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डेंगू का खतरा बढ़ा, प्लेटलेट्स की मांग 100 से पार, नहीं मिल रहे डोनर
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राकेश चौहान
करनाल। जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने से प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। हर रोज 100 से ज्यादा प्लेटलेट्स यूनिट की शहर में खपत हो रही है। ऐसे में कर्ण नगरी में रक्तदाताओं की भी कमी हो गई है। इसकी वजह से मरीजों के तीमारदारों को दूसरे जिलों से प्लेटलेट्स की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
जिले में छह ब्लड बैंक है। इनमें नागरिक अस्पताल, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलावा चार ब्लड बैंक प्राइवेट हैं। नागरिक अस्पताल की बात करें तो यहां हर रोज करीब 40 यूनिट की मांग आ रही है। यही हाल कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज का है। वहीं प्राइवेट ब्लड बैंकों में भी प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी है। इससे तीमारदार परेशान हो रहे हैं।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में डेंगू के 59 केस ही सामने आए हैं लेकिन प्राइवेट अस्पतालों की बात करें तो डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या इससे कई गुणा अधिक बताई जाती है। नागरिक व मेडिकल कॉलेज में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग इस ओर पूरा ध्यान दे रहा है। संभावना है कि प्लेटलेट्स की मांग और बढ़ सकती है।
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हरियाणा के लोगों के लिए मुफ्त प्लेटलेट्स
नागरिक अस्पताल व कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में दाखिल हरियाणा के निवासी डेंगू के मरीजों को निशुल्क प्लेटलेट्स दी जा रही है। इसके लिए मरीजों को सिर्फ रक्तदाता देना जरूरी है। एलाइजा टेस्ट में पॉजिटिव की रिपोर्ट भी जरूरी है। इसके अलावा यदि प्राइवेट अस्पताल में दाखिल मरीज के लिए प्लेटलेट्स चाहिए तो मेडिकल कॉलेज में रक्तदाता ले जाना होगा। तब प्लेटलेट्स की बड़ी यूनिट के लिए 8500 रुपये और छोटी यूनिट के लिए 300 रुपये चार्ज देने होंगे।
मेडिकल कॉलेज में एक मशीन है बंद
नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की छोटी यूनिट तैयार की जाती है। इसमें 5 हजार नंबर तक प्लेटलेट्स होती है। वहीं मेडिकल कॉलेज में दो मशीनों में एक खराब है। चल रही मशीन में एक तरफ रक्तदाता से रक्त लिया जाता है और उससे प्लेटलेट्स निकालकर रक्त को वापस उसी रक्तदाता को चढ़ा दिया जाता है। इस मशीन से प्लेटलेट्स की बड़ी यूनिट तैयार की जाती है। इसमें 25 से 30 हजार प्लेटलेट्स होते हैं। इसी के 8500 रुपये चार्ज लगते हैं। इसी प्रोसेस के प्राइवेट ब्लड बैंक में 11 हजार रुपये लिए जा रहे हैं।
रिस्क नहीं लेना चाहते प्राइवेट डॉक्टर
प्राइवेट अस्पताल में दाखिल संदिग्ध डेंगू मरीजों की 30-20 हजार प्लेटलेट्स होने पर भी प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही है। इसका कारण है कि प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर किसी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहते तो वहीं कुछ डॉक्टर परिजनों के दबाव में भी आ जाते हैं। इस कारण प्लेटलेट्स चढ़ा रहे हैं।
अमर उजाला की अपील...
