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सिविल सर्विस में छाए करनाल के दो होनहार
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
Updated Thu, 12 Jun 2014 11:55 PM IST
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करनाल के दो होनहारों ने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में परचम लहराया
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है। डीजीपी होमगार्ड लायक राम डबास के पुत्र सुदीप डबास और करनाल रेंज के
आईजी बलबीर सिंह की बेटी टोरूल रविश ने यह परीक्षा पास की।
परीक्षा का परिणाम आते ही दोनों के घर पर बधाई देने वालों को तांता लग गया। सुदीप डबास की पत्नी भारती डबास करनाल में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं। टोरूल मेरठ रोड करनाल स्थित अपने पिता के आवास और सुदीप मधुबन पुलिस अकादमी स्थित अपने पिता के आवास में रहते हैं।
यूपीएससी में 298 रैंकिंग पाने वाली टोरूल रविश एमबीए में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की है और गुड़गांव से एमबीए फाइनेंस। टोरूल ने बताया कि वह शुरू से ही अपने पिता बलबीर सिंह की तरफ देश सेवा का जज्बा रखती हैं और यह कामना उनकी अब पूरी हुई है। 28 वर्षीय टोरूल अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देती हैं।
वे भी अपने पिता की तरह आईपीएस बनना चाहती हैं। परीक्षा पास करने के लिए टोरूल ने दिन-रात पढ़ाई की। मुकाम हासिल करने के लिए दृढ़ निश्चय किया और मेहनत के बूते मंजिल हासिल कर ली। 338वीं रैंकिंग पाने वाले सुदीप डबास अपने पिता लायक राम डबास की तरह पुलिस अधिकारी बन देश सेवा करना चाहते हैं।
28 वर्षीय सुदीप ने आईआईटी गाजियाबाद से एमबीए फाइनेंस और मुरथल से बैचलर ऑफ आर्ट्स में इंजीनियरिंग की है। उन्होंने भी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है।
परीक्षा का परिणाम आते ही दोनों के घर पर बधाई देने वालों को तांता लग गया। सुदीप डबास की पत्नी भारती डबास करनाल में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं। टोरूल मेरठ रोड करनाल स्थित अपने पिता के आवास और सुदीप मधुबन पुलिस अकादमी स्थित अपने पिता के आवास में रहते हैं।
यूपीएससी में 298 रैंकिंग पाने वाली टोरूल रविश एमबीए में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की है और गुड़गांव से एमबीए फाइनेंस। टोरूल ने बताया कि वह शुरू से ही अपने पिता बलबीर सिंह की तरफ देश सेवा का जज्बा रखती हैं और यह कामना उनकी अब पूरी हुई है। 28 वर्षीय टोरूल अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देती हैं।
वे भी अपने पिता की तरह आईपीएस बनना चाहती हैं। परीक्षा पास करने के लिए टोरूल ने दिन-रात पढ़ाई की। मुकाम हासिल करने के लिए दृढ़ निश्चय किया और मेहनत के बूते मंजिल हासिल कर ली। 338वीं रैंकिंग पाने वाले सुदीप डबास अपने पिता लायक राम डबास की तरह पुलिस अधिकारी बन देश सेवा करना चाहते हैं।
28 वर्षीय सुदीप ने आईआईटी गाजियाबाद से एमबीए फाइनेंस और मुरथल से बैचलर ऑफ आर्ट्स में इंजीनियरिंग की है। उन्होंने भी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है।