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किसानों को धान की सीधी बिर्जा के लिए किया पेरित
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302: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा धान की सीधी बिजाई को बढ़ावा देने के लिए गांव पूजम खंड नीलोखेड़?
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करनाल। कृषि विभाग की ओर से धान की सीधी बिजाई को बढ़ावा देने के लिए नीलोखेड़ी खंड के पूजम गांव में शुक्रवार को जिला स्तरीय किसान खेत दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभाग के उपनिदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने किसानों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. आनंद शर्मा ने भी विचार रखे।
उन्होंने कहा कि इस बार जिले में दस हजार एकड़ में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य है। यह विधि अपनाने वाले किसान को सरकार चार हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन देगी। किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर मशीन उपलब्ध करवाई जा रही है। विभाग का अनुमान है कि इस बार सीधी बिजाई 15 हजार एकड़ से ज्यादा होगी। इससे 30 प्रतिशत पानी बचता है। रोपाई विधि में होने वाले खर्च की तुलना में आठ से नौ हजार रुपये कमी आती है।
पूर्व वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र लाठर ने प्रगतिशील किसान भूपेंद्र सिंह के खेत पर किसानों को धान की सीधी बिजाई कराकर महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा क धान की सीधी बिजाई का उपयुक्त समय 20 मई से 10 जून तक है। बिजाई तरबतर खेत में ही शाम के समय करें ताकि बीज को पूरी नमी मिल सके और अंकुरण सही से हो। बीज की मात्रा मशीन से बुआई कर रहे हैं तो आठ किलो प्रति एकड़ रखें। बिजाई के तुरंत बाद खरपतवार नाशी का छिड़काव करें। पहली सिंचाई 21 दिन के बाद करें। इसके अलावा कार्यक्रम में सवाल-जवाब प्रतियोगिता के विजेता किसानों को कार्यक्रम की सहयोगी सवाना बीज कंपनी की ओर से बीज की थैली उपहार स्वरूप दी गई। इस मौके पर अजय राणा, मनोज मौली व किसान मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि इस बार जिले में दस हजार एकड़ में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य है। यह विधि अपनाने वाले किसान को सरकार चार हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन देगी। किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर मशीन उपलब्ध करवाई जा रही है। विभाग का अनुमान है कि इस बार सीधी बिजाई 15 हजार एकड़ से ज्यादा होगी। इससे 30 प्रतिशत पानी बचता है। रोपाई विधि में होने वाले खर्च की तुलना में आठ से नौ हजार रुपये कमी आती है।
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पूर्व वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र लाठर ने प्रगतिशील किसान भूपेंद्र सिंह के खेत पर किसानों को धान की सीधी बिजाई कराकर महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा क धान की सीधी बिजाई का उपयुक्त समय 20 मई से 10 जून तक है। बिजाई तरबतर खेत में ही शाम के समय करें ताकि बीज को पूरी नमी मिल सके और अंकुरण सही से हो। बीज की मात्रा मशीन से बुआई कर रहे हैं तो आठ किलो प्रति एकड़ रखें। बिजाई के तुरंत बाद खरपतवार नाशी का छिड़काव करें। पहली सिंचाई 21 दिन के बाद करें। इसके अलावा कार्यक्रम में सवाल-जवाब प्रतियोगिता के विजेता किसानों को कार्यक्रम की सहयोगी सवाना बीज कंपनी की ओर से बीज की थैली उपहार स्वरूप दी गई। इस मौके पर अजय राणा, मनोज मौली व किसान मौजूद रहे।
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