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Karnal News: जिला अदालत ने नशे के 204 में से 178 मामलों में सुनाई सजा
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- एडीजे डॉ. गर्ग की कोर्ट ने 51 केसों में 60 नशा तस्करों को सुनाई सजा
- वर्षभर में नशा संबंधी मामलों में सजा सुनाने औसत रहा 87.25 प्रतिशत
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। समाज में पनपते नशे के खिलाफ हरियाणा सरकार और अदालतों का रुख भी काफी सख्त नजर आ रहा है। सरकार प्रदेश को नशा मुक्त बनाने एवं समाज को नशे की लत से छुटकारा दिलाने के उद्देश्य से नशा कानूनों को सख्ती से लागू कर रही है। इस दिशा में एनडीपीएस एक्ट की वार्षिक रिपोर्ट में करनाल जिले का नशा संबंधी मामलों में सजा सुनाने का औसत 87.25 प्रतिशत रहा है।
एनडीपीएस एक्ट की जनवरी से दिसंबर 2024 वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार अतिरिक्त जिला सत्र एवं न्यायाधीश डॉ. सुशील गर्ग ने इस दौरान 51 एनडीपीसी एक्ट से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए सभी 60 आरोपियों को सजा सुनाई है। 51 केसों में सजा सुनाने से उनका औसतन शत-प्रतिशत रहा है। इसके अलावा एडीजे रजनीश कुमार ने 23 में से 16 केसों में, एडीजे अनिल कुमार ने 44 में से 38 केसों में, एडीजे मोहित अग्रवाल ने 47 में से 41 केसों में, एडीजे रजनीश कुमार ने 35 में से 31 केसों में व एडीजे राम अवतार पारीक ने 2 में 1 केस में सजा सुनाई गई है। यह सभी मामले मध्यम व अधिक मात्रा में आरोपियों से मिले मादक पदार्थों के एनडीपीसी एक्ट के थे, जो अदालतों में विचाराधीन चल रहे थे। जिसमें वार्षिक रिपोर्ट 2024 अनुसार 178 केसो में सें 220 आरोपियों को सजा सुनाई गई है। यह सभी मामले एडीजे कोर्ट में विचाराधीन थे।
बाक्स
सीबीआई जज रह चुके है डॉ. गर्ग
अतिरिक्त सेशन जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने एनडीपीसी एक्ट के मामलों में 51 में से 51 केसों में सजा सुनाई है। उनकी एडीजे पद पर सीधे तौर पर नियुक्ति हुई है। डॉ. गर्ग का नाम साहसिक निर्णय, ईमानदारी व अपने कार्य के प्रति निष्ठा भाव के लिए जाना जाता है। इसी के चलते उनकी पूर्व में सीबीआई जज चंडीगढ़ व पंचकूला में नियुक्ति रही है।
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सीबीआई के जज रहते हुए उन्होंने रणजीत हत्याकांड मामले में गुरमीत राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा कर चुके हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा को सोनीपत बम बलास्ट में भी आजीवन कारावास की सजा का फैसला सुना चुके हैं। यहीं नहीं डॉ. गर्ग ने रेवाड़ी, एडीजे रहते हुए झोटा गैंग, आलू गैंग व कौशल गैंग के आरोपियों को भी सजा सुनाई है।
सरकार व उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देशों अनुसार एनडीपीसी एक्ट नशा संबंधी मामलों में जिला को नशा मुक्त करने का प्रयास जारी है। कोर्ट में गवाहों व सबूतों को हमारे सरकारी वकीलों के द्वारा ठोस मजबूती के साथ पेश करते हुए आरोपियों को अधिक से अधिक सजा दिलाने का उद्देश्य रहता है। सजा के प्रावधान से नशे के कारोबार से संलिप्त लोगों को भी यह संदेश पहुंचाया जा रहा है कि इस कारोबार में संलिप्त होना सलाखों के पीछे पहुंचना है।
डॉ. पंकज सैनी, उप-निदेशक, अभियोजन एवं जिला न्यायवादी करनाल।
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- वर्षभर में नशा संबंधी मामलों में सजा सुनाने औसत रहा 87.25 प्रतिशत
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। समाज में पनपते नशे के खिलाफ हरियाणा सरकार और अदालतों का रुख भी काफी सख्त नजर आ रहा है। सरकार प्रदेश को नशा मुक्त बनाने एवं समाज को नशे की लत से छुटकारा दिलाने के उद्देश्य से नशा कानूनों को सख्ती से लागू कर रही है। इस दिशा में एनडीपीएस एक्ट की वार्षिक रिपोर्ट में करनाल जिले का नशा संबंधी मामलों में सजा सुनाने का औसत 87.25 प्रतिशत रहा है।
एनडीपीएस एक्ट की जनवरी से दिसंबर 2024 वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार अतिरिक्त जिला सत्र एवं न्यायाधीश डॉ. सुशील गर्ग ने इस दौरान 51 एनडीपीसी एक्ट से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए सभी 60 आरोपियों को सजा सुनाई है। 51 केसों में सजा सुनाने से उनका औसतन शत-प्रतिशत रहा है। इसके अलावा एडीजे रजनीश कुमार ने 23 में से 16 केसों में, एडीजे अनिल कुमार ने 44 में से 38 केसों में, एडीजे मोहित अग्रवाल ने 47 में से 41 केसों में, एडीजे रजनीश कुमार ने 35 में से 31 केसों में व एडीजे राम अवतार पारीक ने 2 में 1 केस में सजा सुनाई गई है। यह सभी मामले मध्यम व अधिक मात्रा में आरोपियों से मिले मादक पदार्थों के एनडीपीसी एक्ट के थे, जो अदालतों में विचाराधीन चल रहे थे। जिसमें वार्षिक रिपोर्ट 2024 अनुसार 178 केसो में सें 220 आरोपियों को सजा सुनाई गई है। यह सभी मामले एडीजे कोर्ट में विचाराधीन थे।
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सीबीआई जज रह चुके है डॉ. गर्ग
अतिरिक्त सेशन जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने एनडीपीसी एक्ट के मामलों में 51 में से 51 केसों में सजा सुनाई है। उनकी एडीजे पद पर सीधे तौर पर नियुक्ति हुई है। डॉ. गर्ग का नाम साहसिक निर्णय, ईमानदारी व अपने कार्य के प्रति निष्ठा भाव के लिए जाना जाता है। इसी के चलते उनकी पूर्व में सीबीआई जज चंडीगढ़ व पंचकूला में नियुक्ति रही है।
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सीबीआई के जज रहते हुए उन्होंने रणजीत हत्याकांड मामले में गुरमीत राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा कर चुके हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा को सोनीपत बम बलास्ट में भी आजीवन कारावास की सजा का फैसला सुना चुके हैं। यहीं नहीं डॉ. गर्ग ने रेवाड़ी, एडीजे रहते हुए झोटा गैंग, आलू गैंग व कौशल गैंग के आरोपियों को भी सजा सुनाई है।
सरकार व उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देशों अनुसार एनडीपीसी एक्ट नशा संबंधी मामलों में जिला को नशा मुक्त करने का प्रयास जारी है। कोर्ट में गवाहों व सबूतों को हमारे सरकारी वकीलों के द्वारा ठोस मजबूती के साथ पेश करते हुए आरोपियों को अधिक से अधिक सजा दिलाने का उद्देश्य रहता है। सजा के प्रावधान से नशे के कारोबार से संलिप्त लोगों को भी यह संदेश पहुंचाया जा रहा है कि इस कारोबार में संलिप्त होना सलाखों के पीछे पहुंचना है।
डॉ. पंकज सैनी, उप-निदेशक, अभियोजन एवं जिला न्यायवादी करनाल।