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डाटा के अभाव में निजी खेल प्रशिक्षकों का वेतन रुका
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डाटा के अभाव में निजी खेल प्रशिक्षकों का वेतन रुका
जिले के सरकारी और निजी स्कूलों सहित प्राइवेट खेल संस्थाओं में कार्यरत हैं 33 प्रशिक्षक
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए जिले के सरकारी और निजी स्कूलों सहित प्राइवेट खेल संस्थाओं में शुरू की गई 33 खेल नर्सरियों में से लगभग 60 प्रतिशत खेल प्रशिक्षकों ने अभी तक अपना डाटा विभाग में जमा नही कराया है। जिसके चलते कोचों के खाते में अगस्त माह का मानदेय नही पहुंच पाया है।
प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए खेल विभाग ने इस वर्ष खेल नर्सरियों में इजाफा किया है। सरकारी कोचों की खेल नर्सरियों की शुरूआत अप्रैल माह से कर दी गई थी, निजी रूप से शुरू की गई खेल नर्सरी अगस्त माह से शुरू की गई थी। इनमें नियुक्त प्रशिक्षकों को खेल विभाग की ओर से प्रत्येक माह का मानदेय देने की बात की गई थी। इसके लिए प्रशिक्षकों को जुलाई के अंत तक अपना डाटा भेजना था, लेकिन अभी तक 33 खेल प्रशिक्षकों में से केवल 15 प्रशिक्षक ही अपना डाटा भेज सके हैं। सरकारी प्रशिक्षकों के नेतृत्व में चल रही खेल नर्सरी के खिलाड़ियों का बैंक डिटेल आदि खेल विभाग द्वारा मांगा गया था। ब्यूरो
खेल नर्सरी को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी सरकारी और निजी खेल नर्सरी के कोचों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। खेल नर्सरी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी खिलाड़ियों और निजी तौर पर चल रही खेल नर्सरी के प्रशिक्षकों को जल्द से जल्द बैंक डिटेल सहित अपना और खिलाड़ियों का पूरा डाटा जमा करने को कहा गया है। जिससे खेल विभाग डाइट और मानदेय राशि बैंक खातों में भेज सके।
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-सत्यवीर सिंह कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी
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जिले के सरकारी और निजी स्कूलों सहित प्राइवेट खेल संस्थाओं में कार्यरत हैं 33 प्रशिक्षक
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए जिले के सरकारी और निजी स्कूलों सहित प्राइवेट खेल संस्थाओं में शुरू की गई 33 खेल नर्सरियों में से लगभग 60 प्रतिशत खेल प्रशिक्षकों ने अभी तक अपना डाटा विभाग में जमा नही कराया है। जिसके चलते कोचों के खाते में अगस्त माह का मानदेय नही पहुंच पाया है।
प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए खेल विभाग ने इस वर्ष खेल नर्सरियों में इजाफा किया है। सरकारी कोचों की खेल नर्सरियों की शुरूआत अप्रैल माह से कर दी गई थी, निजी रूप से शुरू की गई खेल नर्सरी अगस्त माह से शुरू की गई थी। इनमें नियुक्त प्रशिक्षकों को खेल विभाग की ओर से प्रत्येक माह का मानदेय देने की बात की गई थी। इसके लिए प्रशिक्षकों को जुलाई के अंत तक अपना डाटा भेजना था, लेकिन अभी तक 33 खेल प्रशिक्षकों में से केवल 15 प्रशिक्षक ही अपना डाटा भेज सके हैं। सरकारी प्रशिक्षकों के नेतृत्व में चल रही खेल नर्सरी के खिलाड़ियों का बैंक डिटेल आदि खेल विभाग द्वारा मांगा गया था। ब्यूरो
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खेल नर्सरी को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी सरकारी और निजी खेल नर्सरी के कोचों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। खेल नर्सरी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी खिलाड़ियों और निजी तौर पर चल रही खेल नर्सरी के प्रशिक्षकों को जल्द से जल्द बैंक डिटेल सहित अपना और खिलाड़ियों का पूरा डाटा जमा करने को कहा गया है। जिससे खेल विभाग डाइट और मानदेय राशि बैंक खातों में भेज सके।
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-सत्यवीर सिंह कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी