{"_id":"5e519b3f8ebc3ef39c06ed78","slug":"family-uproar-over-womens-death-during-delivery-karnal-news-knl230529111","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमृत धारा अस्पताल में पड़ा रहा महिला का शव, मॉडल टाउन चौकी प्रभारी करा रहे डॉक्टरों से सेटिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमृत धारा अस्पताल में पड़ा रहा महिला का शव, मॉडल टाउन चौकी प्रभारी करा रहे डॉक्टरों से सेटिंग
विज्ञापन
अमृतधारा अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत हो गई। आरोप है कि जब परिजनों ने पुलिस को सूचना देकर डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया तो मॉडल टाउन चौकी प्रभारी ने शिकायत लेने की बजाय समझौता करने का दबाव बनाया। इससे परिजन भड़क गये और उन्होंने अस्पताल का मेन गेट बंद कर जमकर हंगामा किया और चौकी प्रभारी व डॉक्टरों के खिलाफ रोष प्रकट किया। हंगामे की सूचना मिलने के बाद जब सिविल लाइन थाना प्रभारी संजीव गौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तो उन्होंने परिजनों को समझाया और शिकायत देने की बात कही। परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम करा महिला का शव परिजनों को सौंप दिया।
19 फरवरी को हुई थी डिलीवरी, डॉक्टरों ने चढ़ाया था खून
शिव कॉलोनी निवासी सुरेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी वीरपाल कौर को उन्होंने 19 फरवरी को अमृतधारा अस्पताल में दाखिल कराया था। उसी दिन शाम को उनकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। दोनों मां-बेटे ठीक थे। इसके बाद डॉक्टर बोले की उसकी पत्नी को खून चढ़ाना पड़ेगा। उन्होंने मना भी किया कि वह खून नहीं चढ़ाना चाहते लेकिन डॉक्टर बोले की यह जरूरी है। इसके बाद वह खून ले आये। उसकी पत्नी को डॉक्टरों ने खून चढ़ाया तो कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। 21 फरवरी को डॉक्टरों ने उसकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया। जब उन्होंने कारण पूछे तो डॉक्टरों ने कोई जवाब नहीं दिया।
तीन दिन से चौकी प्रभारी के पास थी सूचना, थाना प्रभारी को पता ही नहीं
मृतक महिला के पति सुरेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी की जब तबीयत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर उन्हें कोई जवाब नहीं दे रहे थे तो उन्होंने इसकी सूचना मॉडल टाउन चौकी प्रभारी एसआई सतपाल को दे दी थी। परिजनों का आरोप है कि एसआई सतपाल ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मीटिंग कर समझौता कराने की बात कर रहे थे और समझौता करने का दबाव डाल रहे थे। हंगामे के बाद जब सिविल लाइन थाना प्रभारी संजीव मौके पर पहुंचे तो उन्होंने बताया कि उन्हे तो आज इस मामले की सूचना मिली है।
विज्ञापन
डॉक्टर नहीं दे रहे थे बच्चा, परिजनों ने लगाया आरोप
मृतक महिला के पति सुरेंद्र ने बताया कि जब उसकी पत्नी की तबीयत बिगड़ी तो उन्होंने अपने बच्चे को मांगा की हमें अपना बच्चा चाहिये, लेकिन डॉक्टरों ने बच्चा नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने 50 हजार रुपये भरवाये फिर उनको बच्चा दिया। इसके बाद 21 फरवरी को उन्होंने उसकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया।
वीडियो में डॉक्टर ने कहा ब्लड इंफेक्शन से हुई मौत, चौकी प्रभारी भी थे मौजूद
परिजनों ने आरोप लगाया कि जब चौकी प्रभारी सतपाल डॉक्टरों के साथ मीटिंग कर सेटिंग कराने की बात कह रहे थे तो बंद कमरे में वह भी पहुंच गये। उन्होंने चौकी प्रभारी से जवाब मांगा कि उन्होंने क्या कार्रवाई की है, लेकिन उनके पास कोई जवाब नहीं था, बल्कि वीडियो में एक डॉक्टर ने कहा कि महिला की मौत ब्लड इंफेक्शन से हुई है। उस दौरान चौकी प्रभारी उनके साथ ही खड़े थे। परिजनों ने जमकर वहां भी हंगामा किया।
नो कमेंट : डा. गुप्ता
इस बारे में अमृतधारा अस्पताल का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो संचालक डा. ध्रुव गुप्ता ने कोई भी कमेंट करने से इंकार कर दिया। डा. गुप्ता ने कहा कि वे इस बारे में कुछ भी नहीं कह सकते।
परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। डॉक्टरों के बोर्ड से महिला के शव का पोस्टमार्टम भी करा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जायेगी।-संजीव गौर, सिविल लाइन थाना प्रभारी।
विज्ञापन
19 फरवरी को हुई थी डिलीवरी, डॉक्टरों ने चढ़ाया था खून
शिव कॉलोनी निवासी सुरेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी वीरपाल कौर को उन्होंने 19 फरवरी को अमृतधारा अस्पताल में दाखिल कराया था। उसी दिन शाम को उनकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। दोनों मां-बेटे ठीक थे। इसके बाद डॉक्टर बोले की उसकी पत्नी को खून चढ़ाना पड़ेगा। उन्होंने मना भी किया कि वह खून नहीं चढ़ाना चाहते लेकिन डॉक्टर बोले की यह जरूरी है। इसके बाद वह खून ले आये। उसकी पत्नी को डॉक्टरों ने खून चढ़ाया तो कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। 21 फरवरी को डॉक्टरों ने उसकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया। जब उन्होंने कारण पूछे तो डॉक्टरों ने कोई जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
तीन दिन से चौकी प्रभारी के पास थी सूचना, थाना प्रभारी को पता ही नहीं
मृतक महिला के पति सुरेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी की जब तबीयत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर उन्हें कोई जवाब नहीं दे रहे थे तो उन्होंने इसकी सूचना मॉडल टाउन चौकी प्रभारी एसआई सतपाल को दे दी थी। परिजनों का आरोप है कि एसआई सतपाल ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मीटिंग कर समझौता कराने की बात कर रहे थे और समझौता करने का दबाव डाल रहे थे। हंगामे के बाद जब सिविल लाइन थाना प्रभारी संजीव मौके पर पहुंचे तो उन्होंने बताया कि उन्हे तो आज इस मामले की सूचना मिली है।
विज्ञापन
डॉक्टर नहीं दे रहे थे बच्चा, परिजनों ने लगाया आरोप
मृतक महिला के पति सुरेंद्र ने बताया कि जब उसकी पत्नी की तबीयत बिगड़ी तो उन्होंने अपने बच्चे को मांगा की हमें अपना बच्चा चाहिये, लेकिन डॉक्टरों ने बच्चा नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने 50 हजार रुपये भरवाये फिर उनको बच्चा दिया। इसके बाद 21 फरवरी को उन्होंने उसकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया।
वीडियो में डॉक्टर ने कहा ब्लड इंफेक्शन से हुई मौत, चौकी प्रभारी भी थे मौजूद
परिजनों ने आरोप लगाया कि जब चौकी प्रभारी सतपाल डॉक्टरों के साथ मीटिंग कर सेटिंग कराने की बात कह रहे थे तो बंद कमरे में वह भी पहुंच गये। उन्होंने चौकी प्रभारी से जवाब मांगा कि उन्होंने क्या कार्रवाई की है, लेकिन उनके पास कोई जवाब नहीं था, बल्कि वीडियो में एक डॉक्टर ने कहा कि महिला की मौत ब्लड इंफेक्शन से हुई है। उस दौरान चौकी प्रभारी उनके साथ ही खड़े थे। परिजनों ने जमकर वहां भी हंगामा किया।
नो कमेंट : डा. गुप्ता
इस बारे में अमृतधारा अस्पताल का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो संचालक डा. ध्रुव गुप्ता ने कोई भी कमेंट करने से इंकार कर दिया। डा. गुप्ता ने कहा कि वे इस बारे में कुछ भी नहीं कह सकते।
परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। डॉक्टरों के बोर्ड से महिला के शव का पोस्टमार्टम भी करा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जायेगी।-संजीव गौर, सिविल लाइन थाना प्रभारी।