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561 करोड़ किसानों को वितरित कराएं उपायुक्त
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करनाल। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेसिंग से उपायुक्तों की बैठक ली। इसमें उन्होंने कहा कि खरीफ 2021 की स्पेशल गिरदावरी में कपास, मूंग, धान, बाजरा और गन्ना की भारी बारिश से खराब हुई फसलों को लेकर प्रदेश सरकार ने विभिन्न जिलों को जनवरी माह में ही 561 करोड़ 11 लाख रुपये की सहायता राशि जारी की थी। सभी उपायुक्त इसे संबंधित किसानों में वितरित करना सुनिश्चित करें। इसके अलावा अप्रैल 2022 में जिन किसानों की फसलें आगजनी से नष्ट हो गई थी। उनकी रिपोर्ट को तत्काल मुख्यालय भिजवाएं।
उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि एसीएस ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमडीएमआईएस) की समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि आपदा का सही आंकलन अपडेट किया जाए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक एकीकृत आपदा डाटाबेस स्थापित किया, जिससे वास्तविक समय में डाटा पारदर्शिता और उपलब्धता में सुधार आएगा। केंद्र सरकार ने आपदा मित्र स्केलिंग नामक एक योजना लागू की जा रही है। जिसमें फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेवात, सोनीपत, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, पंचकूला और रेवाड़ी आदि आठ जिलों का चयन किया गया है। यहां सामुदायिक स्वयं सेवकों का चयन करके उन्हें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने उपायुक्तों से कहा कि भारत सरकार ने भारत आपदा प्रतिक्रिया नेटवर्क (आईडीआरएन) पोर्टल प्रदान किया है, सभी जिले इस पोर्टल पर उपलब्ध उपकरण, कुशल मानव संसाधन तथा आपात स्थिति के लिए महत्वपूर्ण आपूर्ति को नियमित रूप से अपडेट करते रहें। कोविड-19 के दौरान जिन व्यक्तियों की मृत्यु हुई है, उनके परिजनों को 50 हजार रुपये प्रति मृतक अनुग्रह राशि प्रदान की जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रदेश के सभी तहसीलों और उप मंडलों के लिए 20 एमएम के 142 साधारण वर्षा मापक यंत्र 2020 में खरीदे गए थे। रोहतक, कुरुक्षेत्र, पानीपत, हिसार और करनाल में तो सही हैं, शेष जिले के उपायुक्त इनके रख-रखाव और कार्यकुशलता की रिपोर्ट भेजें। जल भराव की समस्या से निपटने के लिए सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलो में उपलब्ध पंप सेटों का निरीक्षण कर उनकी मरम्मत व रख-रखाव सुनिश्चित रखें।
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660 मृतकों के परिजनों को दिए 50-50 हजार रुपये
-उपायुक्त अनीश यादव ने एसीएस को बताया कि जिला में बाढ़ बचाव के 15 दीर्घावधि के कार्य शुरू किए गए थे। दो कार्य अल्पावधि के भी थे, जो यमुना नदी पर स्टडों की मरम्मत को लेकर थे, यह सभी पूरे कर लिए गए हैं। बारिश से जल भराव की समस्या नहीं है, फिर भी इस तरह की सूरत से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में डिवॉटरिंग पंप उपलब्ध हैं। जिले में जिन व्यक्तियों की कोविड से मृत्यु हुई थी, ऐसे 660 व्यक्तियों के परिजनों को 50 हजार रूपये प्रति केस आर्थिक सहायता राशि वितरित की गई है। दूसरी ओर इस अवधि के बाद जिन व्यक्तियों की मृत्यु हुई है, वह भी एक्सग्रेसिया सहायता लाभ लेने के लिए 90 दिन के अंदर-अंदर आवेदन कर सकते हैं। वीसी में जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के जिला परियोजना प्रबंधक शब्द दयाल भी मौजूद रहे।
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उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि एसीएस ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमडीएमआईएस) की समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि आपदा का सही आंकलन अपडेट किया जाए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक एकीकृत आपदा डाटाबेस स्थापित किया, जिससे वास्तविक समय में डाटा पारदर्शिता और उपलब्धता में सुधार आएगा। केंद्र सरकार ने आपदा मित्र स्केलिंग नामक एक योजना लागू की जा रही है। जिसमें फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेवात, सोनीपत, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, पंचकूला और रेवाड़ी आदि आठ जिलों का चयन किया गया है। यहां सामुदायिक स्वयं सेवकों का चयन करके उन्हें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने उपायुक्तों से कहा कि भारत सरकार ने भारत आपदा प्रतिक्रिया नेटवर्क (आईडीआरएन) पोर्टल प्रदान किया है, सभी जिले इस पोर्टल पर उपलब्ध उपकरण, कुशल मानव संसाधन तथा आपात स्थिति के लिए महत्वपूर्ण आपूर्ति को नियमित रूप से अपडेट करते रहें। कोविड-19 के दौरान जिन व्यक्तियों की मृत्यु हुई है, उनके परिजनों को 50 हजार रुपये प्रति मृतक अनुग्रह राशि प्रदान की जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रदेश के सभी तहसीलों और उप मंडलों के लिए 20 एमएम के 142 साधारण वर्षा मापक यंत्र 2020 में खरीदे गए थे। रोहतक, कुरुक्षेत्र, पानीपत, हिसार और करनाल में तो सही हैं, शेष जिले के उपायुक्त इनके रख-रखाव और कार्यकुशलता की रिपोर्ट भेजें। जल भराव की समस्या से निपटने के लिए सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलो में उपलब्ध पंप सेटों का निरीक्षण कर उनकी मरम्मत व रख-रखाव सुनिश्चित रखें।
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660 मृतकों के परिजनों को दिए 50-50 हजार रुपये
-उपायुक्त अनीश यादव ने एसीएस को बताया कि जिला में बाढ़ बचाव के 15 दीर्घावधि के कार्य शुरू किए गए थे। दो कार्य अल्पावधि के भी थे, जो यमुना नदी पर स्टडों की मरम्मत को लेकर थे, यह सभी पूरे कर लिए गए हैं। बारिश से जल भराव की समस्या नहीं है, फिर भी इस तरह की सूरत से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में डिवॉटरिंग पंप उपलब्ध हैं। जिले में जिन व्यक्तियों की कोविड से मृत्यु हुई थी, ऐसे 660 व्यक्तियों के परिजनों को 50 हजार रूपये प्रति केस आर्थिक सहायता राशि वितरित की गई है। दूसरी ओर इस अवधि के बाद जिन व्यक्तियों की मृत्यु हुई है, वह भी एक्सग्रेसिया सहायता लाभ लेने के लिए 90 दिन के अंदर-अंदर आवेदन कर सकते हैं। वीसी में जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के जिला परियोजना प्रबंधक शब्द दयाल भी मौजूद रहे।
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