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जाली प्रमाणपत्र बनवाने वाले विद्यार्थियों का रोका जाएगा परीक्षा परिणाम
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी होने से पहले उन परीक्षार्थियों को झटका लगने वाला है, जिन्होंने फर्जी एसएलसी या प्रमाणपत्र बनवाकर बोर्ड परीक्षा दी है। वहीं, जाली प्रमाणपत्र तैयार करने वाले निजी स्कूलों पर बोर्ड ने कार्रवाई की तैयारी की है। ऐसे स्कूलों पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि संबद्धता रद करने के लिए भी नोटिस जारी किया जाएगा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षा मार्च 2022 के जाली एसएलसी और प्रमाणपत्र वाले परीक्षार्थियों के एनरॉलमेंट रद करते हुए परीक्षा परिणाम रोका जा रहा है।
बोर्ड अध्यक्ष प्रो. जगबीर सिंह और सचिव कृष्ण कुमार ने बताया कि हरियाणा राज्य के राजकीय और स्थायी या अस्थायी मान्यता प्राप्त कक्षा 9वीं से 12वीं तक के अन्य राज्यों के परीक्षार्थियों के एनरोलमेंट रिटर्न के साथ अपलोड किए गए एसएलसी और प्रमाणपत्र का प्रत्यक्ष सत्यापन करवाने के लिए बोर्ड के अधिकारियों की टीम का गठन करते हुए विभिन्न राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, झारखंड, उत्तराखंड, गुजरात एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में भेजकर अभियान चलाते हुए सत्यापन कार्य दस्ती तौर पर करवाया गया। इसके अतिरिक्त बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और नेपाल आदि के परीक्षार्थियों के एसएलसी और प्रमाणपत्र का सत्यापन ई-मेल के माध्यम से करवाया गया।
दस्तावेज उपलब्ध न करवाने पर आरएलई घोषित होगा परिणाम
कुछ विद्यालयों ने एनरोलमेंट रिटर्न के साथ एसएलसी प्रमाणपत्र अपलोड नहीं किया। उन्हें शीघ्र दस्तावेज जमा कराने के लिए बोर्ड ने लिखा है। दस्तावेज उपलब्ध न करवाने के कारण ऐसे परीक्षार्थियों का परिणाम (आरएलई) घोषित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त दो विद्यालयों के निर्धारित आयु से अधिक उम्र के विद्यार्थियों को दाखिला देते हुए बोर्ड की परीक्षाएं दिलवाने और लगभग 10 विद्यालयों के रिकॉर्ड में अनियमितता में मामला विचाराधीन होने के कारण उनके परिणाम रोके गए हैं।
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जिन राजकीय या निजी विद्यालयों के प्रमाणपत्र जांच में जाली पाए गए हैं, उन परीक्षार्थियों के रजिस्ट्रेशन रद करने के साथ परीक्षा परिणाम रोके जाएंगे। वहीं संबंधित स्कूलों के खिलाफ बोर्ड के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिले में ऐसे कितने विद्यार्थी अथवा स्कूल हैं, उनकी सूची बोर्ड ने अब तक जारी नहीं की है।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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करनाल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी होने से पहले उन परीक्षार्थियों को झटका लगने वाला है, जिन्होंने फर्जी एसएलसी या प्रमाणपत्र बनवाकर बोर्ड परीक्षा दी है। वहीं, जाली प्रमाणपत्र तैयार करने वाले निजी स्कूलों पर बोर्ड ने कार्रवाई की तैयारी की है। ऐसे स्कूलों पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि संबद्धता रद करने के लिए भी नोटिस जारी किया जाएगा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षा मार्च 2022 के जाली एसएलसी और प्रमाणपत्र वाले परीक्षार्थियों के एनरॉलमेंट रद करते हुए परीक्षा परिणाम रोका जा रहा है।
बोर्ड अध्यक्ष प्रो. जगबीर सिंह और सचिव कृष्ण कुमार ने बताया कि हरियाणा राज्य के राजकीय और स्थायी या अस्थायी मान्यता प्राप्त कक्षा 9वीं से 12वीं तक के अन्य राज्यों के परीक्षार्थियों के एनरोलमेंट रिटर्न के साथ अपलोड किए गए एसएलसी और प्रमाणपत्र का प्रत्यक्ष सत्यापन करवाने के लिए बोर्ड के अधिकारियों की टीम का गठन करते हुए विभिन्न राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, झारखंड, उत्तराखंड, गुजरात एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में भेजकर अभियान चलाते हुए सत्यापन कार्य दस्ती तौर पर करवाया गया। इसके अतिरिक्त बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और नेपाल आदि के परीक्षार्थियों के एसएलसी और प्रमाणपत्र का सत्यापन ई-मेल के माध्यम से करवाया गया।
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दस्तावेज उपलब्ध न करवाने पर आरएलई घोषित होगा परिणाम
कुछ विद्यालयों ने एनरोलमेंट रिटर्न के साथ एसएलसी प्रमाणपत्र अपलोड नहीं किया। उन्हें शीघ्र दस्तावेज जमा कराने के लिए बोर्ड ने लिखा है। दस्तावेज उपलब्ध न करवाने के कारण ऐसे परीक्षार्थियों का परिणाम (आरएलई) घोषित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त दो विद्यालयों के निर्धारित आयु से अधिक उम्र के विद्यार्थियों को दाखिला देते हुए बोर्ड की परीक्षाएं दिलवाने और लगभग 10 विद्यालयों के रिकॉर्ड में अनियमितता में मामला विचाराधीन होने के कारण उनके परिणाम रोके गए हैं।
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जिन राजकीय या निजी विद्यालयों के प्रमाणपत्र जांच में जाली पाए गए हैं, उन परीक्षार्थियों के रजिस्ट्रेशन रद करने के साथ परीक्षा परिणाम रोके जाएंगे। वहीं संबंधित स्कूलों के खिलाफ बोर्ड के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिले में ऐसे कितने विद्यार्थी अथवा स्कूल हैं, उनकी सूची बोर्ड ने अब तक जारी नहीं की है।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी