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उपलब्धि: देश में पहली बार फसलों पर ड्रोन से होगा खाद का स्प्रे, हरियाणा के करनाल से होगी शुरुआत

Thu, 28 Oct 2021 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो देव शर्मा, अमर उजाला, करनाल
देव शर्मा, अमर उजाला, करनाल Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 28 Oct 2021 02:15 AM IST
सार

किसानों के लिए अच्छी खबर है। किसानों के लिए एक खास तरह का ड्रोन तैयार किया गया है। यह एक बार में 100 एकड़ तक के खेत को स्कैन कर स्प्रे करेगा। खाद स्प्रे के लिए किसानों को परेशान नहीं होना होगा। अगर साढ़े सात लाख कीमत के इस ड्रोन को वे खरीद नहीं पाएंगे, तो इसे किराये पर भी लिया जा सकेगा।

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Drone will spray fertilizers on crops for the first time in the country will start from Karnal in Haryana
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में पहली बार अब खेतों में खड़ी फसलों को ड्रोन से खाद दी जाएगी। इसकी शुरुआत हरियाणा के करनाल से होगी। इसमें इफको द्वारा विश्व में पहली बार निर्मित तरल उर्वरक नैनो यूरिया का छिड़काव ड्रोन से किया जाएगा। यह ड्रोन खाद मिले पानी को लेकर सिर्फ 10 मिनट में एक एकड़ फसल पर स्प्रे करेगा। इसे एक स्थान पर बैठकर पांच किलोमीटर परिधि में खेतों पर खाद का स्प्रे किया जा सकेगा। ड्रोन यदि ऑटोमेटिक मोड पर है, तो जितना रकबा उसमें अंकित किया जाएगा, उतने रकबे में स्प्रे करके वापस लौट आएगा। इससे किसान का समय, जल एवं धन की भी बचत होगी।

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बेहतर मिलेगा उत्पादन
इसके अलावा उत्पादन बेहतर मिलेगा। इफको ने ड्रोन से खाद स्प्रे की अनुमति सरकार से प्राप्त कर ली है। अब ड्रोन को कोई भी किसान, संस्था आदि इफको की मदद से खरीद सकती है। ड्रोन विशेषज्ञ डॉ. शंकर गोयनका ने बताया कि आमतौर पर किसानों को प्रति एकड़ करीब 100 लीटर पानी में 500 मिली नैनो यूरिया मिलाकर स्प्रे करना पड़ता है, जिसमें करीब एक घंटा लगता है, लेकिन ड्रोन स्प्रे में एक एकड़ में सिर्फ 250 मिली नैनो यूरिया, 10 लीटर पानी मिलाना होगा और सिर्फ 10 मिनट में स्प्रे हो जाएगा व पूरे पौधे भी भीग जाएंगे।
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200 रुपये प्रति एकड़ आएगा खर्च
इफको करनाल के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. निरंजन सिंह ने बताया कि इसमें अभी तक स्प्रे कराने में करीब 300 रुपये मजदूरी लगती है। लेकिन ड्रोन से सिर्फ 200 रुपये प्रति एकड़ खर्च आएगा। विश्व में पहली बार पिछले दिनों इफको ने तरल उर्वरक नैनो यूरिया बनाया, जिसे किसानों ने बेहद पसंद किया। अब इफको को सरकार से ड्रोन स्प्रे कराने की अनुमति मिल गई है, ड्रोन को कोई किसान या संस्था लेगी, तो इफको इसके लिए ऋण दिलाने, अभिलेख तैयार कराने आदि में पूरी मदद करेगा। ड्रोन को खरीदने में करीब 7.50 लाख रुपये का व्यय आएगा।

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किसान किराये पर भी ले सकेंगे ड्रोन
खरीदने वाला व्यक्ति किसानों को किराये पर दे सकता है। बुधवार को तरावड़ी में एक किसान सभा का आयोजन करके प्रगतिशील किसानों को इफको नई दिल्ली के उप महाप्रबंधक डॉ. वेदपाल, इफको चंडीगढ़ के उप महाप्रबंधक डॉ. ओमकार सिंह ने किसानों को नैनो यूरिया के ड्रोन स्प्रे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आगामी तीन चार दिन में करनाल को ड्रोन उपलब्ध करा दिया जाएगा। ड्रोन स्प्रे की शुरुआत करनाल से ही की जाएगी। इसके बाद हरियाणा व देश के अन्य राज्यों में इसका प्रयोग किया जाएगा। ड्रोन स्प्रे का ट्रायल पिछले दिनों गुजरात के भावनगर में केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री मनसुख मंडाविया के समक्ष हो चुका है। करनाल से ही हरियाणा में पहली बार नैनो यूरिया की बिक्री शुरू कराई गई थी।

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100 एकड़ तक के खेत को एक बार में करेगा स्कैन
ड्रोन विशेषज्ञ डॉ. शंकर गोयनका ने बताया कि ड्रोन स्प्रे का सबसे बड़ा फायदा किसानों को गन्ना, बाग, सरसों आदि उन फसलों में होगा, जो ऊंची हैं या फिर जिनमें घुसने से फसलों को नुकसान होता है या जलभराव आदि की स्थिति में जहां किसान घुस नहीं पाते हैं। 8000 आरपीएम वाला ड्रोन पत्तियों से लेकर तनों तक पेड़ को बिना किसी गैप के सराबोर करता है। खास बात यह है कि 100 एकड़ तक के खेत को भी एक बार में स्कैन करके इसमें लगा कैमरा फोटो भी तैयार करेगा।

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अवरोध से स्वयं करेगा बचाव
फोटो से किसान यह देख सकेगा कि पूरे खेत में किस स्थान पर बीमारी या कीड़ा आदि लगा है। पानी खत्म होने पर स्वयं वापस आएगा, पानी लेकर फिर जाकर उसी स्थान से ड्रोन स्प्रे शुरू करेगा, न तो स्थान छोड़ेगा और न ही दोहराव करेगा। ड्रोन में सेंसर भी लगा होगा, जो रास्ते में बिजली का पोल या पेड़ आदि अवरोध आने पर स्वत: ही उससे बचकर आगे निकल जाएगा।
 

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