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Karnal News: महंगी किताबें, वर्दी बिक रही...फीस भी बढ़ी, विभाग कर रहा शिकायत का इंतजार

Sun, 12 Apr 2026 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sun, 12 Apr 2026 02:15 AM IST
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Expensive books and uniforms are being sold...fees have also increased, the department is waiting for complaints.
दयाल सिंह प​ब्लिक स्कूल की किताबें खरीदते हुए अ​भिभावक
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिले में नया सत्र शुरू हुए 12 दिन बीतने के साथ-साथ अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। निजी स्कूलों की ओर से महंगी किताबें, वर्दी और बढ़ी हुई फीस एक साथ लगाने का खेल चालू है और अभिभावकों की जेब पर भार पड़ रहा है। शिक्षा विभाग अपने स्तर पर जांच के बजाय शिकायत का इंतजार करता कर रहा है।
जिले के निजी स्कूलों में निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर दी गई हैं, जिनके सेट 5 हजार रुपये तक में बेचे जा रहे हैं। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा केवल तय दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव बनाया जाता है। इससे मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति पर दबाव डालता है। वर्दी भी 2-2 हजार रुपये में पूरा सेट दिया जा रहा है। जिस घर में तीन-तीन बच्चे है वहां निजी प्रकाशकों की किताबें, स्कूल के लोगो की कॉपी और वर्दी का बजट कुल मिलाकर 20 हजार से भी ऊपर जा रहा है। जिले के 160 निजी सीबीएसई स्कूलों में 1.60 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं।
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अभिभावक एकता संघ के प्रधान दिनेश नरूला ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से प्रयास कर रहे हैं लेकिन कोई फायदा नहीं है। हमने 12 साल अनशन करके देख लिया, बीईओ से लेकर डीईओ, उच्च शिक्षा अधिकारी तक सभी के पास अपने प्रूफ के साथ समस्या सामने रखी कि किस तरह किताबों की कालाबाजारी हो रही है। फरवरी में कॉल करके अवगत कराया था लेकिन अब तक कुछ नहीं किया। शिक्षा अधिकारी सोए हुए हैं।
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अभिभावक खुलकर नहीं कर पा रहे विरोध

अभिभावकों में नाराजगी साफ नजर आ रही है लेकिन वे खुलकर विरोध करने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि यदि वे स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो इसका सीधा असर उनके बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। इसी डर के चलते अधिकतर अभिभावक मजबूरी में महंगी किताबें और अन्य खर्च वहन कर रहे हैं, जिससे यह समस्या और गहराती जा रही है।



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वर्जन-

स्कूलों की ओर से निर्धारित दुकानों से सामान बिकवाने के लिए किसी भी निजी स्कूल के पास कोई अनुमति नहीं हैं। इसके बारे में खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश देकर सीआरसी हेड से जांच कराई जाएगी। -नीलम, कुंडू, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी


वर्जन-
इस मामले में सभी बीईओ को जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अभिभावकों से शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। अपने स्तर पर भी जांच कराई जाएगी। -रोहताश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
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