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Karnal News: प्रभु का सुमिरण करते हुए बनाना चाहिए भोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। न्यू रमेश नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते हुए सर्वेश कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हमें रोजाना अपनी रसोई में प्रभु का सुमिरण करते हुए भोजन प्रसाद बनाना चाहिए, ताकि परिवार के सभी लोग प्रसाद ग्रहण कर सकें। क्योंकि कहा भी गया है जैसा खाओगे अन्न वैसा होगा मन। रसोई में रोजाना सुबह सबसे पहली रोटी गौ माता की और अंतिम रोटी कुत्ते की निकालनी चाहिए, इससे प्रभु की कृपा होती है।
कथा में शास्त्री ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण की आठ पत्नियां थीं जिनमें रुक्मिणी, जाम्बवंती, सत्यभामा, कालिंदी, मित्रबिंदा, सत्या, भद्रा, लक्ष्मणा के अलावा भगवान श्री कृष्ण की 16,000 और पत्नियां बताई जाती हैं। कथा के अनुसार असुर नरकासुर ने 16 हजार राजकन्याओं को बंदी बना रखा था। श्रीकृष्ण ने उसका वध किया और सभी कैद कन्याओं को मुक्त कराया। समाज से बहिष्कृत होने के डर से इन कन्याओं ने कृष्ण को अपना पति मान लिया था, तब श्रीकृष्ण ने 16,108 रूप में प्रकट होकर उनसे विवाह किया था। कथा में जेबीटी ग्रुप के अध्यक्ष भारत भूषण कपूर, आशा बहन, संजीव मेहता, रोहित गुप्ता, देवराज कोहली, ओमप्रकाश, वरुण शर्मा, अनिल पोपली, जगदीश, सुनील, प्रेम मदान, सरदार बरजिंद्र बाबा, अशोक अरोड़ा और अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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करनाल। न्यू रमेश नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते हुए सर्वेश कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हमें रोजाना अपनी रसोई में प्रभु का सुमिरण करते हुए भोजन प्रसाद बनाना चाहिए, ताकि परिवार के सभी लोग प्रसाद ग्रहण कर सकें। क्योंकि कहा भी गया है जैसा खाओगे अन्न वैसा होगा मन। रसोई में रोजाना सुबह सबसे पहली रोटी गौ माता की और अंतिम रोटी कुत्ते की निकालनी चाहिए, इससे प्रभु की कृपा होती है।
कथा में शास्त्री ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण की आठ पत्नियां थीं जिनमें रुक्मिणी, जाम्बवंती, सत्यभामा, कालिंदी, मित्रबिंदा, सत्या, भद्रा, लक्ष्मणा के अलावा भगवान श्री कृष्ण की 16,000 और पत्नियां बताई जाती हैं। कथा के अनुसार असुर नरकासुर ने 16 हजार राजकन्याओं को बंदी बना रखा था। श्रीकृष्ण ने उसका वध किया और सभी कैद कन्याओं को मुक्त कराया। समाज से बहिष्कृत होने के डर से इन कन्याओं ने कृष्ण को अपना पति मान लिया था, तब श्रीकृष्ण ने 16,108 रूप में प्रकट होकर उनसे विवाह किया था। कथा में जेबीटी ग्रुप के अध्यक्ष भारत भूषण कपूर, आशा बहन, संजीव मेहता, रोहित गुप्ता, देवराज कोहली, ओमप्रकाश, वरुण शर्मा, अनिल पोपली, जगदीश, सुनील, प्रेम मदान, सरदार बरजिंद्र बाबा, अशोक अरोड़ा और अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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