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श्रमिकों के कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साध रहे आढ़ती!
करनाल
Updated Wed, 25 Sep 2013 10:54 PM IST
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धान खरीद से पहले पंखा लगाने के विवाद में आढ़तियों ने अब श्रमिकों को ढाल बना लिया है। आढ़ती अपने फैसले से पलट गए और श्रमिकों के सिर पंखा नहीं लगाने का ठीकरा फोड़ दिया है।
असली विवाद आढ़ती व मिलर्स के बीच ही था। इससे श्रमिक और किसान दोनों बेवजह फंसे हुए हैं। किसानों के धान की बिक्री नहीं हो पा रही है तो श्रमिकों का मेहनताना बंद पड़ा है। इसके लिए बुधवार को श्रमिकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन कर बवाल काटा।
वहीं, मिलर्स अब भी अपनी बात पर कायम हैं कि वह बिना पंखा लगाए धान की खरीद नहीं करेंगे। धान की ढेरियों पर पंखा नहीं लगाने का मामला पिछले कई दिन से करनाल अनाज मंडी के आढ़तियों और राइस मिलर्स के बीच विवाद का कारण बना हुआ है।
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दोनों पक्षों के बीच मामला इतना अधिक गहरा गया कि तनाव की स्थिति बनी हुई है। मामला उपायुक्त से लेकर संबंधित विभाग के तमाम अधिकारियों के नोटिस में है। दोनों पक्षों के बीच किसी तरह विवाद नहीं हो, इसके लिए डीएफएससी के आश्वासन के बावजूद बुधवार को मंडी में पुलिस तैनात नहीं की गई।
मामला दोनों पक्षों के बीच कानूनी दांवपेंच का बना हुआ है। दोनों पक्षों के लोग स्वयं का मजबूत और दूसरे पक्ष को कमजोर बता रहे है। मंगलवार के विरोध के बाद बुधवार को मंडी में बीस आढ़तियों के अलावा सभी आढ़तियों की दुकानों पर पंखा लगाने का काम पूरी तरह बंद रहा।
श्रमिकों ने विरोध कर दूसरे दुकानदारों की दुकानों पर पहुंचकर भी काम बंद कराया। विरोध में श्रमिक काफी संख्या में एकत्रित हुए। श्रमिकों ने विरोध में नारेबाजी की और मार्केट कमेटी के सचिव महावीर सिंह की अनुपस्थिति में सचिव कार्यालय के कर्मी पंकज कुमार को अपनी मांग के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा। विरोध प्रदर्शन भारतीय मजदूर संघ हरियाणा के राज्य अध्यक्ष जंगबहादुर और मंडी मजदूर संगठन के जिला सचिव मदन लाल के नेतृत्व में किया गया।
आढ़ती एसोसिएशन विवाद से अलग
धान की ढेरियों पर पंखा लगाना और नहीं लगाना, यह पूरा मामला श्रमिकों का है। अब उन लोगों का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन को इस बात से कोई दिक्कत नहीं है।
श्रमिकों की जो मंशा है, वह कर सकते हैं। आढ़ती एसोसिएशन इस मामले से पूरी तरह बाहर है। हां, मंडी में बुधवार को पंखा लगाने का काम नहीं किया गया है।
रजनीश चौधरी, अध्यक्ष, आढ़ती एसोसिएशन
पंखा लगे तो श्रमिकों को पूरा लाभ मिले
पंखा लगाने से श्रमिकों को बीमारियां लगती है। 70 प्रतिशत श्रमिक अस्थमा समेत कई बीमारियों के शिकार हो चुके हैं। इस कारण काफी श्रमिक काम छोड़ चुके हैं। सरकार और आढ़तियों की ओर से कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं है। ईएसआई के नाम पर श्रमिकों को कुछ नहीं दिया जाता है।
मजदूरी भी अच्छी नहीं है। दिन भर में मजदूरी के नाम पर मिलने वाले पैसे से दोगुना अगले दिन डॉक्टर ले लेता है। इस मामले में बीस दिन पहले वह आढ़ती एसोसिएशन, मार्केट कमेटी के सचिव समेत तमाम उच्चाधिकारियों को नोटिस दे चुके है। श्रमिकों को इस काम के एवज में अतिरिक्त लाभ दिया जाता तो संभवत: यह नौबत नहीं आती।
इस मामले में आढ़ती एसोसिएशन और मार्केट सचिव की ओर से कोई पहल नहीं की गई। मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके लिए मंडी के आढ़ती और मार्केट कमेटी के अधिकारी जिम्मेदार है। अब कुछ भी हो वह लोग समस्या का हल हुए बिना पंखा लगाने का काम प्रारंभ नहीं करेंगे।
जंग बहादुर यादव, अध्यक्ष, भारतीय मजदूर संघ
पंखा लगाए बिना खरीद नहीं
मामला कुछ खास नहीं था लेकिन कुछ आढ़तियों के कारण यह विवाद बढ़ गया है। मंडी के ही कुछ आढ़तियों ने श्रमिकों को उकसा दिया। श्रमिकों की जुबानी ही पूरा मामला खुल रहा है। कुछ भी हो, जो जायज मांग हो उसे मान लेना चाहिए।
