिंह एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने सारी उम्र दूसराें के लिए संघर्ष किया। उन्होंने हमेशा ही किसानों और मजदूराें के हकाें के लिए हमेशा आवाज उठाई।
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डा. हरनाम सिंह एक राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ काफी ज्ञानी व्यक्ति थे। उन्हें प्रदेश के किस क्षेत्र में कितनी बरसात हुई है और किस नदी में कितना पानी बह रहा है।
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इस बारे में सारी जानकारी थी। शाहाबाद में 25 वर्ष पहले नौ अप्रैल 1988 को आतंकवादियों से जूझते हुए उनके बेटे खुशदेव सिंह, गुरप्रीत कौर और गुरदीप सिंह की मौत हो गई थी।
आतंकवादियों ने किया था हमला
वर्ष 1988 में तत्कालीन भाकपा विधायक डॉ. हरनाम सिंह के आवास पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में उनके ज्येष्ठ पुत्र एडवोकेट खुशदेव सिंह, पुत्रवधू गुरप्रीत कौर और नजदीकी रिश्तेदार गुरदीप सिंह की मौत हो गई थी। इस दौरान वह, उनकी पत्नी बीबी जसवंत कौर और नजदीकी रिश्तेदार हीरा सिंह भी आतंकवादियों की गोलियां लगने पर गंभीर रुप से घायल हो गए थे।
उनकी इस बहादुरी को देखते हुए ही तत्कालीन राष्ट्रपति आर. वैंकटरमन ने उनके परिवार के पांत सदस्यों को शौर्य चक्र देकर सम्मानित किया था।
स्मारक की सीएम ने की थी घोषणा
तत्कालीन मुख्यमंत्री देवीलाल ने शाहाबाद पहुंचकर खुशदेव सिंह की स्मृति में एक स्मारक बनाने और विधायक के निवास वाली गली का नाम गली शहीदां रखने की घोषणा की थी।
इसके अलावा बराड़ा-जीटी रोड़ चौक पर खुशदेव सिंह के नाम पर एक पार्क बनाने तथा उसमें उनकी प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा भी की थी। नगरपालिका शाहाबाद को खुशदेव सिंह की प्रतिमा स्थापित करने के लिए सरकार ने उस समय 1.25 लाख रुपये दिए गए थे।
जिसके बाद नगरपालिका ने एक मूर्तिकार से उनकी प्रतिमा का निर्माण करवाया था, लेकिन इस मुद्दे विवाद हो गया था और प्रतिमा आज तक नहीं लगाई जा सकी है। नगरपालिका की ओर से बनवाई गई उक्त प्रतिमा का चेहरा खुशदेव से नहीं मिलता था, जिस कारण परिवार ने ही नहीं, अपितु नगर के गणमान्य लोगों ने भी इस प्रतिमा को नकार दिया था।
विस्तारीकरण की भेंट चढ़ा खुशदेव पार्क
खुशदेव सिंह की स्मृति में जीटी रोड़ पर निर्माणाधीन पार्क में प्रतिमा लगाने के लिए फाउंडेशन भी बनाई गई। उनके नाम से बोर्ड लगाने के अलावा पौधे भी लगाए गए, लेकिन जीटी रोड़ विस्तारीकरण के चलते इस पार्क और फाउंडेशन को खत्म कर दिया गया।
लाडवा रोड चौंक पर भी नही लगेगी प्रतिमा
नगरपालिका प्रधान सुदर्शन कक्कड़ ने माना कि जिस चौक पर खुशदेव की प्रतिमा लगाई जानी प्रस्तावित थी, वह चौक जीटी रोड विस्तारीकरण में आ गया है।
जब उनसे यह पूछा गया कि पिछले वर्ष उन्होंने शाहाबाद-लाडवा रोड चौक पर शहीदों की प्रतिमाएं लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वे आज तक नहीं लगी।
तो कक्कड़ ने बताया कि कोर्ट ने स्टेट हाईवे पर नई प्रतिमा लगाने पर प्रतिबंध लगाया है, इसलिए शाहाबाद-लाडवा रोड चौक पर प्रतिमाएं नहीं लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि शहर मे कोई अन्य उपयुक्त स्थान इसके लिए तलाश किया जा रहा है।