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डॉक्टर दंपती की जमानत खारिज
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नवजात शिशु को गोद लेने के मामले में गिरफ्तार मेरठ निवासी दंपती की रविवार को जमानत याचिका खारिज हो गई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने दंपती को निर्दोष बताते जहां अपना पक्ष रखा वहीं जांच अधिकारी द्वारा पुलिस का पक्ष प्रस्तुत किया गया। जमानत याचिका का विरोध करते जांच अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार दंपती पर कथित धोखाधड़ी एवं आपराधिक साजिश के तहत बच्चे का अपहरण करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। जमानत से जांच प्रभावित हो सकती है।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दंपती की जमानत याचिका खारिज कर दी। बिहार के छपरा क्षेत्र निवासी ज्योति ने पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत में आरोप लगाया था कि उसकी सहेली का मेरठ के चिकित्सक दंपती के पास पहले से उपचार चल रहा था। इस कारण दंपती से उसकी भी पहचान हो गई। 14 सितंबर 2020 को उसने जब कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में बेटे को जन्म दिया तो चिकित्सक दंपती के रिश्तेदार अन्य एक दंपती उससे मिलने करनाल आ गए। जो मात्र 4 दिन के मासूम का इलाज करवाने के नाम पर मेरठ ले गए। बच्चा ले जाते समय कुछ कोरे कागजों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। कुछ दिन बाद जब उसने बच्चे को वापस मांगा तो इस दंपती ने साफ इंकार कर दिया। आरोपी दंपती का कहना था कि उन्होंने ज्योति की स्वेच्छा से बच्चे को गोद लिया है। वह बच्चा वापस नहीं देंगे। इसके बाद ज्योति ने पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया को शिकायत देकर बच्चा वापस दिलाने एवं कथित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई।
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न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दंपती की जमानत याचिका खारिज कर दी। बिहार के छपरा क्षेत्र निवासी ज्योति ने पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत में आरोप लगाया था कि उसकी सहेली का मेरठ के चिकित्सक दंपती के पास पहले से उपचार चल रहा था। इस कारण दंपती से उसकी भी पहचान हो गई। 14 सितंबर 2020 को उसने जब कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में बेटे को जन्म दिया तो चिकित्सक दंपती के रिश्तेदार अन्य एक दंपती उससे मिलने करनाल आ गए। जो मात्र 4 दिन के मासूम का इलाज करवाने के नाम पर मेरठ ले गए। बच्चा ले जाते समय कुछ कोरे कागजों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। कुछ दिन बाद जब उसने बच्चे को वापस मांगा तो इस दंपती ने साफ इंकार कर दिया। आरोपी दंपती का कहना था कि उन्होंने ज्योति की स्वेच्छा से बच्चे को गोद लिया है। वह बच्चा वापस नहीं देंगे। इसके बाद ज्योति ने पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया को शिकायत देकर बच्चा वापस दिलाने एवं कथित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई।
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