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धान की कम कीमत से गुस्साए किसान, हाईवे पर डटे
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Fri, 02 Oct 2015 01:01 AM IST
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धान की कम कीमत से क्षुब्ध और खरीददारों की ओर से दबाव बनाने से तंग आकर
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दो किसानों ने वीरवार को आत्महत्या का प्रयास किया। दोनों ही किसान अनाज
मंडी के बाहर हिसार-करनाल स्टेट हाईवे पर आत्महत्या के लिए बैठ गए। स्टेट
हाईवे पर सड़क के बीचोंबीच बैठे इन किसानों के कारण जाम की स्थिति पैदा हो
गई। दोनों तरफ वाहनों की लाइनें लग गईं। इस दौरान लोगों ने उन्हें समझाने
का प्रयास किया व उनको मौके पर खाने के लिए भी कुछ दिया, लेकिन दोनों ने न
तो कुछ खाया न ही हाईवे से उठने के लिए राजी हुए।
करीब आधे घंटे बाद मंडी में धरना दे रहे किसानों को इस बात की भनक लगी। वे तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों को किसी तरह से समझाया-बुझाया और सड़क से उठाया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। किसानों ने जिस समय आत्महत्या का प्रयास किया, उस समय असंध के विधायक व सीपीएस बख्शीश सिंह मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय में मीटिंग ले रहे थे। दरअसल हुआ यूं कि सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 1450 रुपये घोषित किया गया है, लेकिन मंडी में अभी सरकारी खरीद बहुत कम हो रही है। अलबत्ता किसान प्राइवेट एजेंसियों को धान बेचने को मजबूर हैं। किसान कई-कई दिनों से अपनी धान की फसल को लिए मंडियों में डटे हैं। वीरवार को इन किसानों के सब्र का बांध टूट गया और आत्महत्या के लिए वे सड़क के बीचोंबीच जाकर बैठ गए। बाहरी गांव के दोनों किसानों दिनेश व धर्मा ने बताया कि उनका धान पिछले कई दिनों से मंडी में पड़ा है। पहले तो उनकी फसल को कोई खरीददार नहीं मिल रहा था, लेकिन वीरवार को जब उनकी धान के खरीददार आए तो उन्होंने उनकी फसल को 1300 रुपये में खरीदने की बात कही। खरीददारों द्वारा फसल को 1300 रुपये में ही बेचने का दबाव भी डाला गया। इसी से परेशान होकर दोनों ने आत्महत्या का प्रयास किया।
सड़क पर लगा जाम, नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
बाहरी गांव के दोनों किसानों द्वारा सड़क पर दोनों तरफ बैठने के बाद सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लंबी लाइनें लग गईं। इस दौरान वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोनों किसान सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। यह नजारा लगभग आधे घंटे तक चलता रहा। इस दौरान कोई भी अधिकारी ने मौके पर नहीं पहुंचा।
हमें किसानों द्वारा आत्महत्या के प्रयास मामले की कोई सूचना नहीं है। यदि ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी।
राजबीर सिंह, थाना प्रभारी असंध।
करीब आधे घंटे बाद मंडी में धरना दे रहे किसानों को इस बात की भनक लगी। वे तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों को किसी तरह से समझाया-बुझाया और सड़क से उठाया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। किसानों ने जिस समय आत्महत्या का प्रयास किया, उस समय असंध के विधायक व सीपीएस बख्शीश सिंह मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय में मीटिंग ले रहे थे। दरअसल हुआ यूं कि सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 1450 रुपये घोषित किया गया है, लेकिन मंडी में अभी सरकारी खरीद बहुत कम हो रही है। अलबत्ता किसान प्राइवेट एजेंसियों को धान बेचने को मजबूर हैं। किसान कई-कई दिनों से अपनी धान की फसल को लिए मंडियों में डटे हैं। वीरवार को इन किसानों के सब्र का बांध टूट गया और आत्महत्या के लिए वे सड़क के बीचोंबीच जाकर बैठ गए। बाहरी गांव के दोनों किसानों दिनेश व धर्मा ने बताया कि उनका धान पिछले कई दिनों से मंडी में पड़ा है। पहले तो उनकी फसल को कोई खरीददार नहीं मिल रहा था, लेकिन वीरवार को जब उनकी धान के खरीददार आए तो उन्होंने उनकी फसल को 1300 रुपये में खरीदने की बात कही। खरीददारों द्वारा फसल को 1300 रुपये में ही बेचने का दबाव भी डाला गया। इसी से परेशान होकर दोनों ने आत्महत्या का प्रयास किया।
सड़क पर लगा जाम, नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
बाहरी गांव के दोनों किसानों द्वारा सड़क पर दोनों तरफ बैठने के बाद सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लंबी लाइनें लग गईं। इस दौरान वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोनों किसान सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। यह नजारा लगभग आधे घंटे तक चलता रहा। इस दौरान कोई भी अधिकारी ने मौके पर नहीं पहुंचा।
हमें किसानों द्वारा आत्महत्या के प्रयास मामले की कोई सूचना नहीं है। यदि ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी।
राजबीर सिंह, थाना प्रभारी असंध।