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Karnal News: अब भी कोविड एंबुलेंस पर तैनात हैं चालक, रोडवेज सेवा प्रभावित
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- डिपो में नई बसें आने पर हो रही चालकों की कमी, लगाए गए थे 15 चालक
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कोरोना की तीसरी लहर खत्म हुए डेढ़ साल से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन करनाल रोडवेज के 15 चालक अभी तक स्वास्थ्य विभाग की खड़ी कोविड एंबुलेंस पर ही ड्यूटी कर रहे हैं। इधर, चालकों की कमी के कारण रोडवेज की कई मार्गों पर बस सेवा प्रभावित है। महकमे में बसों की संख्या बढ़ने के बाद अब चालकों की कमी महसूस हो रही है, लेकिन बार-बार पत्र लिखने के बाद भी पंचकूला स्वास्थ्य विभाग रोडवेज के चालकों को वापस नहीं भेज रहा है। विभाग का दावा है कि चालकों के वापस आते ही 30 से ज्यादा मार्गों पर परिवहन सेवा बढ़ेगी।
विदित हो कि एक जनवरी 2022 को करनाल डिपो के 51 बस चालकों को एंबुलेंस चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग में भेजा गया था। इन चालकों की करनाल, पानीपत, यमुनानगर और पंचकूला जिले में ड्यूटी लगाई थी। अन्य सभी जिलों से चालक विभाग के पास वापस आ गए हैं, लेकिन पंचकूला स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक 15 चालकों को वापस नहीं भेजा है। जबकि कोरोना के समय में लगी पाबंधियों को सरकार ने तीन माह बाद हटा दिया था। वर्तमान में रोडवेज के बेड़े में बसों की संख्या भी 151 हो गई है। ब्यूरो
चालकों को इमरजेंसी में भी छुट्टी लेने में परेशानी
करनाल डिपो में कुल 280 चालक हैं, जो रोडवेज की 151 बसों का संचालन करते हैं। 280 में से 15 चालक एंबुलेंस ड्यूटी पर हैं। इसके अलावा कुछ चालकों को विभागीय कार्य में भी लगाया हुआ है। ऐसे में चालकों का कहना है कि 51 चालकों के जाने से उनका शेड्यूल भी बिगड़ा था, अभी तक 15 चालक वापस नहीं आए। ऐसे में वे जरूरत के समय में या इमरजेंसी होने पर छुट्टी भी नहीं ले पाते हैं। कुछ मार्गों पर टाइम भी मिस किए गए हैं।
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बसों की संख्या 40 बढ़ी
जनवरी 2022 में जब 51 चालक स्वास्थ्य विभाग में गए थे, उस समय करना डिपो में बसों की संख्या भी करीब 110 थी। जोकि अब बढ़कर 151 हो गई है और अगले दो माह में 31 बसें और आ जाएंगी। ऐसे में चालकों की कमी के कारण रोटेशन बनाने में व सभी मार्गों पर बसों का संचालन करने में भी दिक्कत आएगी। हालांकि पिछले दिनों बसों की संख्या घटकर 80 रहने से विभाग को चालकों की कमी नहीं खली। लेकिन भविष्य में और दिक्कत बढ़ सकती है।
हर मार्ग पर बेहतर बस सर्विस देने का प्रयास कर रहे हैं। पहली जनवरी 2022 को 51 चालकों को स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस ड्यूटी पर भेजा था, इनमें से अभी तक 15 चालक अभी तक पंचकूला स्वास्थ्य विभाग से वापस नहीं लौटे। इससे कुछ मार्ग पर समयसारिणी प्रभावित भी है। विभाग से भी पत्राचार किया है। चालकों के वापस आते हैं, प्रभावित मार्गों पर बस सेवा बढ़ेगी।
- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक, करनाल डिपो
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कोरोना की तीसरी लहर खत्म हुए डेढ़ साल से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन करनाल रोडवेज के 15 चालक अभी तक स्वास्थ्य विभाग की खड़ी कोविड एंबुलेंस पर ही ड्यूटी कर रहे हैं। इधर, चालकों की कमी के कारण रोडवेज की कई मार्गों पर बस सेवा प्रभावित है। महकमे में बसों की संख्या बढ़ने के बाद अब चालकों की कमी महसूस हो रही है, लेकिन बार-बार पत्र लिखने के बाद भी पंचकूला स्वास्थ्य विभाग रोडवेज के चालकों को वापस नहीं भेज रहा है। विभाग का दावा है कि चालकों के वापस आते ही 30 से ज्यादा मार्गों पर परिवहन सेवा बढ़ेगी।
विदित हो कि एक जनवरी 2022 को करनाल डिपो के 51 बस चालकों को एंबुलेंस चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग में भेजा गया था। इन चालकों की करनाल, पानीपत, यमुनानगर और पंचकूला जिले में ड्यूटी लगाई थी। अन्य सभी जिलों से चालक विभाग के पास वापस आ गए हैं, लेकिन पंचकूला स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक 15 चालकों को वापस नहीं भेजा है। जबकि कोरोना के समय में लगी पाबंधियों को सरकार ने तीन माह बाद हटा दिया था। वर्तमान में रोडवेज के बेड़े में बसों की संख्या भी 151 हो गई है। ब्यूरो
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चालकों को इमरजेंसी में भी छुट्टी लेने में परेशानी
करनाल डिपो में कुल 280 चालक हैं, जो रोडवेज की 151 बसों का संचालन करते हैं। 280 में से 15 चालक एंबुलेंस ड्यूटी पर हैं। इसके अलावा कुछ चालकों को विभागीय कार्य में भी लगाया हुआ है। ऐसे में चालकों का कहना है कि 51 चालकों के जाने से उनका शेड्यूल भी बिगड़ा था, अभी तक 15 चालक वापस नहीं आए। ऐसे में वे जरूरत के समय में या इमरजेंसी होने पर छुट्टी भी नहीं ले पाते हैं। कुछ मार्गों पर टाइम भी मिस किए गए हैं।
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बसों की संख्या 40 बढ़ी
जनवरी 2022 में जब 51 चालक स्वास्थ्य विभाग में गए थे, उस समय करना डिपो में बसों की संख्या भी करीब 110 थी। जोकि अब बढ़कर 151 हो गई है और अगले दो माह में 31 बसें और आ जाएंगी। ऐसे में चालकों की कमी के कारण रोटेशन बनाने में व सभी मार्गों पर बसों का संचालन करने में भी दिक्कत आएगी। हालांकि पिछले दिनों बसों की संख्या घटकर 80 रहने से विभाग को चालकों की कमी नहीं खली। लेकिन भविष्य में और दिक्कत बढ़ सकती है।
हर मार्ग पर बेहतर बस सर्विस देने का प्रयास कर रहे हैं। पहली जनवरी 2022 को 51 चालकों को स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस ड्यूटी पर भेजा था, इनमें से अभी तक 15 चालक अभी तक पंचकूला स्वास्थ्य विभाग से वापस नहीं लौटे। इससे कुछ मार्ग पर समयसारिणी प्रभावित भी है। विभाग से भी पत्राचार किया है। चालकों के वापस आते हैं, प्रभावित मार्गों पर बस सेवा बढ़ेगी।
- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक, करनाल डिपो