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बिक्री केंद्रों पर खाद खत्म, बढ़ी मांग और धक्के खा रहे किसान
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करनाल। एक पखवाड़े से जिले के 135 बिक्री केंद्रों पर यूरिया के लिए किसान परेशान हैं। खाद के लिए वे धक्के खा रहे हैं। दूसरी ओर, कृषि विभागीय के अधिकारी कहते हैं कि कुछ स्थानों पर खाद उपलब्ध कराई गई, आगामी दो तीन दिनों में खाद जिले में पहुंच जाएगी।
बारिश से खेतों में हुए जलभराव से खराब हुई धान की फसल के स्थान पर दोबारा धान की रोपाई की गई। साथ ही विलंबित प्रजातियों के धान की रोपाई से एक ओर जहां यूरिया खाद की मांग फिर बढ़ गई हैं, वहीं जिले के करीब 135 बिक्री केंद्रों पर पिछले दस दिनों से यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसानों को निजी प्रतिष्ठानों से महंगे में खाद खरीदने को विवश होना पड़ रहा है।
पिछले दिनों जिलेभर में हुई भारी बारिश से हजारों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई। जिसमें बहुत से खेतों में फसल सड़कर नष्ट हो गई। इस कारण किसानों ने फसल को जोतकर उसमें दोबारा विलंबित प्रजातियों के धान की रोपाई की। इसके अलावा बासमती की कई प्रजातियों की भी रोपाई देर से ही शुरू हुई। इस कारण जिलेभर में यूरिया की मांग एकाएक बढ़ गई है। जबकि सहकारी समितियों, इफको, कृभको आदि खाद उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों ने धान रोपाई की मुख्य सीजन को देखते हुए ही खाद मंगाई थी।
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अचानक मांग बढ़ने से खाद का टोंटा पड़ गया है। आलम यह है कि पिछले दस दिनों से जिले की 85 सहकारी समितियों, चार इफको व दो कृभको केंद्रो जिले के कुल 135 खाद बिक्री केंद्रों पर किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है। जिससे किसानों की फसल प्रभावित हो रही है।
इफको का एक रैक आया है। आज चंबल फर्टिलाइजर का एक रैक लगा है, जो कल तक पहुंच जाएगा। इसके बाद भी कुछ रैक लगाए गए हैं। आगामी दो तीन दिनों में सभी बिक्री केंद्रों पर मांग के अनुरूप यूरिया खाद को उपलब्ध करा दिया जाएगा। धान के मुख्य सीजन के दौरान सभी किसानों को लगातार यूरिया उपलब्ध कराया गया है। अब भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी। -आदित्य प्रताप डबास, उपनिदेशक (कृषि) करनाल।
-यूरिया खाद कुछ दिनों से नहीं है, लेकिन आज ही एक रैक करीब 4000 हजार बैग पहुंच चुके हैं, जो इफको खाद बिक्री केंद्रों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शीघ्र ही और रैक लगने वाली है। इससे खाद की उपलब्ध सुनिश्चित हो जाएगी। यूं तो यूरिया की इन दिनों मांग नहीं होती है लेकिन पिछले दिन खराब हुई फसल को दोबारा लगाने के कारण ही मांग सामने आई है। -डा.निरंजन सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक इफको करनाल।
पिछले 15 दिनों से ही जिलेभर में खाद का अभाव है। बारिश में फसल खराब हुई, इसमें दोबारा धान की रोपाई हुई है। बासमती की कई प्रजातियां देर से ही लगाई जाती हैं। यूरिया न मिलने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। कृषि विभाग को अतिशीघ्र सभी बिक्री केंद्रों पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। खाद तो उपलब्ध रहनी ही चाहिए, भले ही धान का सीजन न हो, सब्जियां हैं और कई फसलें हैं, जिन्हें खाद की जरूरत तो पड़ती ही रहती है।
-राकेश चौधरी किसान कुंजपुरा
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बारिश से खेतों में हुए जलभराव से खराब हुई धान की फसल के स्थान पर दोबारा धान की रोपाई की गई। साथ ही विलंबित प्रजातियों के धान की रोपाई से एक ओर जहां यूरिया खाद की मांग फिर बढ़ गई हैं, वहीं जिले के करीब 135 बिक्री केंद्रों पर पिछले दस दिनों से यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसानों को निजी प्रतिष्ठानों से महंगे में खाद खरीदने को विवश होना पड़ रहा है।
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पिछले दिनों जिलेभर में हुई भारी बारिश से हजारों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई। जिसमें बहुत से खेतों में फसल सड़कर नष्ट हो गई। इस कारण किसानों ने फसल को जोतकर उसमें दोबारा विलंबित प्रजातियों के धान की रोपाई की। इसके अलावा बासमती की कई प्रजातियों की भी रोपाई देर से ही शुरू हुई। इस कारण जिलेभर में यूरिया की मांग एकाएक बढ़ गई है। जबकि सहकारी समितियों, इफको, कृभको आदि खाद उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों ने धान रोपाई की मुख्य सीजन को देखते हुए ही खाद मंगाई थी।
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अचानक मांग बढ़ने से खाद का टोंटा पड़ गया है। आलम यह है कि पिछले दस दिनों से जिले की 85 सहकारी समितियों, चार इफको व दो कृभको केंद्रो जिले के कुल 135 खाद बिक्री केंद्रों पर किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है। जिससे किसानों की फसल प्रभावित हो रही है।
इफको का एक रैक आया है। आज चंबल फर्टिलाइजर का एक रैक लगा है, जो कल तक पहुंच जाएगा। इसके बाद भी कुछ रैक लगाए गए हैं। आगामी दो तीन दिनों में सभी बिक्री केंद्रों पर मांग के अनुरूप यूरिया खाद को उपलब्ध करा दिया जाएगा। धान के मुख्य सीजन के दौरान सभी किसानों को लगातार यूरिया उपलब्ध कराया गया है। अब भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी। -आदित्य प्रताप डबास, उपनिदेशक (कृषि) करनाल।
-यूरिया खाद कुछ दिनों से नहीं है, लेकिन आज ही एक रैक करीब 4000 हजार बैग पहुंच चुके हैं, जो इफको खाद बिक्री केंद्रों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शीघ्र ही और रैक लगने वाली है। इससे खाद की उपलब्ध सुनिश्चित हो जाएगी। यूं तो यूरिया की इन दिनों मांग नहीं होती है लेकिन पिछले दिन खराब हुई फसल को दोबारा लगाने के कारण ही मांग सामने आई है। -डा.निरंजन सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक इफको करनाल।
पिछले 15 दिनों से ही जिलेभर में खाद का अभाव है। बारिश में फसल खराब हुई, इसमें दोबारा धान की रोपाई हुई है। बासमती की कई प्रजातियां देर से ही लगाई जाती हैं। यूरिया न मिलने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। कृषि विभाग को अतिशीघ्र सभी बिक्री केंद्रों पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। खाद तो उपलब्ध रहनी ही चाहिए, भले ही धान का सीजन न हो, सब्जियां हैं और कई फसलें हैं, जिन्हें खाद की जरूरत तो पड़ती ही रहती है।
-राकेश चौधरी किसान कुंजपुरा