{"_id":"67feca00b6ec2606f20c15af","slug":"electricity-and-water-crisis-increased-with-heat-karnal-news-c-18-knl1008-624941-2025-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: गर्मी के साथ बढ़ा बिजली-पानी का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: गर्मी के साथ बढ़ा बिजली-पानी का संकट
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गर्मी की शुरुआत में ही बिजली और पानी का संकट गहराने लगा है। बिजली के लंबे कट और लाइन में फॉल्ट जहां लोगों के पसीने छुड़ा रहे हैं, वहीं घरों में गंदे पानी या कम प्रेशर के साथ जलापूर्ति परेशान कर रही है।
हालात यह हैं कि बिजली निगम में रोजाना औसतन 715 फोन से शिकायतों आ रही हैं। ज्यादातर लोगों के कॉल टीमें नहीं उठा पाती हैं। ऐसे में इन शिकायतों का पंजीकरण न होने से समाधान होने में भी समय लगता है। इसके अलावा पंजीकृत शिकायत पर भी समाधान के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
इधर, फॉल्ट की शिकायतों के साथ-साथ जिले में बिजली की खपत भी बढ़ गई है। मार्च की तुलना में करीब 15 लाख यूनिट प्रतिदिन की खपत अधिक होने लगी है। यह हालात तब हैं, जब ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों लाइट के कट लग रहे और शहर में खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
विज्ञापन
शहर के पॉश इलाकों के अलावा कॉलोनियों में भी बिजली और पानी की दिक्कत बढ़ने लगी है। गत सप्ताह आई आंधी से कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे और पेड़ ध्वस्त हो गए थे, इस कारण जो लाइनें खराब थी, उन्हें अभी तक टीमें दुरुस्त नहीं कर पाई हैं। विभाग का दावा है कि वे बेहतर इंतजामों के साथ बिजली आपूर्ति देने का प्रयास कर रहे हैं। गेहूं कटाई के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती की जा रही है।
मार्च में ही फोन से आईं 23.5 हजार शिकायतें : बिजली निगम में केवल मार्च माह में ही फोन पर 23612 शिकायतें आईं। अप्रैल माह में भी 14 तारीख तक 8585 शिकायतें दर्ज हुईं। यानी 45 दिनों में 32197 के अनुसार, औसतन रोजाना 715 शिकायत दर्ज हुई। जिनका समाधान किया गया। बिजली निगम की ओर से हेल्पलाइन नंबर 1912, 9354761639, 18001801550 जारी किया गया है। जिस पर कॉल करके लोग अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं।
विज्ञापन
करनाल। गर्मी की शुरुआत में ही बिजली और पानी का संकट गहराने लगा है। बिजली के लंबे कट और लाइन में फॉल्ट जहां लोगों के पसीने छुड़ा रहे हैं, वहीं घरों में गंदे पानी या कम प्रेशर के साथ जलापूर्ति परेशान कर रही है।
हालात यह हैं कि बिजली निगम में रोजाना औसतन 715 फोन से शिकायतों आ रही हैं। ज्यादातर लोगों के कॉल टीमें नहीं उठा पाती हैं। ऐसे में इन शिकायतों का पंजीकरण न होने से समाधान होने में भी समय लगता है। इसके अलावा पंजीकृत शिकायत पर भी समाधान के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन
इधर, फॉल्ट की शिकायतों के साथ-साथ जिले में बिजली की खपत भी बढ़ गई है। मार्च की तुलना में करीब 15 लाख यूनिट प्रतिदिन की खपत अधिक होने लगी है। यह हालात तब हैं, जब ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों लाइट के कट लग रहे और शहर में खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
विज्ञापन
शहर के पॉश इलाकों के अलावा कॉलोनियों में भी बिजली और पानी की दिक्कत बढ़ने लगी है। गत सप्ताह आई आंधी से कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे और पेड़ ध्वस्त हो गए थे, इस कारण जो लाइनें खराब थी, उन्हें अभी तक टीमें दुरुस्त नहीं कर पाई हैं। विभाग का दावा है कि वे बेहतर इंतजामों के साथ बिजली आपूर्ति देने का प्रयास कर रहे हैं। गेहूं कटाई के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती की जा रही है।
मार्च में ही फोन से आईं 23.5 हजार शिकायतें : बिजली निगम में केवल मार्च माह में ही फोन पर 23612 शिकायतें आईं। अप्रैल माह में भी 14 तारीख तक 8585 शिकायतें दर्ज हुईं। यानी 45 दिनों में 32197 के अनुसार, औसतन रोजाना 715 शिकायत दर्ज हुई। जिनका समाधान किया गया। बिजली निगम की ओर से हेल्पलाइन नंबर 1912, 9354761639, 18001801550 जारी किया गया है। जिस पर कॉल करके लोग अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं।