{"_id":"65d2784c24b73e6ec604e8a7","slug":"entrepreneur-class-expects-tax-relief-in-the-budget-karnal-news-c-36-1-ame1006-118560-2024-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: बजट में उद्यमी वर्ग को कर में छूट की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: बजट में उद्यमी वर्ग को कर में छूट की उम्मीद
विज्ञापन
उद्यमी दलजीत सिंह भाटिया
अंबाला सिटी। आने वाल समय में प्रदेश सरकार की ओर से बजट पेश किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक वर्ग बजट में कुछ बेहतर होने की उम्मीदें लगाए बैठा है। इसमें उद्यमी वर्ग को भी बेहतरी की उम्मीद है।
उद्यमियों को उम्मीद है कि इस बजट में उन्हें कर में भी थोड़ी राहत मिलनी चाहिए। प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत मिलने वाली छूट को भी बढ़ाने की मांग है। विकास शुल्क को लेकर भी उद्यमियों की मांग है कि यह शुल्क वाणिज्य क्षेत्र के आधार पर नहीं उद्योग क्षेत्र के आधार पर लिया जाना चाहिए जिससे उद्यमियों को भी थोड़ी राहत मिल सके।
कर में कमी करे सरकार
बैट्री निर्माता विकास बंसल का कहना है कि आने वाले बजट को लेकर उन्हें उम्मीद है कि सरकार 18 प्रतिशत जीएसटी को थोड़ा कम करें। जिससे निर्माणकर्ता को थोड़ी राहत मिल सके। उनका कहना है कि इस स्लैब को पांच प्रतिशत कर देना चाहिए। इससे छोटे उद्यमियों को भी राहत मिल सके।
विज्ञापन
कर्ज के ब्याज में न लगे जीएसटी
मिक्सी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रधान अजय अग्रवाल का कहना है कि जब भी कोई उद्यमी नई मशीनरी खरीदता है तो उसे मशीनरी की कीमत पर 18 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है। इससे जब वे मशीनरी को खरीदने के लिए कर्ज लेते है तो उन्हें जीएसटी पर भी ब्याज देना पड़ता है। सरकार को इस हटाना चाहिए, जिससे नए उद्यमियों को राहत मिल सके।
आईएसआई प्रमाणिकता की फीस में हो कटौती
मिक्सी उपकरणों के पार्ट बनाने वाले तरसेम धीमान का कहना है कि किसी भी उपकरण को बनाने के बाद उसे आईएसआई की ओर से प्रमाणित करवाना होता है। लेकिन इस प्रमाणिकता को लेने के लिए जो प्रक्रिया है वह बहुत जटिल है। इसे सरल बनाने की जरूरत है। इसके साथ ही इसकी फीस बी बहुत अधिक है, जिसे भी कम किया जाना चाहिए।
विकास शुल्क में कमी करे सरकार
उद्यमी दलजीत सिंह भाटिया ने बताया कि जब कोई उद्यमी नई इकाई लगाता है तो उसे विकास शुल्क देना होता है। लेकिन कुछ क्षेत्र ऐसे है जो निगम के तहत आते है ऐसे में उन उद्यमियों से वाणिज्य वर्ग के आधार पर विकास शुल्क लिया जाता है। इससे उद्यमी पर बहुत अधिक बोझ पड़ता है। सरकार को निगम के क्षेत्र में आने वाली उद्योग इकाइयों से उद्योग वर्ग के अनुसार ही विकास शुल्क लेना चाहिए।
विज्ञापन
उद्यमियों को उम्मीद है कि इस बजट में उन्हें कर में भी थोड़ी राहत मिलनी चाहिए। प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत मिलने वाली छूट को भी बढ़ाने की मांग है। विकास शुल्क को लेकर भी उद्यमियों की मांग है कि यह शुल्क वाणिज्य क्षेत्र के आधार पर नहीं उद्योग क्षेत्र के आधार पर लिया जाना चाहिए जिससे उद्यमियों को भी थोड़ी राहत मिल सके।
विज्ञापन
कर में कमी करे सरकार
बैट्री निर्माता विकास बंसल का कहना है कि आने वाले बजट को लेकर उन्हें उम्मीद है कि सरकार 18 प्रतिशत जीएसटी को थोड़ा कम करें। जिससे निर्माणकर्ता को थोड़ी राहत मिल सके। उनका कहना है कि इस स्लैब को पांच प्रतिशत कर देना चाहिए। इससे छोटे उद्यमियों को भी राहत मिल सके।
विज्ञापन
कर्ज के ब्याज में न लगे जीएसटी
मिक्सी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रधान अजय अग्रवाल का कहना है कि जब भी कोई उद्यमी नई मशीनरी खरीदता है तो उसे मशीनरी की कीमत पर 18 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है। इससे जब वे मशीनरी को खरीदने के लिए कर्ज लेते है तो उन्हें जीएसटी पर भी ब्याज देना पड़ता है। सरकार को इस हटाना चाहिए, जिससे नए उद्यमियों को राहत मिल सके।
आईएसआई प्रमाणिकता की फीस में हो कटौती
मिक्सी उपकरणों के पार्ट बनाने वाले तरसेम धीमान का कहना है कि किसी भी उपकरण को बनाने के बाद उसे आईएसआई की ओर से प्रमाणित करवाना होता है। लेकिन इस प्रमाणिकता को लेने के लिए जो प्रक्रिया है वह बहुत जटिल है। इसे सरल बनाने की जरूरत है। इसके साथ ही इसकी फीस बी बहुत अधिक है, जिसे भी कम किया जाना चाहिए।
विकास शुल्क में कमी करे सरकार
उद्यमी दलजीत सिंह भाटिया ने बताया कि जब कोई उद्यमी नई इकाई लगाता है तो उसे विकास शुल्क देना होता है। लेकिन कुछ क्षेत्र ऐसे है जो निगम के तहत आते है ऐसे में उन उद्यमियों से वाणिज्य वर्ग के आधार पर विकास शुल्क लिया जाता है। इससे उद्यमी पर बहुत अधिक बोझ पड़ता है। सरकार को निगम के क्षेत्र में आने वाली उद्योग इकाइयों से उद्योग वर्ग के अनुसार ही विकास शुल्क लेना चाहिए।

उद्यमी दलजीत सिंह भाटिया

उद्यमी दलजीत सिंह भाटिया

उद्यमी दलजीत सिंह भाटिया