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करनाल की पेंट्स फैक्टरी में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान
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अनाज मंडी गेट पर स्थित देश के विभिन्न राज्यों को पेंट्स की आपूर्ति करनी वाली कर्ना पेंट्स फैक्टरी में सोमवार की शाम भीषण आग लग गई। इसकी जानकारी तब हुई जब शाम को करीब साढ़े पांच बजे फैक्टरी में काम बंद करने के बाद सभी बाहर आ रहे थे। तभी गार्ड ने फैक्टरी संचालक को धुआं उठने की जानकारी दी। इसके बाद आग भड़कती चली गई। उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक समेत कई पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। बुड्ढा केमिकल फार्म के अलावा करनाल के आसपास के अग्निशमन केंद्रों व पानीपत, कुरुक्षेत्र आदि पड़ोसी जिलों से भी दमकलों को बुलाया गया लेकिन इसके बावजूद अतिज्वलनशील पेंट्स में आग बुझाना मुश्किल हो रहा था। करीब साढ़े तीन घंटे के बाद नौ बजे रात्रि को ही आग पर काबू पाया जा सका। फैक्टरी मालिक ने करीब चार से पांच करोड़ रुपये तक के नुकसान की आशंका जताई है। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है।
करनाल के अनाज मंडी गेट पर कर्ना पेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से सुभाष कालोनी निवासी सरदार वीरेंद्र सिंह की फैक्टरी है। यहां से देश के अधिकांश राज्यों को पेंट्स की आपूर्ति की जाती है। फैक्टरी मालिक का बेटा अमन सिंह ने बताया कि सरदार वीरेंद्र सिंह तो उस समय फैक्टरी पर नहीं थे। सारे वर्कर पांच बजे ही निकल चुके थे। फैक्टरी में काम बंद हो चुका था, वह और कुछ अन्य कर्मचारी फैक्टरी से बाहर निकलने वाले थे, तभी शाम करीब 5.30 बजे गार्ड ने दौड़कर बताया कि फैक्टरी के पिछले हिस्से से धुआं निकल रहा है। तत्काल जाकर देखा तो आग पेंट्स के ड्रमों में लग चुकी थी। तत्काल ही अग्निशमन केंद्र को सूचना दी तो पांच मिनट ही दमकल पहुंच गईं। इसके बाद अन्य दमकलों को मौके पर बुलाया गया, लेकिन आग रुकने का नाम नहीं ले रही थी। सूचना पर उपायुक्त निशांत कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भौरिया, एसडीएम नरेंद्रपाल मलिक, डीएसपी राजीव सहित कई पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने करनाल की सात दमकलों के साथ घरौड़ा, निसिंग आदि आसपास की फायर वैन को भी बुला लिया। पानीपत और कुरुक्षेत्र, बुड्ढ़ा फार्म केमिकल फार्म आदि से भी दमकलों को बुलाया गया लेकिन पेंट्स में डाले जाने वाले सभी पदार्थ और केमिकल अति ज्वलनशील होते हैं, इस कारण पानी व फोममिश्रित पानी का भी अधिक प्रभाव नहीं पड़ रहा था। करीब पच्चीस दमकलों की लगातार साढ़े तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद करीब नौ बजे आग पर काबू पाया जा सका।
कई किमी दूर से दिखा धुएं का गुबार
जब कर्ना पेंट्स फैक्टरी में आग लगी तो आसमान पर धुएं का ऐसा गुबार हो गया, जिसे कई किलोमीटर तक देखा गया। पेंट्स के ड्रम लगातार फटते जा रहे थे, जिसके कारण जितनी आग बुझती थी, उससे अधिक फिर भड़क उठती थी। जब नए ड्रम में आग लगती थी तो स्याह धुएं का जो गुबार उठता था, वह काफी ऊंचाई तक जाता था। मौके पर अंधेरा हो जाता था।
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दमकल कर्मियों को आग बुझाने में आई दिक्कतें
अग्निशमन विभाग की दमकल पहुंची तो वहां फैक्टरी के अंदर जाने का कोई रास्ता नहीं था, जिसके कारण जेसीबी बुलाकर फैक्टरी की ओक दीवार को तोड़ना पड़ा। तब जाकर फैक्टरी के अंदर लगी आग पर पानी की बौछार हो सकी। जहां पर आग लगी थी, वहां ना तो कोई फायर हाइड्रेंट था और ना ही पानी भरने का कोई अन्य साधन। इसलिए दमकलों को बाहर से पानी भरकर लाना पड़ा।
करनाल व आसपास के साथ पानीपत, कुरुक्षेत्र से भी फायर वैन बुलाई गई है, करीब 25 दमकलें लगी हैं। ड्रोन कैमरे से देखा गया कि फैक्टरी के दसवें हिस्से में ही आग रही, अन्य दूसरी तरफ से आग को रोक लिया गया। कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन मालिक को संपत्ति के भारी नुकसान की आशंका है। प्रथम दृष्टया जो जानकारी हो सकी है, उसके अनुसार शार्ट सर्किट से ही आग लगने की बात सामने आ रही है।
निशांत कुमार यादव, उपायुक्त करनाल।
-अभी तो फैक्टरी में पानी ही पानी है, कितना नुकसान हुआ, अभी इसका सहीं आंकलन नहीं हो सका है लेकिन अनुमान के मुताबिक चार से पांच करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो सकता है। सभी पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर हैं, दमकल कर्मी भी पूरी मेहनत कर रहे हैं। लेकिन पेंट्स रॉ मैटेरियल व पेंट्स स्वयं भी अति ज्वलनशील होता है, इसलिए आग बुझाने में दिक्कत आ रही है।
सरदार वीरेंद्र सिंह, मालिक कर्ना पेंट्स प्राइवेट लिमिटेड करनाल।
अग्निशमन केंद्र कर्मचारी शिद्दत से आग बुझाने में जुटे हैं, आसपास से भी प्रशासन ने दमकलों को बुलाया है। गर्मी का सीजन है, दुकानदारों को भी एहतियात बरतनी चाहिए कि वह गर्मियों में सुरक्षा के सभी संसाधनों को रखें। किसी भी तरह की लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। रांवर गांव में नहर कटने से जिन ग्रामीणों को नुकसान हुआ है, उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है, उनके नुकसान की भरपाई भी यथासंभव कराई जाएगी।
जगमोहन आनंद, जिलाध्यक्ष भाजपा करनाल।
जो दिख रहा है, वह कहना चाहिए, मौके पर जिला प्रशासन और पुलिस के सभी बड़े अधिकारी हैं, कई अग्निशमन की गाड़ियां आग बुझाने में लगी हैं, लेकिन पेंट्स ज्वलनशील होने के कारण आग पर काबू पाने में दिक्कत आ रही है। फैक्टरी मालिक व उनके परिजन घबराए हुए हैं, उन्हें धैर्य बनाए रखना चाहिए। यह गनीमत रही कि इतनी बड़ी आग में किसी की जान नहीं गई। नुकसान तो हुआ ही है।
-त्रिलोक सिंह, जिला संयोजक कांग्रेस कमेटी करनाल।
मदद को पहुंचे डेरा सच्चा सौदा के वॉलिंटियर
-अनाज मंडी गेट पर कर्ना पेंट्स फैक्टरी में जब आग लगने की सूचना मिली तो तत्काल ही डेरा सच्चा सौदा सिरसा के 250 वॉलिंटियर यहां पहुंचे। आग तो दमकलें बुझा रही थी लेकिन मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने में उन्होंने प्रशासन की मदद की। इसके बाद यहां करीब साढ़े आठ बजे पांच सौ वॉलिंटियर और पहुंच गए, जिससे भीड़ को आग से दूर रखने में मदद मिली।
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करनाल के अनाज मंडी गेट पर कर्ना पेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से सुभाष कालोनी निवासी सरदार वीरेंद्र सिंह की फैक्टरी है। यहां से देश के अधिकांश राज्यों को पेंट्स की आपूर्ति की जाती है। फैक्टरी मालिक का बेटा अमन सिंह ने बताया कि सरदार वीरेंद्र सिंह तो उस समय फैक्टरी पर नहीं थे। सारे वर्कर पांच बजे ही निकल चुके थे। फैक्टरी में काम बंद हो चुका था, वह और कुछ अन्य कर्मचारी फैक्टरी से बाहर निकलने वाले थे, तभी शाम करीब 5.30 बजे गार्ड ने दौड़कर बताया कि फैक्टरी के पिछले हिस्से से धुआं निकल रहा है। तत्काल जाकर देखा तो आग पेंट्स के ड्रमों में लग चुकी थी। तत्काल ही अग्निशमन केंद्र को सूचना दी तो पांच मिनट ही दमकल पहुंच गईं। इसके बाद अन्य दमकलों को मौके पर बुलाया गया, लेकिन आग रुकने का नाम नहीं ले रही थी। सूचना पर उपायुक्त निशांत कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भौरिया, एसडीएम नरेंद्रपाल मलिक, डीएसपी राजीव सहित कई पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने करनाल की सात दमकलों के साथ घरौड़ा, निसिंग आदि आसपास की फायर वैन को भी बुला लिया। पानीपत और कुरुक्षेत्र, बुड्ढ़ा फार्म केमिकल फार्म आदि से भी दमकलों को बुलाया गया लेकिन पेंट्स में डाले जाने वाले सभी पदार्थ और केमिकल अति ज्वलनशील होते हैं, इस कारण पानी व फोममिश्रित पानी का भी अधिक प्रभाव नहीं पड़ रहा था। करीब पच्चीस दमकलों की लगातार साढ़े तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद करीब नौ बजे आग पर काबू पाया जा सका।
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कई किमी दूर से दिखा धुएं का गुबार
जब कर्ना पेंट्स फैक्टरी में आग लगी तो आसमान पर धुएं का ऐसा गुबार हो गया, जिसे कई किलोमीटर तक देखा गया। पेंट्स के ड्रम लगातार फटते जा रहे थे, जिसके कारण जितनी आग बुझती थी, उससे अधिक फिर भड़क उठती थी। जब नए ड्रम में आग लगती थी तो स्याह धुएं का जो गुबार उठता था, वह काफी ऊंचाई तक जाता था। मौके पर अंधेरा हो जाता था।
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दमकल कर्मियों को आग बुझाने में आई दिक्कतें
अग्निशमन विभाग की दमकल पहुंची तो वहां फैक्टरी के अंदर जाने का कोई रास्ता नहीं था, जिसके कारण जेसीबी बुलाकर फैक्टरी की ओक दीवार को तोड़ना पड़ा। तब जाकर फैक्टरी के अंदर लगी आग पर पानी की बौछार हो सकी। जहां पर आग लगी थी, वहां ना तो कोई फायर हाइड्रेंट था और ना ही पानी भरने का कोई अन्य साधन। इसलिए दमकलों को बाहर से पानी भरकर लाना पड़ा।
करनाल व आसपास के साथ पानीपत, कुरुक्षेत्र से भी फायर वैन बुलाई गई है, करीब 25 दमकलें लगी हैं। ड्रोन कैमरे से देखा गया कि फैक्टरी के दसवें हिस्से में ही आग रही, अन्य दूसरी तरफ से आग को रोक लिया गया। कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन मालिक को संपत्ति के भारी नुकसान की आशंका है। प्रथम दृष्टया जो जानकारी हो सकी है, उसके अनुसार शार्ट सर्किट से ही आग लगने की बात सामने आ रही है।
निशांत कुमार यादव, उपायुक्त करनाल।
-अभी तो फैक्टरी में पानी ही पानी है, कितना नुकसान हुआ, अभी इसका सहीं आंकलन नहीं हो सका है लेकिन अनुमान के मुताबिक चार से पांच करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो सकता है। सभी पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर हैं, दमकल कर्मी भी पूरी मेहनत कर रहे हैं। लेकिन पेंट्स रॉ मैटेरियल व पेंट्स स्वयं भी अति ज्वलनशील होता है, इसलिए आग बुझाने में दिक्कत आ रही है।
सरदार वीरेंद्र सिंह, मालिक कर्ना पेंट्स प्राइवेट लिमिटेड करनाल।
अग्निशमन केंद्र कर्मचारी शिद्दत से आग बुझाने में जुटे हैं, आसपास से भी प्रशासन ने दमकलों को बुलाया है। गर्मी का सीजन है, दुकानदारों को भी एहतियात बरतनी चाहिए कि वह गर्मियों में सुरक्षा के सभी संसाधनों को रखें। किसी भी तरह की लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। रांवर गांव में नहर कटने से जिन ग्रामीणों को नुकसान हुआ है, उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है, उनके नुकसान की भरपाई भी यथासंभव कराई जाएगी।
जगमोहन आनंद, जिलाध्यक्ष भाजपा करनाल।
जो दिख रहा है, वह कहना चाहिए, मौके पर जिला प्रशासन और पुलिस के सभी बड़े अधिकारी हैं, कई अग्निशमन की गाड़ियां आग बुझाने में लगी हैं, लेकिन पेंट्स ज्वलनशील होने के कारण आग पर काबू पाने में दिक्कत आ रही है। फैक्टरी मालिक व उनके परिजन घबराए हुए हैं, उन्हें धैर्य बनाए रखना चाहिए। यह गनीमत रही कि इतनी बड़ी आग में किसी की जान नहीं गई। नुकसान तो हुआ ही है।
-त्रिलोक सिंह, जिला संयोजक कांग्रेस कमेटी करनाल।
मदद को पहुंचे डेरा सच्चा सौदा के वॉलिंटियर
-अनाज मंडी गेट पर कर्ना पेंट्स फैक्टरी में जब आग लगने की सूचना मिली तो तत्काल ही डेरा सच्चा सौदा सिरसा के 250 वॉलिंटियर यहां पहुंचे। आग तो दमकलें बुझा रही थी लेकिन मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने में उन्होंने प्रशासन की मदद की। इसके बाद यहां करीब साढ़े आठ बजे पांच सौ वॉलिंटियर और पहुंच गए, जिससे भीड़ को आग से दूर रखने में मदद मिली।