जिस तरह डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है और प्लेटलेट्स की मांग भी बढ़ती जा रही है ऐसे में अमर उजाला सभी सामाजिक संस्थाओं से आग्रह करता है कि वह एकॉ-एक रक्तदान शिविर अवश्य लगाए ताकि प्लेटलेट्स को लेकर कर्ण नगरी में किसी मरीज को परेशानी न हो और साथ ही लोगों से भी अपील करता है कि वह भी बढ़-चढ़कर रक्तदान करें।
वर्ष मलेरिया डेंगू
2017 85 234
2018 17 106
2019 01 29
2020 02 93
2021 00 59
दस हजार या इससे कम प्लेटलेट्स होने पर खतरा
विभाग की गाइड लाइन के अनुसार, मरीज के रक्त में जब दस हजार या इससे कम प्लेटलेट्स रह जाती है तो तभी प्लेटलेट्स चढ़ाने के आदेश है लेकिन मौजूदा हालात में प्राइवेट अस्पतालों में 30 हजार प्लेटलेट्स पर भी प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही है। इस कारण प्लेटलेट्स की मांग बढ़ती जा रही है, रक्तदात की भी कमी पड़ रही है। लोगों को चाहिए कि वह बढ़कर चढ़कर रक्तदान करें।
संजय वर्मा, ब्लक बैंक इंचार्ज, नागरिक अस्पताल करनाल।
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करनाल। जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने से प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। हर रोज 100 से ज्यादा प्लेटलेट्स यूनिट की शहर में खपत हो रही है। ऐसे में कर्ण नगरी में रक्तदाताओं की भी कमी हो गई है। इसकी वजह से मरीजों के तीमारदारों को दूसरे जिलों से प्लेटलेट्स की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
जिले में छह ब्लड बैंक है। इनमें नागरिक अस्पताल, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलावा चार ब्लड बैंक प्राइवेट हैं। नागरिक अस्पताल की बात करें तो यहां हर रोज करीब 40 यूनिट की मांग आ रही है। यही हाल कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज का है। वहीं प्राइवेट ब्लड बैंकों में भी प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी है। इससे तीमारदार परेशान हो रहे हैं।
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हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में डेंगू के 59 केस ही सामने आए हैं लेकिन प्राइवेट अस्पतालों की बात करें तो डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या इससे कई गुणा अधिक बताई जाती है। नागरिक व मेडिकल कॉलेज में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग इस ओर पूरा ध्यान दे रहा है। संभावना है कि प्लेटलेट्स की मांग और बढ़ सकती है।
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हरियाणा के लोगों के लिए मुफ्त प्लेटलेट्स
नागरिक अस्पताल व कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में दाखिल हरियाणा के निवासी डेंगू के मरीजों को निशुल्क प्लेटलेट्स दी जा रही है। इसके लिए मरीजों को सिर्फ रक्तदाता देना जरूरी है। एलाइजा टेस्ट में पॉजिटिव की रिपोर्ट भी जरूरी है। इसके अलावा यदि प्राइवेट अस्पताल में दाखिल मरीज के लिए प्लेटलेट्स चाहिए तो मेडिकल कॉलेज में रक्तदाता ले जाना होगा। तब प्लेटलेट्स की बड़ी यूनिट के लिए 8500 रुपये और छोटी यूनिट के लिए 300 रुपये चार्ज देने होंगे।
मेडिकल कॉलेज में एक मशीन है बंद
नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की छोटी यूनिट तैयार की जाती है। इसमें 5 हजार नंबर तक प्लेटलेट्स होती है। वहीं मेडिकल कॉलेज में दो मशीनों में एक खराब है। चल रही मशीन में एक तरफ रक्तदाता से रक्त लिया जाता है और उससे प्लेटलेट्स निकालकर रक्त को वापस उसी रक्तदाता को चढ़ा दिया जाता है। इस मशीन से प्लेटलेट्स की बड़ी यूनिट तैयार की जाती है। इसमें 25 से 30 हजार प्लेटलेट्स होते हैं। इसी के 8500 रुपये चार्ज लगते हैं। इसी प्रोसेस के प्राइवेट ब्लड बैंक में 11 हजार रुपये लिए जा रहे हैं।
रिस्क नहीं लेना चाहते प्राइवेट डॉक्टर
प्राइवेट अस्पताल में दाखिल संदिग्ध डेंगू मरीजों की 30-20 हजार प्लेटलेट्स होने पर भी प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही है। इसका कारण है कि प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर किसी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहते तो वहीं कुछ डॉक्टर परिजनों के दबाव में भी आ जाते हैं। इस कारण प्लेटलेट्स चढ़ा रहे हैं।
अमर उजाला की अपील...
जिस तरह डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है और प्लेटलेट्स की मांग भी बढ़ती जा रही है ऐसे में अमर उजाला सभी सामाजिक संस्थाओं से आग्रह करता है कि वह एकॉ-एक रक्तदान शिविर अवश्य लगाए ताकि प्लेटलेट्स को लेकर कर्ण नगरी में किसी मरीज को परेशानी न हो और साथ ही लोगों से भी अपील करता है कि वह भी बढ़-चढ़कर रक्तदान करें।
वर्ष मलेरिया डेंगू
2017 85 234
2018 17 106
2019 01 29
2020 02 93
2021 00 59
दस हजार या इससे कम प्लेटलेट्स होने पर खतरा
विभाग की गाइड लाइन के अनुसार, मरीज के रक्त में जब दस हजार या इससे कम प्लेटलेट्स रह जाती है तो तभी प्लेटलेट्स चढ़ाने के आदेश है लेकिन मौजूदा हालात में प्राइवेट अस्पतालों में 30 हजार प्लेटलेट्स पर भी प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही है। इस कारण प्लेटलेट्स की मांग बढ़ती जा रही है, रक्तदात की भी कमी पड़ रही है। लोगों को चाहिए कि वह बढ़कर चढ़कर रक्तदान करें।
संजय वर्मा, ब्लक बैंक इंचार्ज, नागरिक अस्पताल करनाल।