फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Farmers angry over not buying thick paddy, mandi gate locked

Karnal News: मोटा धान न खरीदने पर भड़के किसान, मंडी गेट पर जड़ा ताला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Oct 2023 02:42 AM IST
विज्ञापन
Farmers angry over not buying thick paddy, mandi gate locked

विज्ञापन
असंध। राइस मिलरों की मनमानी के खिलाफ मंगलवार को नई अनाज मंडी में किसान भड़क गए। उन्होंने मंडी समिति कार्यालय और मंडी के मुख्य द्वार पर ताला लगा कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। जिससे मंडी में धान की आवाजाही भी ठप हो गई। सूचना मिलने पर एसडीएम वीरेंद्र ढुल व डीएसपी संदीप माैके पर पहुंचे। उन्होंने किसानाें काे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। बाद में प्रशासन ने किसानाें के साथ मंडी कार्यालय में बैठक की और आश्वस्त किया कि पीआर 26 की खरीद की जाएगी। राइस मिलरों ने खरीद के लिए सुबह 10 बजे तक का समय दिया गया है। इसके बाद ही किसानों ने ताले खोले। किसानों से कहा कि बुधवार को मुख्यमंत्री के सामने भी समस्याएं रखेंगे।
बताते हैं कि अनाज मंडी में मंगलवार को राइस मिलर्स ने अनाज मंडी में पीआर-26 धान की खरीदना बंद कर दिया। जिससे किसानों को भारी असुविधा होने लगी।। खरीद बंद हगो गई। आक्रोशित किसानों ने दाेपहर करीब पाैने दाे बजे मार्केट कमेटी काे ताला लगा दिया। किसान छत्रपाल, सुखविंद्र झब्बर सहित अन्य ने कहा कि असंध के मिलर पीआर 26 धान नहीं खरीद रहे हैं। वहीं पीआर 14 के रेट भी एमएसपी से कम देकर किसानाें काे परेशान किया जा रहा है। इसके बाद भी खरीद शुरू नहीं हुई तो किसानाें ने परेशानी में कमेटी कार्यालय काे ताला लगा दिया। करीब साढ़े तीन बजे अनाज मंडी के गेट काे ताला लगा दिया। बाद में एसडीएम वीरेद्र ढुल ने किसानाें के साथ बैठक की। किसान छत्रपाल सिंधड़, सुखविंद्र झब्बर, महेंद्र सिंह ने बताया कि डीसी अनीश यादव से बात करने के बाद एसडीएम वीरेंद्र ढुल ने किसानाें काे सुबह 10 बजे तक करनाल के मिलर्स खरीद चालू करवाने और पीआर-26 की खरीद चालू करवाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन




राइस मिलर अब नहीं खरीद रहे धान : विधायक
असंध। क्षेत्रीय विधायक शमशेर सिंह गोगी ने भी एसीएम को पत्र लिखा है। जिसमें कहा है कि अब राइस मिलर खरीद नहीं कर रहे हैं, क्योंकि ये लोग बाद में यूपी और बिहार से सस्ता मोटा चावल लाकर सीएमआर के रूप में सरकार को देते हैं। ये सभी मंडी अधिकारियों, आढ़तियों और राइस मिलर्स की मिलीभगत है। इसकी जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

एसडीएम ने जांची सुविधाएं

मूनक। एसडीएम वीरेंद्र सिंह ढुल ने मंगलवार को बल्ला की सब यार्ड अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद कार्य का जायजा लिया और मंडी अधिकारियों व आढ़तियों से बात करके किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं को भी जांचा। एसडीएम ने धान खरीद से जुड़े संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनाज मंडी में सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए और फसल खरीद के दौरान किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना ना करना पड़े। उन्होंने कहा कि मंडी में व्यवस्था बनाए रखने के लिए धान का उठान कार्य समय पर व तेज गति से होना चाहिए। इस अवसर पर मार्केट कमेटी सचिव दिनेश कुमार, मंडी सुपरवाईजर बंटी हुड्डा, प्रधान इंद्री शर्मा, मंडी आढ़ती भीम सिंह मान, विनोद मान व सत्यवान मान मौजूद रहे। संवाद






गंदगी से किसानों को परेशानी
तरावड़ी। अनाज मंडी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मंडी के चारों शौचालय गंदगी से भरे हैं, उनमें न तो पानी की व्यवस्था है न ही यूरिनल में पाइप लगे हैं। जिससे यहां किसानों व श्रमिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अनाज मंडी में सफाई व्यवस्था ठीक न होने से बीमारी फैलने का खतरा बना है। मजदूर राम खिलावन, प्रेम मंहतो, शंभू कुमार, रिंकू , शरीफ, सुरेन्द्र, रामकुमार, माडू राम का कहना है कि मंडी में वह रोजी रोटी के लिए काम तो जरूर करते हैं, लेकिन यहां का जीवन नारकीय है। मार्केट कमेटी सचिव नरेश मान का कहना है कि मंडी में सफाई का ठेका तीन लाख से घटकर एक लाख 35 हजार कर दिए जो पहले के मुकाबले आधे से कम है, इसलिए कर्मचारियों की किल्लत है और 12 हजार बिहारी मजदूरों के चलते स्थिति का काबू में लाना मुश्किल वह दिन में दो बार शौचालयों की सफाई करवाते है और कोशिश करेंगे की उसे तीन बार तक बढ़ाया जा सके। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed