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Karnal News: पिता एससी तो बेटियां जनरल, 40 बार अपडेट हुआ पीपीपी मगर हर बार गलत दर्शायी जाति

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Mar 2023 02:31 AM IST
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Father SC and daughters General, PPP updated 40 times but caste shown wrong every time
गगन तलवार
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करनाल। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सरकार की योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए सरकार की ओर से परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) बनाए गए हैं, लेकिन पीपीपी के लिए हुए सर्वे में बरती गई लापरवाही अब तक लोगों के लिए सिरदर्द बनी है। राजकीय महाविद्यालय के एक एससी वर्ग के प्रोफेसर को पीपीपी में तो एससी दिखाया गया है, लेकिन उनकी दो बेटियां और पत्नी को जनरल श्रेणी में दर्शाया गया। इसे ठीक कराने के लिए जब उन्होंने शिकायत दी तो अब तक 40 बार पीपीपी को अपडेट किया जा चुका है, हर बार गलत जाति ही दर्शायी जा रही है।
कभी पिता को जनरल बना देते हैं तो कभी बच्चों को। इस लापरवाही और त्रुटि के कारण प्राध्यापक की बेटी का एससी श्रेणी का जाति प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है। ऐसे में उसका एनटीए नीट के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया अटकी है।
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लापरवाही का केवल यही एक उदाहरण नहीं है, इस तरह के कई केस रोजाना लघु सचिवालय में आ रहे हैं। परिवार पहचान पत्र में कई परिवारों में अनजान लोगों को भी जोड़ने के मामले सामने आ रहे हैं। साथ ही छोटे बच्चों व पेंशनधारक बुजुर्गों की भी लाखों रुपये में आय दर्शाई जा रही है। ऐसे में योजनाओं के लाभ से वंचित और बच्चों के दाखिलों को लेकर लाचार हुए लोग अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। यहां भी उनकी सुनवाई नहीं होती। केवल ऑनलाइन रिक्वेस्ट डालने के निर्देश और शीघ्र सुधार का आश्वासन ही मिलता है।
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सरकारी प्राध्यापक के पीपीपी में इस तरह की खामी यह भी दर्शाता है कि सर्वे के समय जिन सक्षम युवाओं या अन्य कर्मचारियों ने काम किया था, उन्होंने डाटा सही दर्ज नहीं किया है। जबकि सरकारी कर्मचारी का अपना व उनके परिवार के प्रत्येक सदस्य का रिकाॅर्ड व पूर्ण जानकारी विभाग के पोर्टल पर अपडेट है। प्राध्यापक ने बताया कि उन्होंने त्रुटि ठीक कराने के लिए अपने महाविद्यालय से नौकरी का रिकाॅर्ड व तहसीलदार से अपनी जाति का शपथ पत्र भी साथ दिया है। ब्यूरो



अब इस तरह के मामले आए सामने

फोटो-- 107

विवाहित बच्चों को भी एक ही पीपीपी में जोड़ा
हांसी रोड की गली नंबर-11 निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उनके विवाहित बेटे और बहू को भी उनके परिवार पहचान पत्र में जोड़ दिया है। इनका पीपीपी अलग बनवाने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उनकी पारिवारिक आय भी ज्यादा दिखाई है।



फोटो-- 108

अनजान बच्ची को जोड़ दर्शायी एक रुपया आय

अशोक विहार निवासी सुमित्रा ने बताया कि उनके पीपीपी में एक अनजान बच्ची को जोड़ दिया गया है। 11 वर्षीय बच्ची की एक रुपया आय भी दर्शाई है। साथ ही मुखिया की ग्रेड मां का रिश्ता भी दिखाया गया है। इसे ठीक कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं।





बुजुर्ग पेंशनधारक दंपती की ढाई-ढाई लाख आय

धोबी मोहल्ला निवासी रामकृष्ण लाल ने बताया कि उनकी और उनकी बुजुर्ग पत्नी कृष्णा और बेटे की आय पीपीपी में ढाई-ढाई लाख रुपये दर्शाई है। जबकि वे दोनों बुजुर्ग हैं और बेटा मजदूरी करता है। इससे उनकी पेंशन बंद हो गई है।





प्राध्यापक का स्पेशल केस बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। अन्य लोगों की भी अपील डलवा दी है। सभी का शीघ्र समाधान होने की उम्मीद है। लोगों को दिक्कत नहीं आने देंगे। - डॉ. वैशाली शर्मा, एडीसी।
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