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04. ई-ऑफिस : कार्यप्रणाली में नहीं हुआ सुधार तो कार्यवाही को रहें तैयार
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करनाल। ई-ऑफिस को लेकर सरकार सख्त है। लेकिन कई विभागों के अधिकारी अभी तक ई-सिस्टम में ढल नहीं रहे हैं। ऐसे में जिन विभागों की दिसंबर माह में भी कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, जनवरी में उनके मुखिया के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने अधिकारियों से यह बात कही।
वे शुक्रवार को पंचायत भवन में ई-ऑफिस, सरल पोर्टल और सीएम विंडो को लेकर अधिकारियों के साथ मासिक बैठक कर रहे थे।
बैठक में नगराधीश अभय सिंह जांगड़ा और सीएमजीजीए तवलीन सिंह ने सबसे पहले ई-ऑफिस से संबंधी विभागों की कार्यप्रणाली पर जानकारी दी। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यालय में ई-ऑफिस के माध्यम से जिन अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं बनती है, उनका यूजर आईडी पोर्टल से हटवाएं, केवल एक्टिव यूजर आईडी ही रखें। इस पर डीसी ने कहा कि कार्यप्रणाली में सुधार न लाने वाले विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करें। सप्ताह में पांच फाइल ई-ऑफिस के माध्यम से अवश्य करें। सीएम विंडो के मामले में उपायुक्त कहा कि लंबित पड़ी ऐसी शिकायतें जो न्यायालय में विचाराधीन है, उनका वर्णन पोर्टल पर किया जाए ताकि सीएम विंडो के पोर्टल से शिकायत हटवाई जा सके। बैठक में सभी एसडीएम और अधिकारी मौजूद रहे।
सरल पोर्टल में करनाल प्रदेश में अग्रणी
सरल पोर्टल के माध्यम से दी जा रही सेवाओं की रैंकिंग के मामले में सीएमजीजीए ने बताया कि इस माह भी जिला प्रदेश में 9.9 नंबर के साथ पहली रैंकिंग पर है। डीसी ने कहा कि राइट-टू-सर्विस अधिनियम के लागू होने से सभी अधिकारियों के लिए समय पर शिकायत का निपटारा करना जरूरी हो गया है। अन्यथा उन पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक कार्रवाई का भी प्रावधान है।
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वे शुक्रवार को पंचायत भवन में ई-ऑफिस, सरल पोर्टल और सीएम विंडो को लेकर अधिकारियों के साथ मासिक बैठक कर रहे थे।
बैठक में नगराधीश अभय सिंह जांगड़ा और सीएमजीजीए तवलीन सिंह ने सबसे पहले ई-ऑफिस से संबंधी विभागों की कार्यप्रणाली पर जानकारी दी। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यालय में ई-ऑफिस के माध्यम से जिन अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं बनती है, उनका यूजर आईडी पोर्टल से हटवाएं, केवल एक्टिव यूजर आईडी ही रखें। इस पर डीसी ने कहा कि कार्यप्रणाली में सुधार न लाने वाले विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करें। सप्ताह में पांच फाइल ई-ऑफिस के माध्यम से अवश्य करें। सीएम विंडो के मामले में उपायुक्त कहा कि लंबित पड़ी ऐसी शिकायतें जो न्यायालय में विचाराधीन है, उनका वर्णन पोर्टल पर किया जाए ताकि सीएम विंडो के पोर्टल से शिकायत हटवाई जा सके। बैठक में सभी एसडीएम और अधिकारी मौजूद रहे।
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सरल पोर्टल में करनाल प्रदेश में अग्रणी
सरल पोर्टल के माध्यम से दी जा रही सेवाओं की रैंकिंग के मामले में सीएमजीजीए ने बताया कि इस माह भी जिला प्रदेश में 9.9 नंबर के साथ पहली रैंकिंग पर है। डीसी ने कहा कि राइट-टू-सर्विस अधिनियम के लागू होने से सभी अधिकारियों के लिए समय पर शिकायत का निपटारा करना जरूरी हो गया है। अन्यथा उन पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक कार्रवाई का भी प्रावधान है।
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