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औंगद की महिला सरपंच को तीन साल की कैद
करनाल
Updated Fri, 22 Nov 2013 09:50 PM IST
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करनाल में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने गांव औगंद की महिला सरपंच विमला देवी को तीन साल की कैद एवं पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
सरपंच महिला विमला देवी पर आरोप था कि उसने मृतकाें की पेंशन जारी करने के बाद उसको स्वयं हड़प लिया। इसके तहत सरपंच के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
गांव औंगद के पंच बनी सिंह ने 17 मार्च 2008 को तत्कालीन उपायुक्त बीएस मलिक को शिकायत दी थी कि गांव की सरपंच विमला देवी ने मृतका कमला देवी पत्नी पृथी, हुकम सिंह, कप्तान पुत्र मामराज व अन्य मृतकाें की पेंशन जारी कर गबन किया है।
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उपायुक्त बीएस मलिक ने महिला सरपंच के खिलाफ जिला समाज कल्याण विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर जून 2008 में समाज कल्याण विभाग अधिकारी की ओर से थाना निसिंग में धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया गया था।
मौजूदा मामले में पुलिस की ओर से कोर्ट में चालान पेश किया गया, जिसमें 10 गवाह अभियोजन पक्ष की ओर से रखे गए थे। इसकी सुनवाई करते हुए शुक्रवार को अदालत ने महिला सरपंच को दोषी करार दिया।
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सरपंच महिला विमला देवी पर आरोप था कि उसने मृतकाें की पेंशन जारी करने के बाद उसको स्वयं हड़प लिया। इसके तहत सरपंच के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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गांव औंगद के पंच बनी सिंह ने 17 मार्च 2008 को तत्कालीन उपायुक्त बीएस मलिक को शिकायत दी थी कि गांव की सरपंच विमला देवी ने मृतका कमला देवी पत्नी पृथी, हुकम सिंह, कप्तान पुत्र मामराज व अन्य मृतकाें की पेंशन जारी कर गबन किया है।
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उपायुक्त बीएस मलिक ने महिला सरपंच के खिलाफ जिला समाज कल्याण विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर जून 2008 में समाज कल्याण विभाग अधिकारी की ओर से थाना निसिंग में धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया गया था।
मौजूदा मामले में पुलिस की ओर से कोर्ट में चालान पेश किया गया, जिसमें 10 गवाह अभियोजन पक्ष की ओर से रखे गए थे। इसकी सुनवाई करते हुए शुक्रवार को अदालत ने महिला सरपंच को दोषी करार दिया।