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एवरेस्ट फतेह, पर सरकारी से हारी

Wed, 12 Feb 2014 12:22 AM IST
करनाल
करनाल Updated Wed, 12 Feb 2014 12:22 AM IST
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Everest tracker accuses govt for discrimination

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घरौंडा। माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाली हरियाणा पुलिस की हेड कांस्टेबल अनीता देवी को प्रदेश सरकार की ओर से न तो कोई प्रोत्साहन मिला है और न ही कोई सम्मान। अनीता ने प्रदेश सरकार की नीति को भी भेदभावपूर्ण बताया है। अनीता का कहना है कि प्रदेश सरकार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने को खेल नीति का हिस्सा नहीं मानती।

माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली ममता सौदा को प्रदेश सरकार ने डीएसपी पद के साथ-मान सम्मान दिया है, लेकिन हरियाणा में करीब दर्जनभर एवरेस्ट फतेह करने वाले ट्रैकर हैं, जिन्हें प्रदेश सरकार ने कुछ नहीं दिया। प्रदेश सरकार की नीति से नाखुश अनीता देवी ने आगामी चुनावों में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बनाया है।  हिसार के एक छोटे से गांव फरीदपुर की रहने वाली अनीता देवी मधुबन पुलिस अकादमी में सिपाही के पद पर तैनात हैं।
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दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा लिए अनीता ने पर्वतारोहण का कोर्स किया और देश की कई ऊंची चोटियों पर चढ़ने के बाद वर्ष 2013 में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने में सफलता हासिल की। एवरेस्ट पर चढ़ने में अनीता को एक महीना 18 दिन और नीचे आने में करीब एक सप्ताह से अधिक का समय लगा।
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अनीता का कहना है कि एवरेस्ट पर चढ़ना एक एडवेंचर गेम है, जिसमें काफी खतरों का सामान करना पड़ता है। एवरेस्ट पर ऑक्सीजन की काफी कमी होती है, जिस तरह का वातावरण और मुश्किलें एवरेस्ट पर होती है उसे सिर्फ एक ट्रैकर ही जान सकता है।

एक को पद, बाकी को कुछ नहीं
अनीता ने बताया कि प्रदेश सरकार कहती है कि एवरेस्ट पर चढ़ना खेल नीति में नहीं आता। अगर ऐसा है तो किसी एक को ही पद और सम्मान क्यों मिला? बाकी को कुछ भी नहीं।

ममता सौदा को देखकर उन्हें प्रेरणा मिली। जब 2010 में ममता को प्रदेश सरकार ने पद और सम्मान दिया, तो उन्हें भी मोटिवेशन मिला। अनीता जैसे करीब दर्जनभर ट्रैकर हैं, जिन्हें आज तक न तो प्रदेश सरकार की ओर से कोई सम्मान मिला और न ही कोई पद। प्रदेश सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति से अनीता काफी नाखुश हैं।

सांसद भूले अपनी घोषणा से
अनीता ने बताया कि उनके गांव फरीदपूर में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। जिसमें आस पास के गांव के लोग भी पहुंचे थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद अशोक तंवर ने 51 हजार रुपये की राशि और डीएसपी पद की सिफारिश प्रदेश मुख्यमंत्री से करने की घोषणा की थी, जब वह इस राशि को लेने के लिए सांसद महोदय के पास पहुंची तो वे अपनी घोषणा को ही भूल गए, पद की सिफारिश तो दूर की बात थी।

 
आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे : अनीता
अनीता का कहना है कि प्रदेश सरकार को प्रत्येक खेल और खिलाड़ी को सम्मान देना चाहिए। अगर प्रदेश सरकार उनकी ओर ध्यान नहीं देती तो वे आगामी चुनावों में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने से भी पीछे नहीं हटेंगी।
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