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फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का भंडाफोड़, केस दर्ज
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। उपायुक्त निशांत कुमार यादव के निर्देश पर उप मंडल नागरिक अस्पताल असंध के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी ने अरडाना गांव के सीएचसी संचालक के खिलाफ फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
असंध नागरिक चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी जयपाल चाहल ने बताया कि अरडाना गांव के श्रीकृष्ण ने आठ सितंबर को उनके कार्यालय में शिकायतीपत्र देकर आरोप लगाया था कि उसने अपने पुत्र कुश का जन्म प्रमाणपत्र गांव स्थित सीएचसी संचालक सतीश कुमार से जारी कराया था। प्रमाणपत्र को फर्जी बताया जा रहा है। इस मामले की जांच में दोनों पक्षों को बुलाया गया। कई बार जांच की तिथियां तय की गई।
शिकायतकर्ता ने तो अपने बयान दर्ज कराए लेकिन सीएचसी संचालक ने आधे अधूरे बयान देकर जांच में सहयोग नहीं किया और जांच में शामिल होना ही बंद कर दिया। उसे 28 सितंबर को भी बुलाया गया, नहीं आने पर फोन से संपर्क किया गया। इस पर उसने आने से मना कर दिया। इसकी रिपोर्ट उपायुक्त को भेजी गई। इसके बाद उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बाद असंध थाना पुलिस को शिकायती पत्र दिया गया। असंध पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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करनाल। उपायुक्त निशांत कुमार यादव के निर्देश पर उप मंडल नागरिक अस्पताल असंध के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी ने अरडाना गांव के सीएचसी संचालक के खिलाफ फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
असंध नागरिक चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी जयपाल चाहल ने बताया कि अरडाना गांव के श्रीकृष्ण ने आठ सितंबर को उनके कार्यालय में शिकायतीपत्र देकर आरोप लगाया था कि उसने अपने पुत्र कुश का जन्म प्रमाणपत्र गांव स्थित सीएचसी संचालक सतीश कुमार से जारी कराया था। प्रमाणपत्र को फर्जी बताया जा रहा है। इस मामले की जांच में दोनों पक्षों को बुलाया गया। कई बार जांच की तिथियां तय की गई।
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शिकायतकर्ता ने तो अपने बयान दर्ज कराए लेकिन सीएचसी संचालक ने आधे अधूरे बयान देकर जांच में सहयोग नहीं किया और जांच में शामिल होना ही बंद कर दिया। उसे 28 सितंबर को भी बुलाया गया, नहीं आने पर फोन से संपर्क किया गया। इस पर उसने आने से मना कर दिया। इसकी रिपोर्ट उपायुक्त को भेजी गई। इसके बाद उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बाद असंध थाना पुलिस को शिकायती पत्र दिया गया। असंध पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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