फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Agriculture Minister of haryana denied the shortage of fertilizers in the state

डीएपी की किल्लत: कृषि मंत्री बोले- प्रदेश के लोग राजस्थान के अपने रिश्तेदारों को दे रहे खाद, हरियाणा में संकट नहीं

Thu, 28 Oct 2021 01:55 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 28 Oct 2021 01:55 AM IST
सार

प्रदेश के कई जिलों में डीएपी खाद के लिए किसानों को लाइनों में लगना पड़ रहा है। उधर, कृषि मंत्री ने प्रदेश में खाद की किल्लत को नकारते हुए कहा है कि राजस्थान में डीएपी खाद नहीं है, इसलिए प्रदेश के लोग अपने राजस्थान के रिश्तेदारों को खाद दे रहे हैं। 

विज्ञापन
Agriculture Minister of haryana denied the shortage of fertilizers in the state
कृषि मंत्री जेपी दलाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा से राजस्थान में खाद की तस्करी ग्रामीण क्षेत्रों से हो रही है। भिवानी और आसपास के जिले 70 किलोमीटर दूरी तक पड़ोसी राज्य के साथ लगते हैं। यहां के बेटे-बेटियों की शादी दोनों राज्यों में हुई है। राजस्थान में डीएपी खाद नहीं है, इसलिए प्रदेश के लोग अपने राजस्थान के रिश्तेदारों को खाद दे रहे हैं। खाद के कट्टे-दो कट्टों की आपूर्ति मोटरसाइकिल के जरिये हो रही है।

विज्ञापन


कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बुधवार को यहां पत्रकारवार्ता में खाद तस्करी की बात स्वीकार की, जबकि खाद संकट को पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर-ट्राली में खाद की तस्करी को रोका है। नाकेबंदी सीमा पर की गई है, लेकिन रिश्तेदारों में खाद का थोड़ा बहुत आदान-प्रदान हो रहा है। किसान डीएपी की जगह स्वदेशी खाद अपनाएं। प्रदेश में दोनों खाद के एक करोड़ बैग की जरूरत होती है। इसे गाय के गोबर से भी पूरा कर सकते हैं। पिंजौर में दो टन जैविक खाद का उत्पादन शुरू हो चुका है। केंद्र से इसमें सहयोग का आग्रह करेंगे।
विज्ञापन


दलाल ने कहा, प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और न निकट भविष्य में रहेगी। केंद्र सरकार से डीएपी खाद के 6 रैक जल्द ही प्रदेश को मिलेंगे। किसान अपनी अगली फसल की तैयारी करें, उन्हें किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है। जैविक खाद का उपयोग करने वाले किसानों को बाजार में फसलों, सब्जियों के अच्छे रेट मिल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसानों को 6200 करोड़ की अदायगी
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश की मंडियों में अब तक 44.40 लाख एमटी धान आ चुका है, जिसमें से 43.61 लाख एमटी खरीदा है। 36.85 लाख एमटी धान मंडियों से उठाया जा चुका है। किसानों को 6200 करोड़ रुपये की अदायगी कर दी है। बासमती धान 25 अक्तूबर तक 4.68 लाख एमटी मंडियों में आया, जिसमें से 4.56 लाख एमटी खरीदा गया।

यह भी पढ़ें : ऐलनाबाद उपचुनाव: इशारे में राकेश टिकैत ने कही बड़ी बात, 6 महीने पहले जो झोला रखकर गया था, अब उसे वापस दे दो

कुल 11 लाख एमटी यूरिया की जरूरत

  • 2021-22 रबी फसलों के लिए कुल 11 लाख एमटी यूरिया की जरूरत। 
  • सरकार के पास आज तक कुल 2 लाख 60 हजार 056 एमटी यूरिया खाद उपलब्ध।
  • अब तक 90 हजार एमटी से अधिक खाद किसानों को दी।
  • पिछले वर्ष एक अक्तूबर से 27 अक्तूूबर 2020 तक 66 हजार 345 एमटी यूरिया खाद किसानों को दी गई।

3 लाख एमटी डीएपी की आवश्यकता

  • 2021-22 रबी फसलों के लिए कुल 3 लाख एमटी डीएपी की जरूरत
  • सरकार के पास अब तक एक लाख 38 हजार 356 एमटी डीएपी खाद उपलब्ध
  • अब तक एक लाख 10 हजार 185 एमटी डीएपी खाद किसानों को दी।
  • पिछले वर्ष एक अक्तूबर से 27 अक्तूबर 2020 तक एक लाख 3 हजार 72 एमटी डीएपी खाद किसानों को दी गई


एक लाख एमटी एसएसपी खाद चाहिए

  • 2021-22 की रबी फसलों के लिए कुल एक लाख एमटी एसएसपी या सुपर फास्फेट खाद की जरूरत
  • सरकार के पास अब तक 75 हजार 886 एमटी उपलब्ध
  • अब तक 39 हजार 975 एमटी एसएसपी खाद किसानों को दी
  • पिछले वर्ष एक अक्तूबर से 27 अक्तूबर 2020 तक 13 हजार 380 एमटी एसएसपी खाद किसानों को दी गई


एनपीके खाद की बेहद कम जरूरत

  • 2021-22 की रबी फसलों के लिए एनपीके खाद की कुल 0.50 एमटी की जरूरत
  • सरकार के पास 20 हजार 937 एमटी एनपीके खाद की उपलब्धता
  • अब तक 14 हजार 202 एमटी एनपीके खाद किसानों को दी
  • पिछले वर्ष एक अक्तूूबर से 27 अक्तूबर 2020 तक 2 हजार 648 एमटी एनपीके खाद किसानों को दी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed