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Karnal News: सांस्कृतिक धरोहर को बरकरार रखने पर जोर
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस और लोहड़ी पर्व कार्यक्रम में अपनी सांस्कृतिक धरोहर को बरकरार रखने पर जोर दिया गया। छात्र कल्याण निदेशक प्रो. रंजन गुप्ता ने युवाओं के भविष्य निर्माण की भूमिका को परिभाषित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। यदि युवा सही दिशा में प्रयास करें, तो वे न केवल अपने जीवन को सफल बना सकते हैं, बल्कि देश को भी सशक्त बना सकते हैं।
स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संयोजक मुख्य वक्ता कुलदीप ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को समझाते हुए स्वदेशी अपनाने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता, राष्ट्र के प्रति समर्पण, और मानव सेवा के आदर्श ही सच्चे विकास के आधार हैं।
डीन (पीजीएस) प्रो. धर्मपॉल ने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का महत्व बताते हुए युवाओं को अपने जीवन में स्वामी जी के विचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। संयोजक डॉ. अजय कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। मौके पर डॉ. प्रदीप सिंह, डॉ. राज कुमार, डॉ. उमा प्रजापति, डॉ. युवराज, डॉ. बिजेंद्र सिंह, डॉ. पंकज, डॉ. विनोद, डॉ मनीष, डॉ. विजय अरोड़ा, डॉ. सुरेश अरोड़ा आदि शामिल रहे।
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करनाल। महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस और लोहड़ी पर्व कार्यक्रम में अपनी सांस्कृतिक धरोहर को बरकरार रखने पर जोर दिया गया। छात्र कल्याण निदेशक प्रो. रंजन गुप्ता ने युवाओं के भविष्य निर्माण की भूमिका को परिभाषित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। यदि युवा सही दिशा में प्रयास करें, तो वे न केवल अपने जीवन को सफल बना सकते हैं, बल्कि देश को भी सशक्त बना सकते हैं।
स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संयोजक मुख्य वक्ता कुलदीप ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को समझाते हुए स्वदेशी अपनाने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता, राष्ट्र के प्रति समर्पण, और मानव सेवा के आदर्श ही सच्चे विकास के आधार हैं।
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डीन (पीजीएस) प्रो. धर्मपॉल ने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का महत्व बताते हुए युवाओं को अपने जीवन में स्वामी जी के विचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। संयोजक डॉ. अजय कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। मौके पर डॉ. प्रदीप सिंह, डॉ. राज कुमार, डॉ. उमा प्रजापति, डॉ. युवराज, डॉ. बिजेंद्र सिंह, डॉ. पंकज, डॉ. विनोद, डॉ मनीष, डॉ. विजय अरोड़ा, डॉ. सुरेश अरोड़ा आदि शामिल रहे।
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