सरकार का ही नॉमर्स है कि वह लोग पंखा लगाए बिना धान नहीं खरीदेंगे। वे अपनी बात पर कायम है। पंखा लगे बिना कोई धान नहीं खरीदेंगे। उम्मीद है मंडी में कल से संभवत: काम चालू हो जाए। अन्यथा ठप ही पड़ा है।
विजय टक्कर, अध्यक्ष, राइस मिलर्स एसोसिएशन
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असली विवाद आढ़ती व मिलर्स के बीच ही था। इससे श्रमिक और किसान दोनों बेवजह फंसे हुए हैं। किसानों के धान की बिक्री नहीं हो पा रही है तो श्रमिकों का मेहनताना बंद पड़ा है। इसके लिए बुधवार को श्रमिकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन कर बवाल काटा।
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वहीं, मिलर्स अब भी अपनी बात पर कायम हैं कि वह बिना पंखा लगाए धान की खरीद नहीं करेंगे। धान की ढेरियों पर पंखा नहीं लगाने का मामला पिछले कई दिन से करनाल अनाज मंडी के आढ़तियों और राइस मिलर्स के बीच विवाद का कारण बना हुआ है।
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दोनों पक्षों के बीच मामला इतना अधिक गहरा गया कि तनाव की स्थिति बनी हुई है। मामला उपायुक्त से लेकर संबंधित विभाग के तमाम अधिकारियों के नोटिस में है। दोनों पक्षों के बीच किसी तरह विवाद नहीं हो, इसके लिए डीएफएससी के आश्वासन के बावजूद बुधवार को मंडी में पुलिस तैनात नहीं की गई।
मामला दोनों पक्षों के बीच कानूनी दांवपेंच का बना हुआ है। दोनों पक्षों के लोग स्वयं का मजबूत और दूसरे पक्ष को कमजोर बता रहे है। मंगलवार के विरोध के बाद बुधवार को मंडी में बीस आढ़तियों के अलावा सभी आढ़तियों की दुकानों पर पंखा लगाने का काम पूरी तरह बंद रहा।
श्रमिकों ने विरोध कर दूसरे दुकानदारों की दुकानों पर पहुंचकर भी काम बंद कराया। विरोध में श्रमिक काफी संख्या में एकत्रित हुए। श्रमिकों ने विरोध में नारेबाजी की और मार्केट कमेटी के सचिव महावीर सिंह की अनुपस्थिति में सचिव कार्यालय के कर्मी पंकज कुमार को अपनी मांग के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा। विरोध प्रदर्शन भारतीय मजदूर संघ हरियाणा के राज्य अध्यक्ष जंगबहादुर और मंडी मजदूर संगठन के जिला सचिव मदन लाल के नेतृत्व में किया गया।
आढ़ती एसोसिएशन विवाद से अलग
धान की ढेरियों पर पंखा लगाना और नहीं लगाना, यह पूरा मामला श्रमिकों का है। अब उन लोगों का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन को इस बात से कोई दिक्कत नहीं है।
श्रमिकों की जो मंशा है, वह कर सकते हैं। आढ़ती एसोसिएशन इस मामले से पूरी तरह बाहर है। हां, मंडी में बुधवार को पंखा लगाने का काम नहीं किया गया है।
रजनीश चौधरी, अध्यक्ष, आढ़ती एसोसिएशन
पंखा लगे तो श्रमिकों को पूरा लाभ मिले
पंखा लगाने से श्रमिकों को बीमारियां लगती है। 70 प्रतिशत श्रमिक अस्थमा समेत कई बीमारियों के शिकार हो चुके हैं। इस कारण काफी श्रमिक काम छोड़ चुके हैं। सरकार और आढ़तियों की ओर से कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं है। ईएसआई के नाम पर श्रमिकों को कुछ नहीं दिया जाता है।
मजदूरी भी अच्छी नहीं है। दिन भर में मजदूरी के नाम पर मिलने वाले पैसे से दोगुना अगले दिन डॉक्टर ले लेता है। इस मामले में बीस दिन पहले वह आढ़ती एसोसिएशन, मार्केट कमेटी के सचिव समेत तमाम उच्चाधिकारियों को नोटिस दे चुके है। श्रमिकों को इस काम के एवज में अतिरिक्त लाभ दिया जाता तो संभवत: यह नौबत नहीं आती।
इस मामले में आढ़ती एसोसिएशन और मार्केट सचिव की ओर से कोई पहल नहीं की गई। मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके लिए मंडी के आढ़ती और मार्केट कमेटी के अधिकारी जिम्मेदार है। अब कुछ भी हो वह लोग समस्या का हल हुए बिना पंखा लगाने का काम प्रारंभ नहीं करेंगे।
जंग बहादुर यादव, अध्यक्ष, भारतीय मजदूर संघ
पंखा लगाए बिना खरीद नहीं
मामला कुछ खास नहीं था लेकिन कुछ आढ़तियों के कारण यह विवाद बढ़ गया है। मंडी के ही कुछ आढ़तियों ने श्रमिकों को उकसा दिया। श्रमिकों की जुबानी ही पूरा मामला खुल रहा है। कुछ भी हो, जो जायज मांग हो उसे मान लेना चाहिए।
सरकार का ही नॉमर्स है कि वह लोग पंखा लगाए बिना धान नहीं खरीदेंगे। वे अपनी बात पर कायम है। पंखा लगे बिना कोई धान नहीं खरीदेंगे। उम्मीद है मंडी में कल से संभवत: काम चालू हो जाए। अन्यथा ठप ही पड़ा है।
विजय टक्कर, अध्यक्ष, राइस मिलर्स एसोसिएशन