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16 तक दस्तावेज सत्यापित होंगे, फीस जमा करा दाखिला लें विद्यार्थी
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आईटीआई में दाखिले के लिए जिन विद्यार्थियों का पहली मेरिट लिस्ट में नाम आया है, उनके लिए राहत भरी खबर है। वे 16 तक अपने दस्तावेज सत्यापित करा सकते हैं। इसके तुरंत बाद वे फीस भरकर वे संस्थान में दाखिला ले सकेंगे। दशहरा की छुट्टी के दिन भी शुक्रवार को आईटीआई खुलेगी, शाम तक दस्तावेज सत्यापन का कार्य होगा। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के संयुक्त निदेशक ने इसके लिए पत्र जारी कर सक सभी आईटीआई संस्थानों को निर्देश दिए हैं। इससे विद्यार्थियों को खासी राहत मिली है।
पहले सिर्फ 14 अक्तूबर तक ही दस्तावेज सत्यापित करने के निर्देश थे। वहीं अब तक हुई दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में यह भी सामने आया है कि कई विद्यार्थियों के मेरिट व मूल प्रमाण पत्रों में दर्शाए गए अंकों में भिन्नता है। डिजिलॉकर से लिए गए डाटा अनुसार पोर्टल द्वारा छह विषयों में से प्रतिशतता निकाली गई है। जबकि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मूल प्रमाण पत्रों में बोर्ड द्वारा अधिकतम अंकों वाले पांच विषयों में से प्रतिशतता निकाली गई है। यदि प्रार्थी ऐसे मामले को संस्थान की जानकारी में देते हैं और वे आवंटित सीट लेना चाहता है तो उसकी सहमति लेकर ही उन्हें दाखिला दिया जाएगा।
वहीं अंकों की भिन्नता मामले के विद्यार्थी यदि प्रथम काउंसलिंग में आंवटित सीट पर दाखिला नहीं लेना चाहते, तो उसके फार्म को आनलाइन रिजेक्ट करते हुए संस्थान की कमेटियों द्वारा कारण अंकित किया जाएगा। ताकि आगामी काउंसिलिंग से पहले पोर्टल पर त्रुटि दूर की जा सके। ऐसे विद्यार्थियों के आवेदन रिजेक्ट होने पर आगामी काउंसिलिंग में भाग लेने के लिए 500 और 250 रुपये की जुर्माना फीस नहीं लगेगी।
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अंकों में भिन्नता वाले मामलों की रिपोर्ट संस्थान की ओर से 16 अक्तूबर तक विभाग को भेजी जाएगी, ताकि विद्यार्थी अगली काउंसिलिंग में हिस्सा ले सकें। दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया 16 तक चलेगी। सत्यापन के बाद फीस जमा कराना जरूरी है। अन्यथा दाखिला मान्य नहीं होगा। - धर्मेंद्र सिंह, प्रिंसिपल, आईटीआई
कॉलेजों ने उठाई पोर्टल दोबारा खोलने की मांग
करनाल। स्नातक की दाखिला प्रक्रिया 13 अक्तूबर को खत्म हो चुकी है। लेकिन कॉलेजों के कुछ कोर्स में अब भी सीटें खाली हैं। ऐसे में शहर के कॉलेजों की ओर से ओपन फिजिकल काउंसिलिंग के लिए दोबारा पोर्टल खोलने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग से मांग की गई है, ताकि खाली सीटों पर दाखिला दिया जा सके। शहर के सबसे बड़े पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कुल 10 प्रतिशत सीटें अभी खाली हैं। ब्यूरो
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पहले सिर्फ 14 अक्तूबर तक ही दस्तावेज सत्यापित करने के निर्देश थे। वहीं अब तक हुई दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में यह भी सामने आया है कि कई विद्यार्थियों के मेरिट व मूल प्रमाण पत्रों में दर्शाए गए अंकों में भिन्नता है। डिजिलॉकर से लिए गए डाटा अनुसार पोर्टल द्वारा छह विषयों में से प्रतिशतता निकाली गई है। जबकि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मूल प्रमाण पत्रों में बोर्ड द्वारा अधिकतम अंकों वाले पांच विषयों में से प्रतिशतता निकाली गई है। यदि प्रार्थी ऐसे मामले को संस्थान की जानकारी में देते हैं और वे आवंटित सीट लेना चाहता है तो उसकी सहमति लेकर ही उन्हें दाखिला दिया जाएगा।
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वहीं अंकों की भिन्नता मामले के विद्यार्थी यदि प्रथम काउंसलिंग में आंवटित सीट पर दाखिला नहीं लेना चाहते, तो उसके फार्म को आनलाइन रिजेक्ट करते हुए संस्थान की कमेटियों द्वारा कारण अंकित किया जाएगा। ताकि आगामी काउंसिलिंग से पहले पोर्टल पर त्रुटि दूर की जा सके। ऐसे विद्यार्थियों के आवेदन रिजेक्ट होने पर आगामी काउंसिलिंग में भाग लेने के लिए 500 और 250 रुपये की जुर्माना फीस नहीं लगेगी।
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अंकों में भिन्नता वाले मामलों की रिपोर्ट संस्थान की ओर से 16 अक्तूबर तक विभाग को भेजी जाएगी, ताकि विद्यार्थी अगली काउंसिलिंग में हिस्सा ले सकें। दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया 16 तक चलेगी। सत्यापन के बाद फीस जमा कराना जरूरी है। अन्यथा दाखिला मान्य नहीं होगा। - धर्मेंद्र सिंह, प्रिंसिपल, आईटीआई
कॉलेजों ने उठाई पोर्टल दोबारा खोलने की मांग
करनाल। स्नातक की दाखिला प्रक्रिया 13 अक्तूबर को खत्म हो चुकी है। लेकिन कॉलेजों के कुछ कोर्स में अब भी सीटें खाली हैं। ऐसे में शहर के कॉलेजों की ओर से ओपन फिजिकल काउंसिलिंग के लिए दोबारा पोर्टल खोलने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग से मांग की गई है, ताकि खाली सीटों पर दाखिला दिया जा सके। शहर के सबसे बड़े पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कुल 10 प्रतिशत सीटें अभी खाली हैं। ब्यूरो