फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Dedicate yourself to success: Neha

सफलता के लिए खुद को समर्पित करें : नेहा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Apr 2023 01:52 AM IST
विज्ञापन
Dedicate yourself to success: Neha
करनाल। ओलंपियन और भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी नेहा गोयल ने मंगलवार को राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान करनाल के छात्र-छात्राओं के साथ अपनी सफलता की कहानी को साझा कर उन्हें प्रेरित किया। नेहा यहां इंपॉसिबल टू आई एम पॉसिबल सफलता की कहानी के तहत बातचीत करने पहुंची थी।
विज्ञापन


उन्होंने संस्थान के शताब्दी वर्ष पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय डेयरी मेले में वॉलंटियर के लिए तैयार कराई गई टी-शर्ट का भी विमोचन किया। साथ ही कहा कि वह अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उसके लिए खुद को ईमानदारी से समर्पित करें, तभी लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे। पढ़ाई लिखाई सिर्फ किसी एक विषय या कॉपी किताबों व डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, कभी बच्चों के मन में कुछ अलग तरीके से विचार भी आ जाते हैं, कभी निराशा में मन में घर कर जाती है, ऐसे में उन्हें उन लोगों की सफलता की कहानियां प्रेरणा देती हैैं। ऐसी ही एक हॉकी खिलाड़ी नेहा गोयल को एनडीआरआई डीम्ड यूनिवर्सिटी ने जेंडर एडवांसमेंट फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंस्टीट्यूशंस और आईडीपी-एनएएचईपी (नहेप) परियोजना के तहत आमंत्रित कर विद्यार्थियों से सीधा संवाद कराया।
विज्ञापन


एनडीआरआई के निदेशक एवं कुलपति, डॉ. धीर सिंह ने कहा कि नेहा गोयल कड़ी मेहनत, जुनून और आत्मविश्वास की मिसाल हैं।
विद्यार्थियों के सवाल, ओलंपियन के जवाब
सवाल- खेल में रुचि कैसे हुई और मोटीवेशन कहां से मिला ?

जवाब- एक समय था, जब उसके पास अच्छे कपड़े, जूते नहीं थे। सहेली ने सलाह दी कि अच्छे जूते और कपड़े चाहिए तो किसी खेल टीम में शामिल होना होगा, वहां बहुत अच्छे कपड़े, जूते मिलते हैं। बाच समझ में आई तो ध्यान देना शुरू किया। खेलने गई तो वहां ड्रेस मिली। लेकिन जब खेल खेला और सराहना मिली तो उसने हौसला बढ़ाया। मन में एक सपना संजोया कि चाहे जो भी हो लेकिन वह भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व जरूर करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सवाल- आपने हॉकी को ही क्यों चुना और इस पर ध्यान केंद्रित कैसे करती है?

जवाब- पहली बात तो ये है कि मेरी लंबाई पांच फुट है, इसलिए किसी और खेल में जाने का सोचा ही नहीं। दूसरी बात ये है कि चाहे कोई छात्र या छात्रा हो, वह लगातार पढ़ाई करे तो भले ही कुछ देर के लिए ही सही लेकिन उसे बोझिलता महसूस होने लगती है। इसलिए यदि वह किसी दूसरे खेल या किसी अन्य गतिविधि में ध्यान लगा दे तो रिफ्रेश महसूस करता है, उसके बाद वह अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। ऐसा ही उसने भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed