{"_id":"6aeb87bd2fb635a2b80e048d","slug":"even-with-an-mri-machine-available-tests-are-having-to-be-done-at-private-centers-karnal-news-c-18-knl1018-1026543-2026-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: एमआरआई मशीन होने के बाद भी निजी केंद्रों पर करानी पड़ रही जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: एमआरआई मशीन होने के बाद भी निजी केंद्रों पर करानी पड़ रही जांच
विज्ञापन
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमआरआई मशीन सही होने के बाद भी मरीजों की परेशानी कम नहीं हो रही है। मशीन चालू होने से मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद थी लेकिन ओपीडी में आने वाले मरीजों को अभी भी एमआरआई जांच के लिए बाहर के केंद्रों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
अस्पताल में केवल भर्ती मरीजों की ही एमआरआई जांच की जा रही है। ओपीडी में डॉक्टरों की सलाह पर एमआरआई कराने वाले मरीजों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।
निजी सेंटरों पर जांच कराने में मरीजों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। एक जांच 7 से 10 हजार रुपये तक की होती है। मरीज अमनदीप, रोहताश का कहना है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन जल्द ही ओपीडी मरीजों के लिए भी एमआरआई जांच शुरू करानी चाहिए। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
अस्पताल में केवल भर्ती मरीजों की ही एमआरआई जांच की जा रही है। ओपीडी में डॉक्टरों की सलाह पर एमआरआई कराने वाले मरीजों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन
निजी सेंटरों पर जांच कराने में मरीजों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। एक जांच 7 से 10 हजार रुपये तक की होती है। मरीज अमनदीप, रोहताश का कहना है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन जल्द ही ओपीडी मरीजों के लिए भी एमआरआई जांच शुरू करानी चाहिए। ब्यूरो
विज्ञापन